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जल्द ही कोरोना वायरस संक्रमण महामारी पर भारत हासिल करेगा जीत

25 Apr 2020

भारत में तेज़ी से कम हो रहे हैं कोरोना वायरस संक्रमण के मामले, मई के महीने से कम होगी मरीज़ों की संख्या

APRIL 25 (WTN) - जैसा कि आप जानते ही हैं कि चीन के वुहान शहर से उपजे और फैले कोरोना वायरस संक्रमण के कारण 200 से ज़्यादा देशों के नागरिक संक्रमित हो चुके हैं। इस लेख को लिखे जाने तक, कोरोना वायरस संक्रमण से पूरी दुनिया में अभी तक क़रीब 1,97,846 लोगों की मौत हो चुकी है। जहां तक भारत की बात है, तो कोरोना वायरस संक्रमण महामारी के कारण भारत में अभी तक 780 लोग मारे जा चुके हैं। लेकिन इतना सब होने के बाद भी, चीन की वामपंथी सरकार अपनी किसी भी तरह की कोई भी ग़लती मानने को तैयार नहीं है।

खैर, लेकिन मोदी सरकार की कुशल रणनीति के कारण भारत में कोरोना वायरस संक्रमण दुनिया के अन्य देशों की तुलना में तुलनात्मक रूप से अभी तक ज़्यादा क़हर नहीं बरपा पाया है। लॉकडाउन सहित कई अन्य उपाय करने से भारत में कोरोना वायरस संक्रमण महामारी काफ़ी हद तक नियंत्रण में है। वैसे तो कोरोना वायरस संक्रमण महामारी की वैक्सीन और दवा पर शोध का काम जारी है। लेकिन इन सबके बीच, कोरोना वायरस संक्रमण महामारी को लेकर अब पॉजिटिव ख़बरें सामने आने लगी हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि लॉकडाउन और केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के प्रयासों के कारण कोरोना वायरस संक्रमण बढ़ने की गति अब धीरे-धीरे कमज़ोर पड़ने लगी है। दरअसल, वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि कोरोना वायरस के आंकड़े भले ही अभी बढ़कर दिखाई दे रहे हों, लेकिन मई के महीने तक कोरोना वायरस संक्रमण के केस तेज़ी से नीचे आते जाएंगे। यही नहीं, जिस तेज़ी के साथ अब कोरोना वायरस संक्रमण के टेस्ट किये जा रहे हैं, उससे भी स्पष्ट होता जा रहा है कि भारत बहुत जल्द ही कोरोना वायरस संक्रमण महामारी के ख़िलाफ़ जारी युद्ध जीत लेगा।

सबसे पहले तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत में अब कोरोना वायरस संक्रमण की जांच के लिए टेस्ट तेज़ी से किए जा रहे हैं। बता दें कि 13 अप्रैल से पहले तक देश में प्रति 10 लाख की जनसंख्या पर 177 टेस्ट किए जा रहे थे, लेकिन अब इसे दोगुना कर दिया गया है। अब हर 10 लाख की जनसंख्या पर 362 टेस्ट किया जा रहे हैं। स्वाभाविक है कि ज़्यादा टेस्ट होने से कोरोना वायरस संक्रमण महामारी के मरीज़ों के बारे में तेज़ी से और समय पर पता चल सकेगा।

केन्द्र सरकार के अलावा कई राज्य सरकारों ने भी कोरोना वायरस संक्रमण महामारी के ख़िलाफ़ काफ़ी अच्छा काम किया है। बात करें दक्षिण भारत के राज्यों की, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दक्षिण के राज्यों में जितनी तेज़ी से कोरोना वायरस का संक्रमण फैला था, उतनी ही तेज़ी से उसकी रोकथाम कर ली गई है। केरल समेत दक्षिण के कई राज्यों ने कोरोना संक्रमण महामारी के ख़िलाफ़ काफ़ी सुनियोजित तरीके से काम किया है जिसका परिणाम है कि इन राज्यों में कोरोना वायरस संक्रमण पर काफ़ी हद तक लगाम लग पाई है।

मौसम का प्रभाव कहिये या फिर भारतीय लोगों की अच्छी रोग प्रतिरोधक क्षमता, कोरोना वायरस संक्रमण का असर भारत में अब कम होने लगा है। जानकारी के मुताबिक़, देश के 23 राज्‍यों के 78 जिलों में 14 दिन से कोरोना वायरस संक्रमण का कोई भी नया केस नहीं आया है। वहीं, देश के 12 जिलों में पिछले 28 दिनों में कोरोना वायरस संक्रमण का कोई भी नया केस नहीं आया है। आंकड़ों से साफ़ ज़ाहिर होता है कि देश में कोरोना वायरस संक्रमण की रफ़्तार कम होती जा रही है।

देश में कोरोना वायरस संक्रमण पर सबसे ज़्यादा लगाम लॉकडाउन के कारण ही लगी है। वहीं, सोशल डि​स्टेंसिंग ने भी कोरोना वायरस संक्रमण को बढ़ने से रोकने में मदद की है। इन्हीं सब प्रयासों से देश के 11 राज्यों में कोरोना संक्रमण से संक्रमित मरीज़ों की संख्या में 50 प्रतिशत तक की कमी देखी गई है। जानकारी के लिए बता दें कि गोवा, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर राज्य तो कोरोना वायरस संक्रमण से मुक्त हो चुके हैं।

इस समय जबकि कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी का पता लगाने के लिए ज़्यादा टेस्ट किए जा रहे हैं, तो ऐसे में अभी कोरोना संक्रमित मरीज़ों की संख्या में कुछ दिनों तक वृद्धि देखी जा सकती है। लेकिन अगले महीने से कोरोना वायरस संक्रमण के मरीज़ों की संख्या में तेज़ी से कमी आना शुरू हो जाएगी। देश से जल्द से जल्द कोरोना वायरस संक्रमण का खात्मा हो सके, इसके लिए हम सबको लॉकडाउन के नियमों का सख़्ती से पालन करना काफ़ी ज़रूरी है।