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सतह से कोरोना वायरस फैलना नहीं है इतना भी आसान

25 May 2020

कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव ही है पहली सुरक्षा

MAY 25 (WTN) - भारत में अब काफ़ी तेज़ गति से कोरोना वायरस संक्रमण फैलता जा रहा है। अभी तक कोरोना वायरस संक्रमण की कोई भी वैक्सीन या दवा विकसित नहीं हो सकी है। ऐसे में कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव ही पहली सुरक्षा है। समय-समय पर कोरोना वायरस पर कई तरह के रिसर्च सामने आते रहते हैं। इसी कड़ी में अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंसन (CDC) ने कोरोना वायरस संक्रमण पर एक नया शोध जारी किया है।

दरअसल, सीडीसी ने कोरोना वायरस के फैलने को लेकर दी नई जानकारी में पिछली सूचना पर कुछ स्‍पष्‍टीकरण दिया है। सीडीसी का कहना है कि निश्चित तौर पर अगर कोई कोरोना पॉजिटिव व्‍यक्ति खांसता, छींकता या बोलता है, तो वो अपने आसपास की सतहों को संक्रमित कर देगा।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अभी तक कहा जा रहा था कि इन सतहों को छूने मात्र से ही संक्रमण तेजी से फैलता है। लेकिन अब सीडीसी ने स्पष्ट किया है कि सतह पर मौजूद कोरोना वायरस आसानी से संक्रमण नहीं फैला सकता। सीडीसी के अनुसार, कोरोना वायरस से संक्रमित सतह को छूने के बाद नाक, मुंह या आंख को छूने पर कोरोना वायरस की चपेट में आ सकते हैं। लेकिन सीडीसी का कहना है सिर्फ यही इसके फैलने का एकमात्र माध्यम नहीं है।

सीडीसी के अनुसार, COVID-19 संक्रमण ख़ासतौर पर एक संक्रमित व्यक्ति के किसी स्वस्थ व्यक्ति के करीबी संपर्क में आने पर सबसे ज़्यादा तेज़ गति से फैल रहा है। वैज्ञानिकों के अनुसार, किसी सतह पर मौजूद वायरस से संक्रमित होने के लिए उसकी संख्‍या, उसके सतह पर जिंदा रहने का समय जैसी कुछ परिस्थितियां भी काफी जिम्‍मेदार होती हैं।

रिसर्च करने वालों के मुताबिक़, कोरोना वायरस संक्रमण फैलने के लिए सबसे पहले सतह पर पर्याप्‍त मात्रा में कोरोना वायरस का होना बेहद जरूरी है। वहीं, इसके बाद किसी दूसरे व्‍यक्ति के उस संक्रमित सतह को छूने तक वायरस का जिंदा रहना भी जरूरी है। साथ ही अगर कोई व्यक्ति संक्रमित सतह को छू लेता है, तो संक्रमित होने के लिए कोरोना वायरस का उस व्‍यक्ति की त्‍वचा पर तब तक जिंदा रहना जरूरी है, जब तक कि वो उससे अपनी नाक, आंख या मुंह को छू नहीं लेता है।

सीडीसी ने अपनी रिसर्च में यह बात साबित करने की कोशिश की है कि कोरोना वायरस का किसी सतह से फैलना उतना आसान नहीं है। वैसे, वैज्ञानिकों को अभी ये भी पता नहीं चल पाया है कि किसी व्‍यक्ति को संक्रमित होने और बीमार करने के लिए वायरस की कितनी मात्रा पर्याप्‍त रहेगी। ख़ैर, कोरोना वायरस संक्रमण पर लगातार शोध जारी हैं। लेकिन जब तक कोरोना वायरस संक्रमण की दवा या वैक्सीन नहीं बन जाती है, तब तक इससे बचाव ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।