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कहीं नक़द लेनदेन में आप तो नहीं कर रहे ‘यह’ ग़लतियां?

17 Aug 2019
नक़द लेनदेन करने से पहले जान लें कुछ नियम !

AUG 17 (WTN) – ऐतिहासिक नोटबंदी के बाद से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लगातार डिजिटल पेमेण्ट को बढ़ाने की तरफ़ जोर दे रहे हैं। समय-समय पर अपने भाषणों में प्रधानमंत्री मोदी देश की जनता से आह्वान करते रहते हैं कि नक़द लेनदेन की जगह पर डिजिटली तरीक़े से लेनदेन किया जाना चाहिए। वैसे गौर किया जाए तो नोटबंदी के बाद से देश में डिजिटल पेमेण्ट के प्रति लोगों का काफ़ी रुझान बढ़ा है। मोबाइल पर ही पेमेण्ट के कई तरीक़े मौजूद होने के बाद, डिजिटल पेमेण्ट के तरीक़े को लोग अपना रहे हैं।

इस साल स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फ़िर से देशवासियों से डिजिटल पेमेण्ट को बढ़ावा देने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने देश के व्यापारियों से आह्वान करते हुए कहा कि व्यापारियों को अपनी दुकान पर 'डिजिटल पेमेंट को हां, नकद को ना' के बोर्ड लगाने चाहिए। दरअसल, प्रधानमंत्री चाहते हैं कि देश में नक़द लेनदेन कम से कम हो और डिजिटल तरीक़े से लोग ज़्यादा लेनदेन करें। ऐसा करने से लेनदेन में पारदर्शिता तो रहेगी ही, साथ ही इससे भ्रष्टाचार पर रोक लगोगी और ब्लैकमनी पर नियंत्रण लगेगा।

वैसे यदि आप डिजिटल पेमेण्ट की जगह पर नक़दी में ही ज़्यादा लेनदेन करते हैं, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नक़द यानी कि कैश पेमेण्ट करने की भी कुछ सीमाएं हैं। इन सीमाओं को वित्त मंत्रालय और भारतीय रिज़र्व बैंक ने तय किया है। यदि आप एक तय सीमा से ज़्यादा नक़द रक़म का प्रयोग करते हैं, तो ना केवल आपको भारी पेनाल्टी लग सकती है बल्कि आपके पास इनकम टैक्स विभाग का नोटिस भी आ सकता है। आइये आपको बताते हैं कि नक़द लेनदेन को लेकर क्या नियम इस समय देश में हैं?

सबसे पहले आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बैंक खातों से नक़दी निकालने पर फिलहाल कोई टैक्स नहीं लगता है। लेकिन, इस साल पेश हुए मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले पूर्ण बजट में नक़द निकासी पर टैक्स को लेकर बड़ी घोषणा हुई है। यदि आप एक साल में बैंक खाते से एक करोड़ रुपये से ज़्यादा नक़द निकालते हैं, तो उस पर दो प्रतिशत की दर से TDS कटेगा।

वहीं यदि आप नक़द रक़म बैंक में जमा करते हैं तो उसके लिए भी कुछ नियम हैं। यदि आप सेविंग अकाउंट में एक बार में 50,000 रूपये से ज़्यादा नक़द जमा कर रहे हैं, तो आपको पैन कार्ड नम्बर देना होगा। वहीं यदि नक़द में पे-ऑर्डर या डिमांड ड्राफ्ट भी बनवा रहे हैं, तो भी आपको पैन कार्ड नम्बर देना होगा।

यदि किसी ने अपने सेविंग खाते में एक साल में 10 लाख रुपये, या उससे ज़्यादा की रक़म जमा की है तो ऐसे में रक़म जमा करने वाले का नाम एनुअल इंफोर्मेशन रिपोर्ट में जाएगा। जहां सेविंग खाते के लिए यह लिमिट 10 लाख रुपये है, वहीं चालू खाते के लिए यह लिमिट 50 लाख रुपये है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फ़िलहाल घर में नक़दी रखने की कोई सीमा तय नहीं है। लेकिन, यदि घर पर मौजूद नक़दी के बारे में कोई पूछताछ होती है तो इकनम टैक्स विभाग को घर में रखे कैश का सोर्स बताना होगा। अगर घर में रखी रक़म का कोई सोर्स सम्बन्धित व्यक्ति नहीं बता पाता है, तो ऐसे मामले में जब्त नक़दी पर 137 प्रतिशत तक पेनाल्टी लगाई जा सकती है।
 
यदि आप प्रॉपर्टी बेचते हैं तो उस पर भी नक़द रक़म लेने की एक सीमा तय है। नये नियमों के मुताबिक़, प्रॉपर्टी बेचने पर अब सिर्फ़ 20,000 रुपये ही कैश का लेन-देन कर सकते हैं। यदि आपने प्रॉपर्टी बेचने पर 20,000 रुपये से ज़्यादा नक़द रक़म ली, तो आप पर 100 प्रतिशत तक पेनाल्टी लग सकती है।

वहीं आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आप अपने निजी खर्च के लिए 2 लाख रुपये तक का ही नक़द भुगतान कर सकते हैं। वहीं कारोबारी खर्च के लिए यह सीमा सिर्फ़ 10,000 रुपये तक ही तय है। इस तय सीमा से ज़्यादा पैसा खर्च करने पर पेनाल्टी लग सकती है।

जैसा कि आप जानते हैं कि भारत में शादियों में काफ़ी ख़र्च किया जाता है। वर्तमान नियमों के मुताबिक़ शादियों में ख़र्च की कोई सीमा तय नहीं है, लेकिन शादी में नक़द रक़म के इस्तेमाल को लेकर नियम हैं। यदि किसी व्यक्ति ने शादी या अन्य किसी कारण से 2 लाख रुपये से ज़्यादा की ख़रीदी की तो ऐसे में सम्बन्धित व्यक्ति का नाम इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के पास जाएगा। ज़रूरत पड़ने पर इनकम टैक्स विभाग सम्बन्धित व्यक्ति से रक़म का सोर्स पूछ सकता है। वहीं यदि रक़म के सोर्स का जवाब संतोषजनक नहीं मिला, तो उस रक़म पर 78 प्रतिशत की दर से टैक्स और ब्याज लग सकता है।

गिफ्ट में नक़द रक़म देने की भी एक सीमा तय है। आप अपने किसी रिश्तेदार को 2 लाख रुपये से कम नक़द रक़म गिफ्ट के रूप में दे सकते हैं, लेकिन यदि इससे ज़्यादा रक़म कैश में दी तो नक़द गिफ्ट पर 100 प्रतिशत पेनाल्टी लग सकती है। वहीं रिश्तेदारों के अलावा अन्य किसी व्यक्ति को सिर्फ़ 50,000 रुपये तक ही नक़द रक़म गिफ्ट में दे सकते हैं। ऐसे में हमारी आपको सलाह है कि आप ज़्यादा से ज़्यादा डिजिटल तरीक़े से ही पेमेण्ट करें, जिससे ना केवल आपको सहूलियत होगी बल्कि आप नक़दी रखने की परेशानी से तो बचेंगे ही, साथ ही इनकम टैक्स विभाग की कार्रवाई का सामना भी आपको नहीं करना होगा।