ख़त्म होगा इंतज़ार, जल्द मिलेगी व्हाट्सएप की ‘यह’ सेवा
OCT 14 (WTN) – यदि आपके पास स्मार्टफ़ोन है तो आप उसमें व्हाट्सएप का इस्तेमाल तो ज़रूर ही करते होंगे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पूरी दुनिया में इस समय क़रीब 150 करोड़ लोग व्हाट्सएप का इस्तेमाल करते हैं, जिनमें से क़रीब 40 करोड़ यूज़र्स अकेले भारत में ही हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि व्हाट्सएप की लोकप्रियता के चलते ही काफ़ी समय से भारत में व्हाट्सएप पेमेंट सर्विस का इंतज़ार किया जा रहा है। लेकिन काफ़ी समय से हो रहा यह इंतज़ार अब जल्द ही ख़त्म हो सकता है।
दरअसल, कहा जा रहा है कि व्हाट्सएप अगले दो महीने में डेटा लोकलाइजेशन नियम का पूरी तरह से पालन कर लेगी, जिसके बाद वह देश में अपनी पेमेंट सर्विसेज़ शुरू कर सकती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारतीय रिज़र्व बैंक ने देश में पेमेंट सर्विसेज देने वाली कम्पनियों के लिए आंकड़ों को स्थानीय स्तर पर ही रखे जाने यानी कि डेटा लोकलाइजेशन का नियम बनाया है। गूगल, अमेज़न, मास्टर कार्ड, वीजा, पे-पाल समेत बाक़ी विदेशी पेमेंट सर्विस कम्पनियों को भी इसका पालन करना है। इन नियमों के आधार पर इन कम्पनियों को लेनदेन के आंकड़े देश में ही सुरक्षित करने हैं और ऐसे आंकड़ों को अपने विदेशी सर्वरों से 24 घण्टे के अंदर मिटाना है।
कहा जा रहा है कि व्हाट्सएप पेमेंट सर्विसेज शुरू होने के बाद भी घरेलू अर्थव्यवस्था में नक़दी की अधिकता को कम करने में दो साल तक का समय लग सकता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अर्थव्यवस्था में नक़दी वर्चस्व को कम करने के लिए डिजिटल माध्यम से लेनदेन करने वालों की संख्या कम से कम 30 करोड़ होनी चाहिए।
जैसा कि आप जानते हैं कि व्हाट्सएप ने अपनी पेमेंट सर्विस की टेस्टिंग पिछले साल शुरू की थी। व्हाट्सएप पेमेंट का लोगों को काफ़ी इंतज़ार है, क्योंकि व्हाट्सएप के साथ 30 करोड़ से ज़्यादा लोग जुड़े हुए हैं। डिजिटल पेमेंट के जानकारों का मत है कि व्हाट्सएप भारत में चीन की ‘WeChat’ जैसी कहानी को दोहरा सकता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चीन में ‘WeChat’ ने डिजिटल भुगतान को आगे बढ़ाने में बहुत मदद की है।
फ़िलहाल व्हाट्सएप ने अभी पेमेंट सर्विस का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों की सेवा को 10 लाख तक सीमित किया हुआ है, क्योंकि रिज़र्व बैंक की शर्त के अनुसार ग्राहकों से सम्बन्धित आंकड़ों के स्थानीयकरण नियम के अनुपालन में अभी उसे और समय लगेगा। दरअसल, रिज़र्व बैंक की सूची में शामिल कम्पनी के तीसरे पक्ष के तौर पर व्हाट्सएप के अनुपालन कामकाज का ऑडिट किया जा रहा है और ऑडिट कम्पनी का काम पूरा होने के बाद इसकी समीक्षा की जाएगी और फ़िर देखा जाएगा कि इस काम को आगे कैसे बढ़ाया जाए। तो यदि आप व्हाट्सएप पेमेंट सर्विस का इंतज़ार कर रहे हैं तो बस कुछ ही दिनों बाद व्हाट्सएप इसे सभी यूज़र्स के लिए लॉन्च करने जा रहा है।