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आपकी जानकारी के बिना ही आपका स्मार्टफोन खींच लेगा आपकी फोटो!

25 Jul 2019
अपने स्मार्टफोन को Monokle मैलवेयर से रखें सुरक्षित
 
JULY 25 (WTN) – यदि हम आपसे कहें कि एक ऐसा भी मैलवेयर है जो कि आपके फोन में घुसकर ना सिर्फ़ आपके मोबाइल का पूरे डेटा चुरा लेता है बल्कि चुपके से आपकी फोटो भी क्लिक कर सकता है और आपका वीडियो भी बना सकता है तो यह पढ़कर आप चौक गये होंगे। दरअसल, मोबाइल सिक्यॉरिटी फर्म Lookout ने इस तरह के एक ऐसे एंड्रॉयड मैलवेयर का पता लगाया है, जो कि आपके फोन में घुसकर न सिर्फ आपका पूरा डेटा चुरा लेता है बल्कि चुपके से यह आपकी फोटो भी क्लिक कर सकता है और आपकी वीडियो भी बना सकता है।
 
आपको जानकर हैरानी होगी कि यह मैयवेयर यह सब बड़े ही आसानी से करता है और स्मार्टफोन यूज़र को इसके बारे में पता ही नहीं चल पाता है। इतना ही नहीं, यदि आप अपने मोबाइल फोन पर जो भी टाइप करते हैं, यह मैलवेयर उसे रिकॉर्ड भी कर लेता है और किसी को भी कॉल कर सकता है। यानी कि आपके स्मार्टफोन में मौजूद जानकारी का पता इस मैलवेयर को लग जाता है। आप भी इस मेयवेयर से सावधान रहिये और इस मैलवेयर का नाम है Monokle।
 
तकनीकी जानकारों के मुताबिक़, यह एक मैलवेयर नहीं है बल्कि एक कस्टम एड्रॉयड सर्विलांस टूल्स का एक सेट है। इसी कारण से यह किसी पर भी नज़र रख सकता है। जिस तरीक़े से यह किसी पर भी नज़र रख सकता है, उसे देखते हुए इसे मौजूदा समय में सबसे ख़तरनाक मैलवेयर कहा जा सकता है। दावा किया जा रहा है इस मैलवेयर को रूस की एक कम्पनी Special Technology Centre Ltd. (STC) ने डेवेलप किया है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मोबाइल सिक्यॉरिटी फर्म लुकआउट ने एक ब्लॉग पोस्ट में इस मैलवेयर के बारे में विस्तार से लिखा है। लेख के मुताबिक़ इस वायरस Monokle के बारे में जानकारी साल 2018 में पता चल सकी थी। रिसर्च के दौरान पता चला है कि यह मैलवेयर टूल्स कुछ टारगेटेड कैम्पेन का हिस्सा हैं, और इन्हें रूस के पीटर्सबर्ग की कम्पनी Special Technology Centre Ltd. (STC) ने डेवेलप किया है।

जानकारी के अनुसार इस कम्पनी का नाम साल 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में जीआरयू को मटेरियल सपोर्ट देने में भी सामने आया था। लेख में कहा गया है कि  रिसर्चर्स के मुताबिक Monokle, रिमोट ऐक्सेस ट्रोजन (RAT) फंक्शन की मदद से एडवांस डेटा फिल्टरेशन टैक्निक का इस्तेमाल करता है। यानी कि यह इन्फेक्टेड डिवाइस के ट्रस्टेड सर्टिफिकेट्स की जगह यह अटैकर-स्पेसिफाइड सर्टिफिकेट इंस्टॉल कर देता है, जिसके कारण पूरा स्मार्टफोन हैक हो जाता है। जैसा कि हमने आपको बताया कि यह ट्रस्टेड सर्टिफिकेट के स्थान पर दूसरे सर्टिफिकेट को इन्स्टॉल कर देता है, ऐसा होने से MITM यानी मैन-इन-द-मिडिल का रास्ता खुल जाता है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कुछ दिनों पहले भी एक ऐसा ही मामला सामने आया था जब पता चला था कि इज़रायल की एक कम्पनी एनएसओ ग्रुप की ओर से बनाए गये मैलवेयर Pegasus के अपडेटेड वर्जन से यूज़र्स के गूगल, फेसबुक, माइक्रोसॉफ्ट, एमेजन और एप्पल आईक्लाउड तक के सर्वर में स्टोर डेटा को चुराया जा सकता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि साल 2016 में पेगासस का इस्तेमाल संयुक्त अरब अमीरात में असंतुष्टों के ख़िलाफ़ किया गया था, और इसी साल इसका इस्तेमाल ब्रिटेन के एक वकील के ख़िलाफ़ भी किया गया था।
 
तो हमारी आपको सलाह है कि आप अपने स्मार्टफोन को किसी भी तरह के मैलवेयर से सुरक्षित रखें। इसके लिए हमेशा अपने मोबाइल के ऑपरेटिंग सिस्टम को अपडेटेट रखें। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक ना करें। किसी भी अनजान व्यक्ति या संस्था द्वारा भेजे गये ई-मेल को ओपन ना करें। हमेशा एक बढ़िया सा एंटी वायरस का उपयोग करें। यदि आप अपने मोबाइल को सुरक्षित रखते हैं तो ही आप इस तरह के मैलवेयर से अपने स्मार्टफोन को सुरक्षित रख सकते हैं, नहीं तो यह मैलवेयर आपको स्मार्टफोन पर अटैक कर आपको सामाजिक और आर्थिक हानि पहुंचा सकते हैं।