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जानिए क्यों बढ़ रहा है दक्षिण कोरिया और जापान के बीच ‘तनाव’?

03 Aug 2019
दक्षिण कोरिया के लोगों ने किया जापान और जापानी वस्तुओं का ‘बहिष्कार’!

AUG 03 (WTN) – विस्तारवादी चीन के बढ़ते 'ख़तरों' के मद्देनज़र अमेरिकी के पूर्वी एशिया के सहयोगी देशों जापान और दक्षिण कोरिया के बीच काफ़ी अच्छे राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक सम्बन्ध रहे हैं। वहीं समय-समय पर चीन के 'ख़िलाफ़' यह दोनों ही देश राजनीतिक और आर्थिक 'एकजुटता' दिखाते रहे हैं। लेकिन अब दक्षिण कोरिया के लोगों के बीच जापान के 'ख़िलाफ़ भावनाएं' बढ़ती जा रही हैं। आख़िर क्या कारण है कि दक्षिण कोरिया के लोग जापान का और जापान की बनी वस्तुओं का 'बहिष्कार' कर रहे हैं? आइये इस बारे में आपको विस्तार से बताते हैं।
 
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दक्षिण कोरिया की एक स्थानीय अदालत ने जापान की कम्पनियों को साल 1910 से 1945 तक के औपनिवेशक दौर में जबरन काम पर लगाये गये कोरियाई लोगों को हर्जाना भुगतान करने का आदेश दिया था। इसी आदेश के बाद से दोनों देशों के बीच 'तनाव' का नया दौर शुरू हो गया है।

इधर, अपने पलटवार में जापान की सरकार ने दक्षिण कोरिया को 'तरजीही निर्यात भागीदारों' की कथित श्वेत सूची से बाहर करने को शुक्रवार को मंज़ूरी दे दी। जापान के मुताबिक़ यह निर्णय जापान की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिये ज़रूरी था। जापान ने 'खुलकर' दक्षिण कोरिया के ऊपर निर्यात नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। जापान सरकार ने निर्यात नियंत्रण कानून में एक संशोधन को मंज़ूरी दे दी है, जिसके मुताबिक़ इस सूची में शामिल एकमात्र एशियाई देश दक्षिण कोरिया को इससे बाहर किया जाएगा।

जापान और दक्षिण कोरिया के बीच दूसरे विश्वयुद्ध से पहले के औपनिवेशिक काल में 'जबरन' काम कराये जाने से सम्बन्धित मुद्दे को लेकर काफ़ी समय से खिंचाव चल रहा है। इधर दक्षिण कोरिया ने जापान को 'चेतावनी' दी थी कि यदि किसी भी कारण से जापान ने दक्षिण कोरिया को तरजीही निर्यात भागीदारों की सूची से बाहर किया तो इससे अमेरिका के दो सहयोगी देशों के सुरक्षा सम्बन्धों पर गम्भीर असर पड़ सकता है। जापान ने यह क़दम ऐसे समय में उठाया है, जब अमेरिका ने दोनों देशों से आपसी मतभेदों को 'दरकिनार' करने की गुजारिश की थी।

इधर दक्षिण कोरिया ने जापान के इस क़दम को 'एकतरफ़ा' और 'स्वेच्छाचारी' करार दिया है। दक्षिण कोरिया ने जवाब में कहा है कि जापान के इस 'अनुचित क़दम' का जवाब दिया जाएगा। जापान सरकार के कड़े फ़ैसले के बाद दक्षिण कोरिया के लोगों के बीच जापान के 'ख़िलाफ़' भावना बढ़ती ही जा रही हैं। दोनों देशों के बीच नये सिरे से तनाव उभरने के बाद अब दक्षिण कोरिया के लोग बीयर, कार आदि जैसे जापान के उत्पादों का 'बहिष्कार' करने लगे हैं। इतना ही नहीं, दक्षिण कोरिया के लोग जापान घूमने जाने की योजना भी रद्द करने लगे हैं।

जानकारी के मुताबिक़, दक्षिण कोरिया में हाइपरमार्केट और 24 घण्टे खुले रहने वाले कनवीनियंस स्टोर्स में जापान की बीयर की बिक्री में 'गिरावट' देखने को मिली है। दक्षिण कोरिया के सबसे बड़े खुदरा चेन विक्रेता ई-मार्ट में ही 1 जुलाई से 24 जुलाई के बीच जापान में बनी बीयर की बिक्री क़रीब 38 प्रतिशत तक कम हुई है। दक्षिण कोरिया में जापान का 'विरोध' इतना बढ़ता जा रहा है कि सारे छोटे हाइपरमार्केट और कनवीनियंस स्टोर्स से जापान की बीयर समेत अन्य उत्पादों को हटाया जा रहा है।

बीयर के अलावा दक्षिण कोरिया में जापान की बनी कारों की बिक्री में भी गिरावट दर्ज की गई है। जानकारी के अनुसार दक्षिण कोरिया में 1 जुलाई से 20 जुलाई के बीच जापान की कारों की बिक्री में 32 प्रतिशत तक गिरावट का अनुमान है। वहीं जापान जाने वाले दक्षिण कोरिया के लोगों ने भी अपनी यात्राएं कैन्सिल कर दी हैं, जिसके बाद जापान की यात्रा के लिए होने वाली बुकिंग में' भारी गिरावट' देखने को मिल रही है। अब देखना होगा कि दोनों ही देशों के बीच यह 'ट्रेड वॉर' कब तक जारी रहता है?