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कश्मीर पर बौखलाये पाकिस्तान ने भारतीय अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाने की ‘बड़ी प्लानिंग’!

31 Aug 2019
नक़ली नोटों के ज़रिये भारतीय अर्थव्यवस्था को ‘टारगेट’ कर रहा पाकिस्तान

AUG 31 (WTN) – आतंक को बढ़ावा देने वाला देश पाकिस्तान लगता है कभी सुधरने वाला नहीं है। युद्ध से लेकर अर्थव्यवस्था तक हर क्षेत्र में भारत से मात खाया पाकिस्तान पूरी कोशिशें करता रहता है, जिससे भारत की प्रगति को प्रभावित किया जा सके। जम्मू-कश्मीर राज्य से आर्टिकल 370 हटाये जाने के बाद दुनिया के हर मंच पर मात खाया और बौखलाया पाकिस्तान अब भारत की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने के लिए नई साजिश रच रहा है।

दरअसल, आर्थिक रूप से बदहाल हो चुके पाकिस्तान में भारतीय अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने के लिए 2,000 रुपये के नक़ली भारतीय नोटों की बड़े पैमाने पर छपाई हो रही है। 2,000 रुपये के नक़ली भारतीय नोटों की ताज़ा खेप की जब्ती से भारतीय सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। पाकिस्तान में छपे 2,000 रुपये के नक़ली भारतीय नोटों की छपाई बिल्कुल भारत के असली 2,000 के नोटों की तरह की गई है।

भारत में पाकिस्तान से सप्लाई किये जा रहे 2,000 रुपये के नक़ली नोटों की छपाई देखकर लगता है कि पाकिस्तान में यह नोट बिना किसी सरकारी मदद के नहीं छप सकते हैं। जानकारी के मुताबिक़, भारत में पाकिस्तान से भेजे जा रहे 2,000 रुपये के नक़ली नोटों की छपाई पाकिस्तानी सिक्योरिटी प्रेस में हुई है। 2,000 रुपये के नक़ली नोटों की छपाई इस तरह से की गई है कि वे एक बार देखने पर तो असली भारतीय नोट लगते हैं।

मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार, भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को जांच में पता चला है कि 2,000 रुपये के नक़ली भारतीय नोट, कराची के मलीर हाल्ट इलाके में स्थित पाकिस्तानी सिक्यिरिटी प्रेस में छापे जा रहे हैं। इन नक़ली नोटों की छपाई में पहली बार ऑप्टिकल वेरियबल इंक का इस्तेमाल किया गया है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ऑप्टिकल वेरियबल इंक की ख़ासियत यह होती है कि यह नोट पर हरे रंग की दिखाई देती है। वहीं नोट की दिशा ऊपर-नीचे करने पर हरे रंग की स्याही का रंग बदलकर नीला हो जाता है। जानकारी के मुताबिक़, छह महीने पहले तक पकड़े जा चुके जाली नोटों की खेप में ऑप्टिकल वेरियबल स्याही का इस्तेमाल नहीं हो रहा था। यह ख़ास तरह की स्याही एक विदेशी कम्पनी बनाती है, जिसकी आपूर्ति यह कम्पनी सिर्फ़ चुनिंदा देशों की सरकार को ही करती है। यानी कि साफ़ ज़ाहिर होता है कि पाकिस्तान सरकार की मिलीभगत से ही वहां पर नक़ली भारतीय नोट छापे जा रहे हैं।

2,000 रुपये के नक़ली भारतीय नोट पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की शह पर ही पाकिस्तानी सिक्योरिटी प्रेस में धड़ल्ले से छप रहे हैं। जानकारी के मुताबिक़, नक़ली नोटों के छपने के बाद भारत में इन्हें फैलाने के लिए कराची में बैठे भारत के मोस्ट वॉन्टेड अपराधी दाऊद इब्राहिम की सहायता ली जाती है।
 
भारतीय खुफिया एजेंसियों की संयुक्त जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ है। जांच से मिली जानकारी के मुताबिक़, नोटबंदी के बाद भारत में छापे गये 2,000 और 500 रुपये के नये नोटों के प्रमुख सिक्योरिटी फ़ीचर की आईएसआई ने नक़ल कर ली है।
 
जैसा कि आप जानते हैं कि 2,000 रुपये के नये भारतीय नोट के एकदम बायीं और दायीं ओर के किनारे में 'ब्लीड-लाइनें' खींची गई हैं। ये सात लाइनें असल में नेत्रहीनों को नोट की पहचान आसानी से कराने में सहायक होती हैं। पाकिस्तान में छप रहे 2,000 रुपये के नक़ली नोटों में इस तरह की पूरी नक़ल की गई है।

दरअसल, मोदी सरकार की कूटनीति के सामने फेल हो चुका बौखलाया पाकिस्तान कश्मीर में अपने नापाक मंसूबों को अंजाम देने में असफ़ल साबित हो रहा है। पूरी कोशिश करने के बाद भी पाकिस्तान, कश्मीर में शान्ति को भंग नहीं कर पा रहा है। पाकिस्तान के इशारों पर काम करने वाले कश्मीर के अलगाववादी भी अब भारत सरकार की सख़्ती के बाद पाकिस्तान के लिए काम नहीं कर पा रहे हैं। इस सबके बाद पाकिस्तान अब भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था को चोट पहुंचाने की कोशिश कर रहा है, और भारतीय बाज़ार में 2,000 रुपये के नक़ली नोटों की सप्‍लाई करने के पीछे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का यही मक़सद लगता है।
 
इधर 2,000 रुपये के नक़ली नोटों की बढ़ती संख्या देखकर भारतीय रिज़र्व बैंक ने 2,000 रुपये के नए नोटों की छपाई में भारी कटौती की है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आरबीआई ने नोटबंदी के बाद बड़ी तादात में 2,000 रुपये के नए नोटों को जारी किया था।

लेकिन 2,000 रुपये के नक़ली नोट बाज़ार में आने और इन नोटों को फुटकर कराने में दिक्कतों का सामना जनता को करने के बाद, आरबीआई ने 2,000 रुपये के नोटों का सर्कुलेशन कम करने का फ़ैसला लिया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वित्त वर्ष 2016-17 में 2,000 रुपये के 350 करोड़ नोट छपे थे, वहीं वित्त वर्ष 2018-19 में 2,000 रुपये के नोटों की छपाई सिर्फ़ 4.7 करोड़ रुपये ही रह गई।
 
साफ़ ज़ाहिर हो रहा है कि आतंक को संरक्षण देने वाला पाकिस्तान युद्ध में तो भारत से जीत नहीं सकता है। ऐसे में पाकिस्तान नक़ली नोटों को भारतीय बाज़ार में खपाकर भारतीय अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की पूरी कोशिश कर रहा है। ऐसे में हमारी आपको सलाह है कि यदि कोई आपको नक़ली नोट देने की कोशिश करे, या फ़िर नक़ली नोटों का लालच दे तो इसकी शिकायत तुरंत ही पुलिस से करें। याद रखिये, आपकी भी आपके राष्ट्र के प्रति उतनी ही ज़िम्मेदारी है जितनी कि ज़िम्मेदारी एक सैनिक की सीमा पर होती है।