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क्या दुनिया की आंखों में धूल झोंकने में सफल हो पाएगा पाकिस्तान?

18 Feb 2020
टेरर फण्डिंग मामले में FATF ने दी पाकिस्तान को ‘अन्तिम चेतावनी’

FEB 18 (WTN) – भारत का पड़ोसी देश पाकिस्तान लगता है कभी सुधर ही नहीं सकता है। भारत में आतंक फैलाने में अपनी ताक़त और संसाधनों को बर्बाद करने वाले पाकिस्तान की नापाक हरकतों से पूरी दुनिया तंग आ चुकी है। पिछले 20 साल में दुनिया के किसी भी देश में हुए आतंकी हमलों का कनेक्शन कहीं ना कहीं पाकिस्तान से जुड़ा रहा है। भारत सरकार काफ़ी समय से पूरी दुनिया के सामने यह सबूत दे रही है कि पाकिस्तान में खुले आम आतंकी कैम्प चलते हैं, और पाकिस्तान की सरकार और सेना की तरफ़ से उनके ख़िलाफ़ किसी भी तरह की कोई भी कार्रवाई नहीं की जाती है। हालांकि, ऐसा नहीं है कि पाकिस्तान के नापाक इरादों पर दुनिया भर के देशों ने चुप्पी साध रखी है। पाकिस्तान में आतंकियों को मिल रही सहयता के ख़िलाफ़ कई देशों ने पाकिस्तान को सबक़ सिखाने का मन बना लिया है।
 
दुनिया की एक महत्वपूर्ण संस्था FATF (Financial Action Task Force) ने पाकिस्तान को आतंकी संगठनों की फंडिंग को लेकर एक बार फिर से चेतावनी दी है। FATF ने पाकिस्तान की इमरान ख़ान सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि अभी भी पाकिस्तान में आतंकी संगठनों को फ़ायदा मिल रहा है, और उनके ख़िलाफ़ समुचित कार्रवाई नहीं की जा रही है। FATF ने पाकिस्तान की पोल खोलते हुए कहा, “टेरर फंडिंग पर सख्ती के बाद भी ग़ैरक़ानूनी गतिविधियों, और दुनिया भर में समर्थकों से जुटाए फंड से आतंकी समूहों की मदद की जा रही है।” वहीं पाकिस्तान का नाम लिए बिना FATF ने अपने एक बयान में कहा कि आतंकवादी फंडिंग के लिए कई तरीकों का इस्तेमाल करते हैं।

बता दें कि दुनियाभर में आतंकी गतिविधियां बढ़ने के बाद FATF ने आतंकी संगठन की फंडिंग पर मानकों को सख्त बनाया है, जिससे इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एण्ड द लेवांत (ISIL) और अल-कायदा जैसे समूहों की फण्डिंग घटाने में मदद मिली है। लेकिन कई आतंकी संगठन अभी भी ग़ैरक़ानूनी गतिविधियों के द्वारा और दुनियाभर में समर्थकों से फण्ड जुटा रहे हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक़, पाकिस्तान में आतंकियों के ख़िलाफ़ किसी भी तरह की ठोस कार्रवाई नहीं की जाती है। यहां तक की पाकिस्तान की सेना के रिटायर्ड अधिकारी और पाकिस्तान की खूफिया एजेंसी आईएसआई के अधिकारी आतंकियों को ट्रेनिंग देते हैं।  

मोदी सरकार की कोशिशों के कारण आतंकियों को सुविधाएं मुहैया कराने के मामले में पाकिस्तान पूरी दुनिया में बेनक़ाब हो गया है। इसी कारण से आतंकी संगठनों को सुरक्षित पनाह देने वाला पाकिस्तान FATF की कार्रवाई से बचने के लिए अब झूठ बोल रहा है। FATF की सम्भावित कार्रवाई से डरे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान का कहना है कि पाकिस्तान अब आतंकी समूहों के लिए सुरक्षित पनाहगाह नहीं है। इस बारे में इमरान ख़ान का कहना है, “हो सकता है कि पहले यह स्थिति रही हो कि पाकिस्तान आतंकियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह रहा होगा, लेकिन हाल फ़िलहाल में ऐसा नहीं है।” वैसे बता दें कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने इतना बड़ा सफ़ेद झूठ संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतरेस के सामने बोला था।

वैसे इमरान ख़ान दुनिया के सामने कितना भी झूठ बोल लें, और आतंकियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मनगढ़ंत कहानियां सुनाते रहें। लेकिन भारत सरकार की पास पर्याप्त सबूत हैं कि पाकिस्तान की ज़मीन पर आतंकियों को सभी तरह के संसाधन मुहैया कराये जा रहे हैं, जिससे ये आतंकी संगठन भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे सकें। भारत सरकार ने सबूत के साथ इस बात को कहा है कि लश्कर-ए-तैयबा (LeT), जैश-ए-मोहम्मद (JeM), और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकवादी संगठनों को पाकिस्तान नियमित रूप से समर्थन दे रहा है। इन तीनों ही आतंकी संगठनों का मुख्य निशाना भारत है। ऐसे में भारत सरकार ने FATF से मांग की है कि आतंकी संगठनों के ख़िलाफ़ उचित कार्रवाई नहीं करने के कारण पाकिस्तान के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाए।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फ्रांस की राजधानी पेरिस में FATF की एक अहम बैठक होने जा रही है। और इसी बैठक में तय होगा कि आतंकी संगठनों को टेरर फण्डिंग के आरोपों में पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट से ब्लैक लिस्ट में डाला जाता है, या फ़िर पाकिस्तान ग्रे लिस्ट में ही बना रहने दिया जाए। या हो सकता है कि पाकिस्तान ग्रे लिस्ट से भी बाहर कर दिया जाए। बता दें कि FATF ने पाकिस्तान को फरवरी 2020 तक का समय दिया था कि वो टेरर फण्डिंग के मामले में 27 में से 22 बिन्दुओं पर उसकी सिफ़ारिशों का अनुपालन नहीं करता है, तो पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट से निकालकर ब्लैक लिस्ट में डाल दिया जाएगा।

अब आप सोच रहे होंगे कि यदि FATF ने पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट में डाल दिया तो पाकिस्तान को इससे क्या नुकसान होगा। ऐसे में आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यदि FATF पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट में डालता है, तो पाकिस्तान को अंतर्राष्ट्रीय बहिष्कार का सामना करना पड़ सकता है। वहीं पाकिस्तान के लिए अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं और मित्र देशों से क़र्ज़ और वित्तीय सहायता मिलना मुश्किल हो जाएगा। हालांकि, पाकिस्तान ब्लैक लिस्टेड होने से बचने की पूरी कोशिश करेगा, जिससे उसे वित्तीय सहायता पर असर ना पड़े। ऐसा इसलिए क्योंकि पाकिस्तान की वित्तीय हालत काफ़ी ख़राब है, और यदि पाकिस्तान को विदेशी सहायता नहीं मिली, तो पाकिस्तान में वित्तीय संकट और भी ज़्यादा गहरा सकता है। वैसे नई जानकारी के मुताबिक़, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में पाकिस्तान की शह पर एक बार फ़िर से आतंकियों के ट्रेनिंग कैम्प चल रहे हैं। ऐसे में इन सबूतों के आधार पर पाकिस्तान पर FATF ने यदि कड़ी कार्रवाई की, तो पाकिस्तान को ब्लैक लिस्टेड होने से कोई भी नहीं बचा सकता है।