दिव्यांग और बुजुर्ग अब घर बैठे कर सकेंगे मतदान!
NOV 08 (WTN) – विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में होने वाले चुनाव अपने आप में काफ़ी दिलचस्प होते हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि निर्वाचन आयोग आधुनिक संसाधनों का इस्तेमाल कर चुनाव की प्रक्रिया को सरल, तीव्र और पारदर्शी बनाने में सफ़ल रहा है। लेकिन काफ़ी समय से लोगों की निर्वाचन आयोग से यह मांग रही है कि क्या ऐसा नहीं हो सकता है कि वोटिंग के दिन वोट करने के लिए दिव्यागों और बुजुर्गों को पोलिंग बूथ पर आने की ज़रूरत ही ना पड़े और वे पोस्टल बैलेट से मतदान कर सकें। तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ऐसा भविष्य में होने जा रहा है।
दरअसल, आने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव में निर्वाचन चुनाव आयोग एक ऐसा ऐप लॉन्च करने वाला है, जिससे 80 साल से ज़्यादा उम्र के बुजुर्ग और दिव्यांग वोटर्स को पोलिंग बूथ तक आने की ज़रूरत ही नहीं होगी और वो पोस्टल बैलेट से ही मतदान कर पाएंगे। वहीं दावा किया जा रहा है कि इस ऐप के ज़रिये रियल टाइम बूथ का डेटा उपलब्ध होगा। इस बहुउद्देशीय ऐप का नाम बूथ ऐप (Booth App) है, जो कि आने वाले समय में भारत में चुनावों प्रक्रिया की दिशा बदल सकता है।
जानकारी के मुताबिक़, 80 साल से ज़्यादा उम्र के बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाता जो कि पोलिंग बूथ आकर मतदान करने में असमर्थ हैं, उनकी सहायता बूथ ऐप करेगा। बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाता इस ऐप के ज़रिये निर्चावन आयोग से गुजारिश कर सकेंगे कि वे शारीरिक कमजोरी और शारीरिक अक्षमता के कारण पोलिंग बूथ पर आकर वोटिंग करने में असमर्थ हैं। ऐसे में पोलिंग बूथ पर जाकर वोटिंग करने के बजाय पोस्टल बैलट से वोटिंग करने के लिए उन्हें
अपने विधानसभा क्षेत्र में नोटीफिकेशन जारी होने के पांच दिनों के अन्दर इसके लिए अप्लाई करना होगा।
अप्लाई करने के बाद पोलिंग टीम सम्बन्धित मतदाता के घर जाकर पोस्टल बैलेट से सम्बन्धित फॉर्म-12(डी) उपलब्ध कराएगी और मतदान से सम्बन्धित प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। यानी कि अब दिव्यागों और 80 साल से ज़्यादा उम्र के बुजुर्गों को वोट डालने के लिए पोलिंग बूथ तक नहीं जाना ज़रूरी नहीं होगा, बल्कि वे पोस्टल बैलट का प्रयोग करके वोट डाल सकेंगे। इस अनोखे प्रयोग को पहली बार झारखण्ड विधानसभा चुनाव में लागू किया जाएगा।
वहीं अब निर्वाचन आयोग मतदाता पर्ची में क्यूआर कोड दर्ज करने जा रहा है, जिसके बाद ऐप में क्यूआर कोड को स्कैन करने से मतदाता की सारी जानकारी मिल जाएगी। इससे मतदान से पहले की प्रक्रिया में काफ़ी समय बचेगा। इससे कम समय में ज़्यादा से ज़्यादा मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे।
बूथ ऐप से मतदाताओं को रियल टाइम डेटा की भी मिल सकेगी। इसके लिए निर्वाचन आयोग रियल टाइम डेटा कलेक्ट करेगा, जिसके लिए जैसे ही कोई वोटर किसी भी बूथ में एंट्री लेगा उसकी मतदाता पर्ची में दर्ज क्यूआर कोड को मौजूद अधिकारियों द्वारा स्कैन करके वेरीफाई किया जाएगा। वहीं मतदान करने के बाद मतदाता के फ़ोटो पहचान पत्र को स्कैन किया जाएगा, जिससे ऐप पर यह पता चल जाएगा कि किस व्यक्ति ने मतदान कर दिया है। इस तरह से यूज़र को रियल-टाइम डेटा उपलब्ध होता रहेगा।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में इसे पूरी तरह से प्रयोग किए जाने के पहले उत्तर प्रदेश, हरियाणा और महाराष्ट्र के उपचुनावों के दौरान इसका पायलट वर्ज़न प्रयोग किया जा चुका है। इस ऐप को इस्तेमाल कर वोटर्स यह जान पाएंगे कि पोलिंग बूथ पर कितनी लम्बी लाइन है। इतना ही नहीं, इस ऐप से यह जानकारी भी मिल पाएगी कि कितने वोटर्स अभी तक बूथ पर पहुंच चुके हैं।
कहा जा सकता है कि निर्वाचन आयोग की इस पहल के बाद दिव्यांग और बुजुर्ग मतदाताओं को मतदान के लिए पोलिंग बूथ तक जाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी वहीं रियल टाइम डेटा से मतदाताओं को इस बात की जानकारी मिलती रहेगी कि उनके पोलिंग बूथ पर वोटिंग की क्या स्थिति है। समय के साथ बदलाव ज़रूरी होता है और भारत निर्वाचन आयोग वोटिंग से लेकर काउण्टिंग तक की प्रक्रिया में आधुनिक संसाधनों का इस्तेमाल कर भारतीय चुनाव प्रणाली को विश्व में सबसे अलग, विश्वसनीय और आधुनिक बनाने की प्रक्रिया में लगा हुआ है।