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छोटे व्यापारियों को ‘राहत’ देने की तैयारी में मोदी सरकार

22 Jun 2019
किराना दुकान और रेस्टोरेंट खोलने कम होंगी मंज़ूरियां!

JUNE 22 (WTN) – लोकसभा चुनाव में प्रचण्ड जीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी अपने दूसरे कार्यकाल में देश की जनता की कठिनाइयां को कम करने की कोशिश में हैं। प्रधानमंत्री मोदी जानते हैं कि पूर्ण बहुमत वाली सरकार से जनता को काफ़ी उम्मीदें रहती हैं, इसलिए प्रधानमंत्री मोदी आने वाले पांच सालों में जनता को ऐसी सौगातें देना चाहते हैं, जिससे उनकी परेशानियां कम हो सकें।

अपने पहले कार्यकाल में प्रधानमंत्री मोदी ने कई ऐसे क़ानूनों को ख़त्म करने की वक़ालत की थी जो कि अनावश्यक थे और जिनके कारण आम जनता को बिना वजह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री मोदी अपने दूसरे कार्यकाल में अब व्यापारियों को होने वाली कुछ व्यवसायिक परेशानियां कम करने की तैयारी में हैं।

जैसा कि आप जानते हैं कि भारत में यदि किराने की दुकान या फ़िर रेस्टोरेंट खोलना हो तो तमाम तरह की मंज़ूरियां लेना पड़ती हैं। इन्हीं परेशानियों को देखते हुए और व्यापारियों को राहत देने के लिए मोदी सरकार अब किराने की दुकान और रेस्टोरेंट खोलने के लिए ज़रूरी मंज़ूरियों की संख्या कम करने पर विचार कर रही है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फ़िलहाल किराना स्टोर खोलने के लिए 28 मंज़ूरियों की ज़रूरत पड़ती है। सरकार की मंशा है कि इन तमाम तरह की मंज़ूरियों को कम करके एक सिंगल विंडो सिस्टम शुरू किया जाए, जिससे छोटे व्यापारियों को राहत मिल सके।

जैसा कि हमने आपको पहले बताया कि फ़िलहाल एक किराना स्टोर खोलने के लिए 28 क्लियरेंस की ज़रूरत पड़ती है। यदि आप किराना स्टोर खोलने जा रहे हैं तो आपको जीएसटी रजिस्ट्रेशन से लेकर गुमास्ता तक क़रीब 28 मंज़ूरियां लेना पड़ती हैं। वहीं एक रेस्टोरेंट खोलने के लिए 17 क्लियरेंस की ज़रूरत पड़ती है, जिसमें फायर सेफ्टी के लिए NOC से लेकर FSSAI और हेल्थ डिपार्टमेंट की क्लियरेंस शामिल हैं।

भारत की तुलना में अन्य देशों में किराने की दुकान खोलने या फ़िर रेस्टोरेंट खोलने के लिए काफ़ी कम क्लियरेंस की ज़रूरत पड़ती है। चीन और सिंगापुर जैसे देशों में रेस्टोरेंट खोलने के लिए सिर्फ़ चार मंज़ूरियों की ज़रुरत होती है। इसलिए इन देशों में व्यापार करना भारत की तुलना में आसान माना जाता है। इन देशों में व्यापार और व्यापारियों की स्थिति देखते हुए ही मोदी सरकार किराना दुकान और रेस्टोरेंट खोलने के लिए मंज़ूरियों की संख्या कम से कम करना चाह रही है।  

वहीं, व्यापारियों की सुविधा के लिए डिपार्टमेंट फ़ॉर प्रमोशन ऑफ़ इंडस्ट्री एंड रिटेल ट्रेड (DPIIT) लाइसेंस रिन्यू करने की प्रक्रिया ख़त्म करने पर विचार कर रहा है। कहा जा रहा है कि इस सबके पीछे उद्देश्य यह है कि क्लीयरेंस कम करने और लाइसेंस रिन्यू करने की प्रक्रिया ख़त्म करने से छोटे व्यापारियों को व्यापार करने में काफ़ी आसानी होगी।

दरअसल, देखा गया है कि तमाम तरह की मंज़ूरियों को लेने के लिए व्यापारियों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। वहीं मंज़ूरी मिलने के बाद उसे रिन्यू कराने में भी व्यापारियों का समय ख़राब होता है। छोटे व्यापारियों की इन्हीं परेशानियों को ध्यान में रखते हुए मोदी सरकार चाहती है कि दुकान या रेस्टोरेंट खोलने के लिए अनावश्यक मंज़ूरियों को कम किया जाए और जो ज़रूरी मंज़ूरियां हैं उन्हें रिन्यू करने की नौबत ना आए। यदि मोदी सरकार ऐसा करती है तो कहा जा सकता है कि इससे छोटे कारोबारियों को काफ़ी राहत मिलेगी।