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सावधान! व्हाट्सएप और टेलीग्राम की मीडिया फाइल्स हो सकती हैं हैक

17 Jul 2019
शोधकर्ताओं का दावा: व्हाट्सएप और टेलीग्राम की मीडिया फाइल्स नहीं हैं सुरक्षित!

JULY 17 (WTN) – जैसा कि आप जानते हैं कि व्हाट्सएप इस समय पूरी दुनिया में सबसे ज़्यादा लोकप्रिय इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप है। पूरी दुनिया में व्हाट्सएप के क़रीब 125 करोड़ यूज़र्स हैं। भारत में भी व्हाट्सएप की लोकप्रियता किसी से छिपी नहीं हैं। भारत जैसे विशाल जनसंख्या वाले देश में ही व्हाट्सएप के क़रीब 25 करोड़ यूज़र्स हैं। व्हाट्सएप की लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण है इसका एण्ड-टू-एण्ड एनक्रिप्शन फ़ीचर।
 
एण्ड-टू-एण्ड एनक्रिप्शन फ़ीचर के बारे में व्हाट्सएप का दावा है कि व्हाट्सएप में भेजे गये किसी भी मैसेज, वीडियो या ऑडियो को सिर्फ़ सेंडर और रिसीवर ही पढ़, देख और सुन सकते हैं। यानी कि व्हाट्सएप का दावा है कि उसके प्लेटफॉर्म पर यूज़र्स की प्राइवेसी और सिक्योरिटी पूरी तरह से सुरक्षित है। कुछ इसी तरह का दावा टेलीग्राम ऐप भी करता है कि उसके प्लेटफॉर्म में भेजे गये मैसेज पूरी तरह से सुरक्षित हैं।

लेकिन यदि हम आप से कहें कि व्हाट्सएप और टेलीग्राम के अपने यूज़र्स की प्राइवेसी और सिक्योरिटी के दावों पर सवाल खड़े हो रहे हैं तो पढ़कर आपको आश्चर्य हुआ होगा। दरअसल, कुछ शोधकर्ताओं के मुताबिक़ एण्ड-टू-एण्ड एनक्रिप्शन फ़ीचर के बावजूद भी व्हाट्सएप पर चैटिंग पूरी तरह से सिक्योर नहीं है। दरअसल, साइबर सिक्योरिटी से जुड़ी फर्म Symantec के शोधकर्ताओं के अनुसार, व्हाट्सएप और टेलीग्राम में सेव की गई फाइल्स पर भी अटैक हो सकता है।

इस बारे में शोधकर्ताओं का कहना है कि एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स यूज़र्स ऐप्स, मीडिया फाइल्स जैसे फ़ोटो, ऑडियो, वीडियो या अन्य फाइल को सेव करने के लिए इंटरनल या एक्सटर्नल स्टोरेज का इस्तेमाल करते हैं। व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे प्रचलित ऐप्स भी ऐसा ही करते हैं। यानी कि यूज़र्स इन ऐप्स पर आने वाली फाइल्स को जब डाउनलोड करते हैं तो यह फाइल्स फोन के ऑनबोर्ड स्टोरेज, या फिर माइक्रो SD कार्ड में सेव हो जाती हैं। ऐसी स्थिति में कोई भी हैकर मेमोरी कार्ड में मैलवेयर भेजकर इन मीडिया फाइल्स का एक्सेस हासिल कर सकता है। हालांकि, इंटरनल स्टोरेज सिर्फ़ उसी ऐप द्वारा ऐक्सेस किया जा सकता है, जबकि एक्सटर्नल स्टोरेज को दूसरे ऐप भी ऐक्सेस कर सकते हैं।
 
हैकर्स द्वारा किये गये इस तरह के अटैक को 'मीडिया फाइल जैकिंग' कहा जाता है। इस तरह की मीडिया फाइलों पर ऐक्सेस पाना किसी भी हैकर के लिए काफ़ी आसान है। इन फाइलों पर ऐक्सेस पाने के लिए किसी भी हैकर को सिर्फ़ एक मलीशस ऐप की ज़रूरत होती है। इतना ही नहीं, कोई हैकर किसी आउटगोइंग मल्टीमीडिया मैसेज को भी यूज़र्स की जानकारी के बिना ही बदल सकता है।
 
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रिसर्चर्स के मुताबिक़ व्हाट्सएप ही नहीं, बल्कि टेलीग्राम जैसा ऐप भी सुरक्षित नहीं है। शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि व्हाट्सएप और टेलीग्राम में एक बग है। इस बग की मदद से हैकर, यूज़र्स द्वारा भेजी गई मीडिया फाइल्स को एडिट कर सकता है, और उसमें हेराफेरी कर उसका ग़लत इस्तेमाल भी कर सकता है।

व्हाट्सएप के एण्ड-टू-एण्ड एनक्रिप्शन फ़ीचर के दावों पर सवाल खड़े होने के बाद इस बारे में व्हाट्सएप का कहना है कि स्टोरेज सिस्टम में बदलाव करने से इस तरह की समस्या से बचा जा सकता है, और इस कारण से हैकर मीडिया फाइल को शेयर नहीं कर सकेगा। हालांकि, ऐसा करने के लिए नई प्राइवेसी पॉलिसी लाना पड़ेगी। व्हाट्सएप के अनुसार मीडिया स्टोरेज को लेकर व्हाट्सएप अभी तक की सबसे बेहतर प्रेक्टिस को फॉलो करता है, और कम्पनी इस इश्यू पर नज़र बनाए हुए है। कम्पनी आने वाले एंड्रॉयड अपडेट के साथ इस समस्या का समाधान करेगी।
 
तो देखा आपने कि शोधकर्ताओं का दावा है कि व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे ऐप भी यूज़र्स के लिए सुरक्षित नहीं हैं, और हैकर्स इनके द्वारा भेजी जा रहीं मीडिया फाइल्स को आसानी से ऐक्सेस कर सकते हैं। तो हमारी आपको सलाह है कि कभी भी किसी भी तरह की कोई भी संवेदनशील जानकारियां व्हाट्सएप और टेलीग्राम में मीडिया फाइल्स के जरिये भेजने से बचें, क्योंकि यदि आप हैकर्स के शिकार हो गये तो आपको इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है। आगे से आप ध्यान रखें कि सोशल मीडिया नेटवर्क्स पर आपकी सावधानी ही आपकी निजता की सुरक्षा है।