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इनकम टैक्स रिटर्न भरते समय भूलकर भी ना करें 'यह' ग़लतियां!

18 Jul 2019
यदि आईटीआर फाइल करने में की बेईमानी तो देना पड़ सकती है भारी पेनाल्टी
 
JULY 18 (WTN) – जैसा कि आप जानते हैं कि इनकम टैक्स रिटर्न भरने की आख़िरी तारीख़ 31 जुलाई है। यदि आप इस तारीख़ तक रिटर्न नहीं भरते हैं तो आपको पेनाल्टी देना पड़ेगी। जैसे-जैसे इनकम टैक्स रिटर्न भरने की आख़िरी तारीख़ क़रीब आती जा रही है, इकनम टैक्स डिपार्टमेंट की वेबसाइट पर लोड बढ़ता जा रहा है। इसलिए हमारी आपको सलाह है कि आप जल्द से जल्द अपने इनकम टैक्स रिटर्न को फाइल कर दें।

लेकिन देखा गया है कि इनकम टैक्स रिटर्न भरते समय कई बार टैक्सपेयर्स बेईमानी करते हैं और ग़लतियां कर देते हैं, जिसके कारण उनका आईटीआर ख़ारिज़ हो जाता है। आज हम आपको बताते हैं कि वे कौन-कौन सी ग़लतियां हैं जो एक टैक्सपेयर को आईटीआर फाइल करते समय नहीं करना चाहिए।

आईटीआर भरते समय सबसे पहले यह ध्यान रखें कि आप किस श्रेणी के टैक्सपेयर हैं। आप जिस श्रेणी के टैक्सपेयर हैं उसी हिसाब से आपको आईटीआर फॉर्म भरना है। आईटीआर फाइल करने के लिए 7 तरह के फॉर्म होते हैं। यदि आप पहली बार आईटीआर फाइल कर रहे हैं तो हमारी आपको सलाह है कि किसी जानकार से इस बारे में पता कर लें कि आपको कौन सा आईटीआर फॉर्म भरना है।

आईटीआर फाइल करते समय अपनी पूरी जानकारी बिल्कुल सही से भरें। जैसे आपके नाम की स्पेलिंग, पूरा पता, कॉन्टैक्ट नम्बर और ई-मेल आदि। यह सभी जानकारियां आधार कार्ड और पैन कार्ड में लिखी जानकारी के अनुसार ही होना चाहिए। आईटीआर फाइल करते समय वही मोबाइल नम्बर डालें जो कि रजिस्टर्ड है और जिसमें मैसेज आते हैं। याद रखिये कि यदि आपने ग़लत जानकारी दी तो आपको रिफण्ड मिलने में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
 
आईटीआर फाइल करते समय आपके बैंक में जमा होने वाले ब्याज के बारे में आपको पूरी जानकारी देना होती है। जैसा कि आप जानते हैं कि पैन कार्ड और आधार कार्ड एक दूसरे से लिंक हो गये हैं, ऐसे में आपके बैंक खातों की जानकारी आयकर विभाग से छिपी नहीं है। यदि आपके एक से ज़्यादा बैंक खाते हैं तो उन सभी से मिलने वाली ब्याज की पूरी जानकारी आपको आईटीआर फाइल करते समय देना होगी। इसलिए आपके जितने भी बैंक खाते हैं उनके ब्याज से होने वाली सारी आय की जानकारी आप हासिल कर लें।

आईटीआर फाइल करते समय हमेशा ईमानदारी का परिचय दें, और आपकी जो भी आय है उसकी पूरी जानकारी आईटीआर फाइल करते समय दें। हर तरह की आय का ब्यौरा आपको इनकम टैक्स रिटर्न भरते समय देना चाहिए। आपकी ब्याज से होने वाली इनकम, प्रॉपर्टी से होने वाली आय, लॉटरी यदि खुली हो तो उससे होने वाली आय, किराये से होने वाली आय और बाक़ी अन्य तरह की आय की जानकारी आपको आईटीआर फाइल करते समय देना ज़रूरी है। यदि आपने ऐसा नहीं किया और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को आपकी अघोषित आय के बारे में जानकारी हासिल हुई तो आपको आयकर विभाग की तरफ़ से नोटिस भी आ सकता है।

यदि आपको किसी भी तरह की इनकम पर आयकर छूट मिली है तो उसका उल्लेख करना भी आपके लिए ज़रूरी है। लेकिन अधिकतर देखा गया है लोग फ़र्जी छूटों का सहारा लेते हैं ताक़ि टैक्स बचत हो सके। कभी भी झूठे दानपत्र, बच्चों की पढ़ाई के नाम पर फ़र्जी रसीदें, किराये की फ़र्जी रसीदें, मनगढ़ंत बिल, नकली निवेश की रसीदें आदि का इस्तेमाल ना करें। यदि आपको लगता है कि आप इन तरीक़ों से आयकर विभाग को धोखा दे पाएंगे तो आप ग़लत है। याद रखिए आपके हर वित्तीय लेनदेन पर इनकम टैक्स विभाग की नज़र है।

यदि आपके पास विदेश में कोई सम्पत्ति है तो उसकी जानकारी भी आयकर रिटर्न भरते समय देना ज़रूरी है। यदि आप यह सोच रहे हैं कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को आपकी विदेशी सम्पत्ति की जानकारी नहीं है तो आपका सोचना ग़लत है। अगर आपकी विदेश में सम्पत्ति है तो इस जानकारी को आईटीआर फाइल करते छिपाना आपके लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

ऐसा इसलिए, क्योंकि यदि आपकी अघोषित विदेशी सम्पत्ति के बारे में आयकर विभाग को जानकारी लग गई तो आप पर भारी पेनाल्टी लग सकती है। इसलिए विदेश में सम्पत्ति, बैंक खातों और प्रॉपर्टी की जानकारी आईटीआर फाइल करते समय देना ज़रूरी है। हमारी आपको सलाह है कि समय पर औऱ ईमानदारी से इनकम टैक्स भरें और खुश रहें, क्योंकि यदि आपने फ़र्जी बिलों के सहारे और कुछ छिपाने की नीयत से आईटीआर फाइल किया तो किसी ना किसी दिन पकड़े जाने पर आपके ख़िलाफ़ कार्रवाई होना सुनिश्चित है।