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बैंक अकाउण्ट बंद करने से पहले बरतें सावधानियां

06 Nov 2019
जानिए बैंक अकाउण्ट बंद करते समय किन बातों का रखें ध्यान?

NOV 06 (WTN) – देखा गया है कि कई लोगों के कई बैंकों में कई अकाउण्ट होते हैं। ऐसे में किसी कारण से कई बार किसी बैंक से अकाउण्ट को बंद करने की ज़रूरत आ पड़ती है। लेकिन यदि आप किसी बैंक से अपना अकाउण्ट बंद करने जा रहे हैं, तो आपको कुछ बातों की जानकारी होना काफ़ी ज़रूरी है। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि यदि आपने बैंक अकाउण्ट बंद करते समय यदि ग़लती की तो आपको बाद में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
 
सबसे पहले तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि किसी भी बैंक में सेविंग्स अकाउण्ट को एक्टिव रखने के लिए उसमें औसत तीन महीने का बैलेंस रखना पड़ता है। यदि आप किसी भी कारण से तिमाही बैलेंस बनाए रखने में असमर्थ हैं तो बेहतर होगा कि उस अकाउण्ट को बंद ही कर दें। जब भी आप अपने किसी भी बैंक अकाउण्ट को बंद करें तो एक बात याद रखें कि उस अकाउण्ट से जुड़े निवेश, लोन, ट्रेडिंग, क्रेडिट कार्ड पेमेंट और बीमा से जुड़ी लिंक को सबसे पहले किसी दूसरे बैंक अकाउण्ट से लिंक करें, फ़िर इसके बाद जिस बैंक अकाउण्ट को बंद कर रहे हैं उससे जुड़े सभी लिंक को डी-लिंक कर दें। वहीं हो सकता है कि बैंक अकाउण्ट बंद करते समय आपको डी-लिंकिंग अकाउंट फॉर्म भरना पड़ सकता है।

बैंक अकाउण्ट बंद करते समय बैंक की शाखा में अकाउण्ट क्लोजर फॉर्म उपलब्ध होता है। अकाउण्ट बंद करते समय आपको इस फॉर्म को भरना होता है और इस फॉर्म में आपको बताना होता है कि बैंक अकाउण्ट बंद करने के कारण क्या हैं। वहीं यदि आपका बैंक अकाउण्ट ज्वाइंट बैंक अकाउण्ट हैं तो इस फॉर्म में सभी खाताधारकों के हस्ताक्षर होना ज़रूरी है।
 
वहीं बैंक अकाउण्ट बंद करते समय आपको एक दूसरा फॉर्म भी भरना होता है, जिसमें आपको उस अकाउण्ट की जानकारी देना होती है जिसमें आप बंद होने वाले अकाउण्ट के बचे हुए पैसों को ट्रांसफर करना चाहते हैं। याद रखिये कि बैंक अकाउण्ट बंद करने की प्रक्रिया ऑनलाइन नहीं होती है, इसके लिए आपको बैंक में ख़ुद जाना होता है।

जब आप बैंक अकाउण्ट को बंद करने करते हैं तो बैंक आपसे इस्तेमाल नहीं की गई चेक बुक और डेबिट कार्ड बैंक क्लोजर फॉर्म के साथ जमा करने के लिए कहता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बैंक अकाउण्ट खोलने के बाद उसे 14 दिनों के अन्दर बंद करने पर आमतौर पर कोई भी बैंक किसी भी तरह का कोई भी चार्ज नहीं वसूलते हैं। लेकिन अगर आप खाता खोलने के 14 दिन बाद से लेकर एक साल पूरा होने से पहले उसे बंद कराते हैं तो आपको अकाउण्ट क्लोजर चार्ज देना पड़ सकता है। वहीं आम तौर पर एक साल से ज़्यादा पुराने खाते को बंद कराने पर क्लोजर चार्ज नहीं लगता है।

वहीं आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जिस अकाउण्ट को आप बंद करा रहे हैं उसमें पड़े पैसों में से सिर्फ़ 20,000 रुपये ही आपको कैश में मिल सकते हैं। वहीं यदि इससे ज़्यादा रक़म है तो उसका भुगतान चेक से किया जाता है। यदि आप चाहे तों अपने खाते के पैसों को किसी दूसरे बैंक में ट्रांसफर भी कर सकते हैं। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि अगर आपके खाते में ज़्यादा पैसे हैं तो उसकी क्लोजर प्रोसेस शुरू करने से पहले उसे दूसरे अकाउण्ट में ट्रांसफर कर दें। वहीं अकाउण्ट का अन्तिम स्टेटमेंट अपने पास रखे, जिसमें अकाउण्ट क्लोजर का जिक्र हो।