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आंकड़ों ने दिखाई आशा; कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी पर जल्द नियंत्रण की उम्मीद

05 May 2020

COVID-19 महामारी में अन्य देशों की तुलना में भारत की स्थिति काफ़ी बेहतर

MAY 05 (WTN) - जैसा कि आप जानते ही हैं कि कोरोना वायरस संक्रमण के कारण 25 मार्च से भारत में लॉकडाउन जारी है। केन्द्र सरकार के अनुसार, फ़िलहाल 17 मई तक देश में लॉकडाउन जारी रहेगा। अब कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिए लॉकडाउन के कारण लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। लेकिन फिर भी यदि अन्य देशों की कोरोना वायरस संक्रमण स्थिति की भारत की स्थिति से तुलना की जाए, तो अन्य देशों की तुलना में भारत की स्थिति काफ़ी बेहतर है।

चीन के वुहान शहर से उपजी और फैली कोरोना वायरस संक्रमण की बीमारी 200 से ज़्यादा देशों में फैल चुकी है। इस लेख को लिखे जाने तक, कोरोना वायरस संक्रमण के कारण अभी तक पूरी दुनिया में 2,52,746 लोगों की मौत हो चुकी है।  जहां तक भारत की बात है, तो कोरोना वायरस संक्रमण के कारण भारत में अभी तक 1,568 लोग मारे जा चुके हैं। अब जबकि भारत में तुलनात्मक रूप से कोरोना वायरस संक्रमण नियंत्रण में है, तो आर्थिक गतिविधियों को गति देने के लिए सरकार ने कुछ शर्तों और पाबंदियों के साथ लॉकडाउन में छूट दी है।

17 मई तक जारी लॉकडाउन के तीसरे चरण में सरकार ने ज़ोन के हिसाब से लोगों को जो छूट दी है, लेकिन उस पर कई लोग प्रश्नचिन्ह लगा रहे हैं। वास्तविकता में सरकार ने काफ़ी सोच समझकर ही ऐसा निर्णय लिया है। दरअसल, देशभर से कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी (COVID-19) के जो आंकड़े स्वास्थ्य मंत्रालय और केन्द्र सरकार के पास आ रहे हैं, वे काफ़ी उत्साहजनक हैं, और उसी के आधार पर सरकार ने यह छूट दी है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी से जुड़े आंकड़े फ़िलहाल केन्द्र और राज्य सरकारों के लिए राहत लेकर आ रहे हैं। आंकड़े बताते हैं कि भारत में COVID-19 के मरीज़ों की रिकवरी रेट दुनिया के कई देशों की तुलना में काफ़ी अच्छी है। वहीं COVID-19 से हो रही मृत्यु दर भी भारत में तुलनात्मक रूप से कम है। 

दरअसल, कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी की जांच में अब देश में तेज़ी आई है और इसके कारण संक्रमित मरीज़ों का आसानी से पता लगाया जा रहा है। वहीं, सरकार के लिए सबसे बड़ी राहत की बात है COVID-19 की रिकवरी रेट। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अभी तक भारत में COVID-19 से संक्रमित क़रीब 12,727 मरीज़ ठीक हो चुके हैं। भारत में COVID-19 की रिकवरी रेट इस समय क़रीब 27 प्रतिशत है।

स्वास्थ्य मंत्रालय को उम्मीद है कि मई महीने के आख़िरी तक यह रिकवरी रेट 50 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। हीं, जानकारी के मुताबिक़, COVID-19 के 10 लाख टेस्ट के बाद भारत की स्थिति तुलनात्मक रूप से अन्य देशों से बेहतर है। बता दें कि भारत में रविवार तक COVID-19 के 10 लाख से अधिक टेस्‍ट किए जा चुके हैं। भारत के अलावा जो 5 अन्‍य देश COVID-19 के 10 लाख से ज़्यादा टेस्‍ट कर चुके हैं, उन देशों में भारत की तुलना में कोरोना वायरस संक्रमण के केस कहीं ज़्यादा हैं।

COVID-19 के 10 लाख से ज़्यादा टेस्ट कराने के बाद भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के 39,980 केस हैं। जबकि स्‍पेन में 2,00,194 केस, अमेरिका में 1,64,620 केस, इटली में 1,52,271 केस, तुर्की में 1,17,589 केस और जर्मनी में 73,522 केस दर्ज़ किए जा चुके हैं। साफ़ है कि दुनिया के अन्य देशों की तुलना में COVID-19 के केस के मामले में भारत की स्थिति तुलनात्मक रूप से काफ़ी बेहतर है।

अब जहां तक COVID-19 के कारण मृत्यु दर की बात है, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि COVID-19 की मृत्‍यु दर में भी भारत की स्थिति तुलनात्मक रूप से अन्‍य देशों से बेहतर है। भारत में COVID-19 महामारी की मृत्यु दर सिर्फ़ 3.2 प्रतिशत है। यानी कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी से संक्रमित सौ लोगों में से 4 से भी कम लोगों की भारत में मौत हो रही है। वहीं, भारत की तुलना में अमेरिका, इटली, स्पेन, चीन, रूस और दक्षिण कोरिया में COVID-19 महामारी की मृत्यु दर कहीं ज़्यादा है।

आंकड़े बताते हैं कि COVID-19 महामारी को भारत ने बहुत हद तक नियंत्रित किया है। यदि रिकवरी की रेट बढ़ती रही और मृत्य दर कम होती रही, तो जल्द ही भारत COVID -19 महामारी पर विजय हासिल कर लेगा। लेकिन इसके लिए ज़रूरी है कि सभी लोग लॉकडाउन का सख़्ती से पालन करें। यदि जनता का साथ रहा, तो भारत से जल्द ही लॉकडाउन पूरी तरह से ख़त्म होगा और आम जनजीवन सामान्य होने के साथ ही आर्थिक गतिविधियां रफ़्तार पकड़ लेंगी।