HOME WORLD INDIA BHOPAL BUSINESS ENTERTAINMENT SCIENCE & TECHNOLOGY SPORTS HEALTH
WTN SPECIAL GOSSIP CORNER RECIPES DRINKS FUN FACTS WTN HINDI
EDUCATION LIFESTYLE TRAVEL ART & LITERATURE BIG MEMSAAB OPINION & INTERVIEW BrahMos
ABOUT US PRIVACY POLICY SITEMAP CONTACT US
BREAKING NEWS

​सावधान, आपकी सेक्सुअल लाइफ की बातें जान रहे हैं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म!

12 Sep 2019
सोच समझकर शेयर करें ऐप्स और सोशल मीडिया में अपनी निजी जानकारियां!

SEP 12 (WTN) – निजता अपने आप में काफ़ी अहमियत रखती है। एक समय था जब लोग निजता पर काफ़ी ध्यान देते थे, और निजी ज़िन्दगी की बातों को किसी को बताया नहीं करते थे। लेकिन समय के साथ-साथ निजता की विचारधारा धीरे-धीरे ख़त्म होती जा रही है। इंटरनेट और स्मार्टफोन क्रान्ति होने के बाद इनके यूज़र्स धीरे-धीरे सोशल मीडिया के ज़रिये अपनी निजता खोते जा रहे हैं। एक समय जिन कामों को अत्यंत निजी समझा जाता था, आजकल वहीं काम सोशल मीडिया पर प्रचारित किये जा रहे हैं।
 
देखा गया है कि नादानी और उत्सुकता में ऐप्स और सोशल मीडिया यूज़र्स अपनी निजी ज़िन्दगी की बातों को सार्वजनिक कर रहे हैं; जिनका ख़ामियाजा उन्हें भुगतान पड़ रहा है, या भुगतना पड़ सकता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जो सोशल मीडिया यूज़र्स अपने निजी कामों को ऐप्स में इंटर करते हैं, वे काम अब सीक्रेट नहीं रहे हैं। जी हां विश्व प्रसिद्ध सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक धीरे-धीरे आपकी निजी बातों को जानने लगा है। आपकी निजता में फेसबुक ने इतनी सेंध लगा दी है कि फेसबुक को पता है कि यूज़र्स ने कब शारीरिक सम्बन्ध बनाए, या फ़िर गर्भ निरोधक का इस्तेमाल किया।
 
यदि आप भी अपनी निजी बातों को ऐप्स पर जानकारी लेने या देने के लिए इंटर करने के आदी हैं, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फेसबुक ट्रैकर ऐप्लिकेशन आपका सारा बेहद संवेदनशील डेटा फेसबुक के साथ शेयर कर रहा है। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक़, प्राइवेसी इंटरनेशनल की हाल में की गई एक रिसर्च में यह बात सामने आई है कि महिलाओं के पीरियड को ट्रैक करने वाले दो सबसे पॉपुलर ऐप Maya और MIA ने फेसबुक सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट किट के ज़रिए थर्ड पार्टी ऐप्स और वेबसाइट्स के साथ अपने यूज़र्स की निजी जानकारियों को शेयर किया है।
 
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि Maya और MIA नाम के पीरियड ट्रैकर ऐप्स महिलाओं को उनके  Period साइकल ट्रैक करने में मदद करते हैं। इतना ही नहीं, इन ऐप्स का इस्तेमाल महिलाएं गर्भ धारण करने का सही समय जानने के लिए भी करती हैं। महिलाएं इन ऐप्स में अपनी निजी जानकारियों इंटर करती हैं, जिन्हें फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के साथ शेयक किये जाने के गम्भीर आरोप लग रहे हैं।
 
जी हां, जब यूज़र्स अपनी निजी बातों को ऐप्स में जानकारी देने या लेने के लिए इंटर करते हैं, तो इसके बाद Maya और MIA नाम के पीरियड ट्रैकर ऐप्स के डेवलपर्स, फेसबुक के सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट किट के ज़रिए ऐप्स के कुछ ख़ास फ़ीचर्स को अपडेट करते हैं। ऐसा करने के बाद ये यूज़र्स का डेटा इकट्ठा करते हैं। ऐप्स इस तरह से कलेक्ट किए गए डेटा को फेसबुक के साथ शेयर करते थे ताकि वह उन यूज़र्स को टारगेट कर उनकी पसंद के अनुसार के विज्ञापन दिखा सकें। यानी कि जैसे ही यूज़र्स अपने निजी जानकारियां इन ऐप्स में इंटर करते हैं, वैसे ही उनकी सभी निजी जानकारियां सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट किट के ज़रिए सीधे फेसबुक को भेजी जा रही थीं।

जानकारी के मुताबिक़, Maya नामक ऐप कथित तौर पर यूज़र्स के प्राइवेसी पॉलिसी के लिए एग्री किए जाने से पहले ही उनकी डिटेल फेसबुक के साथ शेयर कर रहा था। इसमें मौजूद कुछ फ़ीचर्स के ज़रिए यूज़र के मूड का भी अंदाजा लगाया जा रहा था,  और इस पूरी जानकारी को फ़िर फेसबुक के साथ शेयर किया जा रहा था। इस सबके बाद यूज़र्स को उनके मूड के हिसाब से विज्ञापन दिखाए जाते थे। जानकारों के मुताबिक़, ऐसा करने से कम्पनियों को यूज़र्स तक उनकी पसंद के अनुसार विज्ञापन पहुंचाने में मदद मिलती थी।
 
तो पढ़ा आपने कि यूज़र्स नादानी और उत्सुकता में अपनी निजी बातों को ऐप्स में शेयर कर रहे हैं, जिसका ख़ामियाजा उन्हें उनकी प्राइवेसी लीक होने के रूप में चुकाना पड़ रहा है। हमारी आपको सलाह है कि जब भी कोई एप आप डाउनलोड करें, तो सबसे पहले उसकी टर्म और कांडिशन को ध्यान से पढ़ें।
 
वहीं यदि आप अपनी निजी जानकारियों को एप में साझा कर रहे हैं, तो पहले एप की प्राइवेसी पॉलिसी के बारे में ध्यान से पढ़ लें कि वो आपके द्वारा दी जा रही जानकारियों को किसी के साथ शेयर तो नहीं करेगा। वहीं यदि एप के द्वारा ऐसा किया जा रहा है, तो एप की प्राइवेसी में जाकर अपनी जानकारी शेयर ना करने का ऑप्शन चुन सकते हैं, यदि उस एप में ऐसा विकल्प है तो। याद रखिए, आपकी निजता की सुरक्षा आपकी समझदारी पर ही निर्भर करती है।