HOME WORLD INDIA BHOPAL BUSINESS ENTERTAINMENT SCIENCE & TECHNOLOGY SPORTS HEALTH
WTN SPECIAL GOSSIP CORNER RECIPES DRINKS FUN FACTS WTN HINDI
EDUCATION LIFESTYLE TRAVEL ART & LITERATURE BIG MEMSAAB OPINION & INTERVIEW BrahMos
ABOUT US PRIVACY POLICY SITEMAP CONTACT US
BREAKING NEWS

...तो पृथ्वी पर सात नहीं आठ महाद्वीप हैं!

25 Jun 2020

क्या आप जानते हैं पृथ्वी के आठवें महाद्वीप जीलैंडिया के बारे में?

JUNE 25 (WTN) - यदि हम आपसे प्रश्न करें कि पृथ्वी पर कितने महाद्वीप हैं? तो आपका उत्तर होगा सात। और आप कहेंगे कि यह सात महाद्वीप हैं एशिया, यूरोप, अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और अंटार्कटिका। लेकिन यदि हम आपसे कहें कि पृथ्वी पर सात नहीं बल्कि आठ महाद्वीप हैं! तो स्वाभाविक है कि यह पढ़कर आप चौक गए होंगे।

दरअसल, आपका चौकना स्वाभविक है। क्योंकि आपने अभी तक यही पढ़ा है कि पृथ्वी पर सात महाद्वीप ही हैं। यह बात सही है कि पृथ्वी की सतह पर तो सात ही महाद्वीप हैं। लेकिन आज से लाखों साल पहले एक महाद्वीप और था जो कि समुद्र के अंदर समा गया है। यानि पृथ्वी का जो आठवां महाद्वीप है वो पृथ्वी की सतह पर मौजूद न होकर समुद्र में नीचे समा गया है।

पृथ्वी का यह आठवां महाद्वीप ऑस्ट्रेलिया से दक्षिण पूर्व की ओर न्यूज़ीलैंड के पास समुद्र में समाया हुआ है। वैज्ञानिकों ने समुद्र में समाए इस महाद्वीप को जीलैंडिया नाम दिया है। वैज्ञानिकों ने जीलैंडिया का नक्शा भी बनाया है। इस नक्शे के अनुसार वैज्ञानिकों का दावा है कि जीलैंडिया महाद्वीप क़रीब 50 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है।

वैज्ञानिकों के अनुसार, आज से क़रीब 7.90 करोड़ साल पहले जीलैंडिया महाद्वीप सुपरकॉन्टीनेंट के रूप में पहचाने जाने वाले गोंडवानालैंड से टूटकर अलग हो गया था। वहीं क़रीब 2.30 करोड़ साल पहले जीलैंडिया महाद्वीप समुद्र में डूब गया था। लाखों सालों से समुद्र में समाए इस महाद्वीप के बारे में वैज्ञानिकों को पहली बार तीन साल पहले पता चला था।

पृथ्वी का आठवां महाद्वीप जीलैंडिया प्रशांत महासागर के अंदर 3,800 फीट नीचे गहराई में मौजूद है। लगातार रिसर्च के बाद न्यूज़ीलैंड के वैज्ञानिकों ने जीलैंडिया महाद्वीप का टेक्टोनिक और बैथीमेट्रिक नक्शा तैयार किया है। इस नक्शे की मदद से वैज्ञानिक जीलैंडिया महाद्वीप से जुड़ी भूकंपीय गतिविधियां और समुद्री जानकारियों के बारे में पता लगा सकेंगे। वैज्ञानिकों को इसी नक्शे से पता चला है कि जीलैंडिया में कहीं बेहद ऊंचे पहाड़ हैं, तो कहीं बेहद गहरी घाटियां हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जीलैंडिया महाद्वीप का पूरा हिस्सा समुद्र के अंदर है। लेकिन लॉर्ड होवे आइलैंड के पास बॉल्स पिरामिड नाम की एक चट्टान समुद्र से बाहर निकली हुई है। इसी चट्टान से वैज्ञानिकों को समुद्र के नीचे एक और महाद्वीप का विचार आया था।

प्रसिद्ध जियोलॉजिस्ट निक मोरटाइमर के अनुसार, आठवें महाद्वीप के बारे में सबसे पहले साल 1995 में विचार किया गया था। लेकिन इस आठवें महाद्वीप का काफी मेहनत के बाद साल 2017 में पता लगाया जा सका और अब जाकर समुद्र में समाए इस महाद्वीप को आठवें महाद्वीप के रूप में मान्यता दी गई है।