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पीपुल्स यूनिवर्सिटी, भोपाल में शिक्षा में गुणवत्ता के उपायों पर वेबिनार का आयोजन

01 Jun 2020

लॉक डाउन  में भी वेबिनार के ज़रिए पीपुल्स यूनिवर्सिटी में जारी है शिक्षण कार्य

JUNE 01 (WTN) - जैसा कि आप जानते ही हैं कि अभी COVID-19 महामारी के कारण डिजिटल शिक्षा ने स्कूल स्तर से कॉलेज स्तर तक दुनिया भर में एक प्रमुख स्थान ले लिया है। पीपुल्स विश्वविद्यालय, जो कि मध्य भारत के पायनियर विश्वविद्यालयों में से एक है, और NAAC, SIRO, DSIR, Goverment of India द्वारा मान्यता प्राप्त है ने Internal Quality Assurance Cell (IQAC) के माध्यम से 30 मई को "डिजिटल युग में उच्च गुणवत्ता की शिक्षा के लिए व्यापक गुणवत्ता पहल और चुनौतियां" पर एक डिजिटल राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया।

इस संगोष्ठी के दौरान, शिक्षा में गुणवत्ता के उपाय और उन्हें पता लगाने के लिए उपकरण; डिजिटल लर्निंग के लिए निर्देशात्मक उपकरण और वर्तमान स्थिति में शिक्षा के प्रतिमान पर विचार-विमर्श किया गया।

इस वेबिनार में NAAC के सलाहकार डॉ गणेश हेगड़े ने NAAC द्वारा गुणवत्ता पहल के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वहीं, राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान संस्थान, कर्नाटक के निदेशक डॉ मुनीर अहमद ने डिजिटल पर्यावरण के लिए शैक्षणिक अनुकूलन क्षमता के लिए परिवर्तन प्रबंधन उपकरणों के बारे में चर्चा की।डॉ विनय सैनी, निदेशक, स्टार्ट-अप और आईआईटी बॉम्बे के वरिष्ठ वैज्ञानिक ने स्टार्ट अप और इनोवेशन पर चर्चा की। 

वेबिनार के विभिन्न सत्रों का संचालन डॉ नीरजा मल्लिक, डॉ नीरज उपमन्यु और प्रोफेसर अखिलेश मित्तल ने किया। इस वेबिनार में देश भर के क़रीब 1500 से अधिक संकाय सदस्यों ने शिरकत की।

पीपुल्स यूनिवर्सिटी के चेयरमैन सुरेश विजयवर्गीय ने इस वेबिनार के आयोजकों को बधाई दी। वहीं, पीपुल्स ग्रुप की निदेशक मेघा विजयवर्गीय ने इस अवसर पर कहा, "पीपुल्स यूनिवर्सिटी बुद्धिजीवियों को आमंत्रित करके संकाय सदस्यों के बीच नई सोच को बढ़ावा देती रहेगी। इस लॉकडाउन के दौरान हमने उद्योग के पेशेवरों, शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों को प्रौद्योगिकी, चिकित्सा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी, हरित बौद्धिक संपदा और स्वास्थ्य सेवा नवाचार जैसे विविध विषयों को समझाने के लिए आमंत्रित किया। इस तरह के सेमिनार फैकल्टी मेंबर्स और विद्यार्थियों को संबंधित क्षेत्रों में गहरी जानकारी प्रदान करेंगे।" साथ ही पीपुल्स ग्रुप की निदेशक नेहा विजयवर्गीय ने इस वेबिनार के बारे में कहां कि लॉकडाउन में भी शिक्षण जारी रहा है और पीपुल्स यूनिवर्सिटी में शिक्षण कार्य लॉकडाउन से प्रभावित नहीं हुआ।

पीपुल्स यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ राजेश कपूर ने वेबिनार के उद्घाटन सत्र के दौरान कहा कि भारतीय हायर एजुकेशन प्रणाली अमेरिका और चीन के बाद दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी शिक्षा प्रणाली है। भारत में उच्च शिक्षा का डिजिटलाइजेशन अब एक तकनीकी क्रांति लाने के लिए तैयार है। पारंपरिक शिक्षा प्रणाली पुरातन गुरु-शिष्य परम्परा के "ज्ञान हस्तांतरण" की प्रणाली पर आधारित थी जो परस्पर संबंधों द्वारा स्थापित की गई थी। हालांकि, डिजिटल मीडिया और इंटरनेट ने ज्ञान के लोकतंत्र में प्रवेश किया है जहां शिक्षा एक सहयोगी, स्व-चालित उद्यम बन गई है।