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गाड़ी में जल्द लगाइये फास्टैग वरना हो सकती है परेशानी!

17 Oct 2019
बिना फास्टैग के हाईवे पर गाड़ी चलाने से हो सकती है आपको भारी दिक्कत

OCT 17 (WTN) – जैसा कि आप जानते हैं कि मोदी सरकार कैशलेस अर्थव्यवस्था के लिए कई तरह के क़दम उठा रही है। इसी कड़ी में अब मोदी सरकार हाईवे पर टोल प्लाज़ा पर टोल टैक्स वसूली को भी कैशलेस कर रही है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 1 दिसम्बर 2019 से देश के सभी हाईवेज़ की लेन FASTag लेन बन जाएंगी और अब बिना फास्टैग के आप हाईवे पर टोल गेट क्रॉस कुछ शर्तों के साथ ही कर पाएंगे।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फास्टैग एक तरह की डिवाइस है, जिसे गाड़ी की विंडस्क्रीन पर लगाया जाता है। RFID  (Radio-frequency identification) तकनीक पर आधारित फास्टैग युक्त गाड़ी जब टोल नाके से गुजरती है, तब रेडियो फ्रीक्वेंसी तकनीक की मदद से गाड़ी पर लगा फास्टैग स्कैन हो जाता है। फास्टैग के स्कैन होते ही यूज़र के बैंक खाते से टोल टैक्स का भुगतान हो जाता है। सरकार का फास्टैग तकनीक अपनाने के पीछे मक़सद है कि इससे एक तो टोल प्लाज़ा पर लम्बी-लम्बी लाइनें नहीं लगेंगी, जिससे लोगों को समय तो बचेगा ही साथ ही ईंधन की बर्बादी भी नहीं होगी।
 
आप सोच रहे होंगे कि आप फास्टैग को कैसे हासिल कर सकते हैं, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फास्टैग को आप आरटीओ, बैंक, ई-कॉमर्स पोर्टल या फिर किसी पेट्रोल पम्प से भी ख़रीद सकते हैं। फास्टैग ख़रीदने के बाद गाड़ी के मालिक को सबसे पहले इसके बारे में एक ऑनलाइन इन्क्वायरी फॉर्म भरना होगा। इस फॉर्म में गाड़ी मालिक से उसके पूरी जानकारी, आईडी प्रूफ, एड्रेस प्रूफ, गाड़ी की जानकारी समेत अन्य जानकारियों के बारे में पूछा जाएगा। 

आप यदि चाहें तो फास्टैग को अपने बैंक अकाउंट से भी लिंक कर सकते हैं, ताकि इसे रिचार्ज किया जा सके। फास्टैग की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक़,  फास्टैग की वन-टाइम टैग डिपॉजिट राशि जमा करना भी ज़रूरी है। कार, जीप और वैन के लिए यह 200 रुपये और ट्रक और ट्रैक्टर के लिए यह 500 रुपये है। फास्टैग को रिचार्ज करने के लिए आप क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, एनईएफटी और नेट बैंकिंग का इस्तेमाल कर सकते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फास्टैग खाते में न्यूनतम 100 रुपये और अधिकतम एक लाख रुपये तक रखे जा सकते हैं।
 
यदि आपने अपनी गाड़ी में फास्टैग नहीं लगवाया है तो इसे जल्द से जल्द लगवा लें, क्योंकि सड़क परिवहन मंत्रालय के ताज़ा आदेश के मुताबिक़ 1 दिसम्बर से अगर कोई वाहन फास्टैग नहीं होने के बावजूद फास्टैग लेन में चला गया तो उसे दोगुना टोल टैक्स चुकाना होगा। इतना ही नहीं टोल प्लाजा पर अब सिर्फ़ एक लेन को छोड़कर बाकी सभी फास्टैग लेन होंगी। यानी कि अगर आप कैश के ज़रिये टोल टैक्स चुकाना चाहते हैं तो आपके लिए टोल प्लाज़ा पर सिर्फ़ एक ही लेन उपलब्ध होगी। यानी कि साफ़ है कि इस लेन में गाड़ियों की इतनी लम्बी कतार होगी जिससे आपका क़ीमत समय बर्बाद हो जाएगा।

दरअसल सरकार ई-टोल को बढ़ावा देने के लिए यह सभी कुछ कर रही है। जिसके तहत सभी टोल प्लाज़ा पर सिर्फ एक कैश लेन को छोड़कर बाकी सभी लेन को फास्टैग लेन कर दिया जाएगा। कैश लेनदेन को हतोत्साहित करने के लिए सरकार ने नियम बनाया है कि यदि कोई वाहन चालक ग़लती से भी फास्टैग नहीं होने के बावजूद फास्टैग लेन में चला गया तो उसे दोगुना टोल टैक्स चुकाना होगा।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक़, फ़िलहाल टोल टैक्स की 25 प्रतिशत राशि का भुगतान फास्टैग के ज़रिए और 75 प्रतिशत राशि का भुगतान कैश के ज़रिए हो रहा है। तो भविष्य में हाईवे पर गाड़ी चलाते समय टोल प्लाज़ा पर टोल टैक्स भुगतान के समय किसी भी तरह की कोई भी परेशानी का सामना आपको ना करना पड़े, इसलिए जल्द से जल्द अपनी गाड़ी में फास्टैग लगवा लें।