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एक बार फ़िर हुआ साबित; कोरोना वायरस संक्रमण से महिलाओं की तुलना में पुरूष हो रहे हैं ज़्यादा प्रभावित

27 Apr 2020

पुरुषों की कई बेकार आदतें पड़ रहीं उन पर भारी; COVID-19 से पुरुषों की हो रही ज़्यादा मौतें

APRIL 27 (WTN) - मानव सभ्यता को चुनौती दे रहा कोरोना वायरस संक्रमण देखते ही देखते 200 से ज़्यादा देशों के लाखों लोगों को संक्रमित कर चुका है। इस लेख को लिखे जाने तक, कोरोना वायरस संक्रमण से अभी तक पूरी दुनिया में 2,06,997 लोगों की जान जा चुकी है। आरोप है कि चीन के वुहान शहर से उपजा और फैला कोरोना वायरस संक्रमण चीन की वामपंथी सरकार की ग़लती, लापरवाही और हठधर्मिता के कारण पूरी दुनिया में फैला है। लेकिन इतना सब होने के बाद भी, चीन की वामपंथी सरकार अपनी ग़लती मानने को तैयार नहीं है। 

कोरोना वायरस संक्रमण की दवा और वैक्सीन की खोज लगातार जारी है। लेकिन इसी बीच, कोरोना वायरस संक्रमण पर कई तरह के नये-नये शोध सामने आ रहे हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एक बार फिर एक नये शोध में यह बात साबित हो गई है कि कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी (COVID-19) के कारण महिलाओं की तुलना में पुरुषों की ज़्यादा मौत हो रही है। वहीं, कोरोना वायरस संक्रमण से पुरूष महिलाओं की तुलना में ज़्यादा संक्रमित भी हो रहे हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास, ह्यूस्टन मेथोडिस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट और यूनिवर्सिटी ऑफ टेनेसी हेल्थ साइंस सेंटर के शोधकर्ताओं के मुताबिक़, कोरोना वायरस संक्रमण से पुरुषों के ज़्यादा प्रभावित होने के पीछे कई फ़ैक्टर्स ज़िम्मेदार हो सकते हैं। इनमें से एक फैक्टर है दोनों लिंगों की जेनेटिक संरचना और संक्रमण के लिए संवेदनशीलता बढ़ाने वाली आदतें।

जहां तक यूरोप की बात है, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि WHO (World Health Organization) यानी विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, यूरोप में COVID-19 की कुल मौतों में 63 प्रतिशत मरीज़ पुरुष थे। COVID-19 निगरानी ग्रुप की ओर से तैयार मार्च की एक और रिपोर्ट के अनुसार, इटली में कोरोना वायरस से हुई मौतों में सिर्फ़ 29.1 प्रतिशत ही महिलाएं थीं।

यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास, ह्यूस्टन मेथोडिस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट और यूनिवर्सिटी ऑफ टेनेसी हेल्थ साइंस सेंटर के शोध में पहले की महामारियों जैसे कि SARS (Severe Acute Respiratory Syndrome) और MERS (Middle East Respiratory Syndrome) की COVID-19 के डेटा से तुलना की गई है। इस रिसर्च में बताया गया है कि संक्रमण दर समान होने के बावजूद तीनों बीमारियों SARS, MERS और COVID-19 में पुरुषों की मृत्यु दर ऊंची रही है।

जी हां, हॉन्ग कॉन्ग से मिले आकंड़ों के मुताबिक़, SARS बीमारी के दौरान पुरुषों की मृत्यु दर 21.9 प्रतिशत थी, और महिलाओं की मृत्यु दर 13.2 प्रतिशत रही थी। इसी तरह आंकड़े बताते हैं कि MERS बीमारी में पुरुषों की मृत्यु दर 21.2 प्रतिशत थी, जबकि महिलाओं की मृत्यु दर 15.2 प्रतिशत रही थी। रिसर्च बताता है कि MERS, SARS-CoV और SARS-CoV2 (COVID-19) में महिलाओं से अधिक मौत पुरुषों की हुई है।

इन बीमारियों में पुरुषों की ज़्यादा मौत के कई कारण हो सकते हैं। रिसर्च के अनुसार, इन बीमारियों में पुरुषों की ज़्यादा मौत का एक सम्भावित कारण महिलाओं मे X-लिंक्ड जीन्स का लिंग आधारित मॉडयूलेशन हो सकता है, जो संक्रमण के लिए संवेदनशीलता को बढ़ा सकता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि पुरुषों और महिलाओं में कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी समेत SARS और MERS जैसी बीमारियों को लेकर रोग प्रतिरोधक क्षमता अलग-अलग हो सकती हैं।

शोधकर्ताओं के मुताबिक़, पुरुषों में स्मोकिंग की आदत महिलाओं से ज़्यादा होती है। वहीं, पुरुषों में कार्डियोवैस्कुलर समस्याओं से जुड़ी पहले से मौजूद बीमारियां के कारण भी पुरूष इन बीमारियों से महिलाओं से ज़्यादा प्रभावित हो रहे हैं।

रिसर्चर्स के अनुसार, घर के काम करने के कारण और अन्य कारणों से महिलाएं पुरुषों की तुलना में दिन में कई बार हाथ ज़्यादा धोती हैं, ऐसे में महिलाएं वायरस के हमले से काफ़ी हद तक बची रहती हैं। साफ़ है कि पुरुषों को महिलाओं की तुलना में ज़्यादा सतर्क रहने की ज़रूरत है ताकि वायरस के हमलों से बचा जा सका।