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ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी से बचने अपनाएं 'यह' सावधनियां

07 Apr 2020

EMI रुकवाने किसी के भी साथ साझा न करें OTP

APRIL 07 (WTN) - जैसा कि आप जानते ही हैं कि कोरोना वायरस संक्रमण के कारण भारत में 21 दिन का लॉकडाउन जारी है। ऐसे में लोग अपने ज़रूरी काम ऑनलाइन तरीक़े से निपटा रहे हैं। वहीं, पैसों का किसी भी तरह का भुगतान और  किसी भी तरह के कोरोना वायरस रिलीफ फण्ड में दान के लिए लोग डिजिटल तरीक़ा अपना रहे हैं। लेकिन इस मुसीबत के वक़्त भी, साइबर क्राइम के ज़रिए फ्रॉड करने वाले अपनी करतूतों को अंजाम दे रहे हैं।

 

इसी कड़ी में भारतीय स्टेट बैंक ने अपने उपभोक्ताओं को एक नए तरीक़े के साइबर क्राइम के बारे में अलर्ट किया है। भारतीय स्टेट बैंक ही नहीं, बल्कि अब सरकार ने भी किया लोगों को एक नए तरीक़े के साइबर क्राइम से सुरक्षित रहने की सलाह दी है। PIB( Press Information Buero) ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि बैंक EMI के बारे में साइबर धोखाधड़ी से सावधान रहें। आइये आपको बताते हैं कि साइबर क्राइम से बचने के लिए आपको किस तरह की सावधानियां बरतनी चाहिए।

 

सबसे पहले तो इस बात का खयाल रखें कि किसी भी तरह का कोई भी ऑनलाइन ट्रांसजेक्शन करते समय किसी के भी साथ फोन कॉल, मैसेज या ईमेल के ज़रिए अपना OTP साझा ना करें। वहीं, SBI ने अपने उपभोक्ताओं को सावधान रहने की सलाह देते हुए कहा है कि धोखा देने वाले बैंक उपभोक्ताओं को कॉल कर उनके लोन की ईएमआई (EMI) रुकवाने के लिए उनसे ओटोपी (OTP) साझा करने के लिए कह रहे हैं। एसबीआई (SBI) ने बाकायदा ट्वीट कर बताया है कि EMI नहीं चुकाने के लिए OTP साझा करना जरूरी नहीं है।

 

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यदि आप किसी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी EMI रुकवाने के लिए अपना OTP साझा करते हैं, तो ऑनलाइन फ्रॉड करने वालों द्वारा तुरंत ही आपके खाते से पैसे निकाले जा सकते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कोरोना वायरस संक्रमण माहामारी के कारण लॉकडाउन की स्थिति को देखते हुए भारतीय रिज़र्व बैंक ने सभी भारतीय बैंकों / भारतीय वित्तीय संस्थानों को यह अनुमति दी है कि वे 1 मार्च 2020 से 31 मई, 2020 के बीच अपने EMI भुगतानों पर 3 महीने तक के लिए ग्राहकों को राहत दे सकते हैं। 

 

वहीं यदि लॉकडाउन के दौरान कोई भी भुगतान डिजिटल तरीक़े से कर रहे हैं, तो याद रखें कि कोई भी फण्ड ट्रांसफर करने से पहले पैसे प्राप्त करने वाले की पहचान की जांच अच्छी तरीक़े से करें। कभी भी किसी भी ई-कॉमर्स साइट पर अपने क्रेडिट या डेबिट कार्ड की डिटेल सेव नहीं करें। किसी भी अनचाहे ई-मेल पर अपनी व्यक्तिगत या बैंक संबंधित जानकारी साझा ना करें। कोरोना वायरस से संबंधित किसी भी समाचार या सूचना की लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी जांच ज़रूर करें। याद रखिए कि आपकी सावधानी में ही आपकी सुरक्षा है।