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...तो 'इस तरह' से चीन के ख़िलाफ़ एकजुट होकर भारतीय सेना का 'साथ' दे रहे हैं दुनिया के कई देश

29 Jun 2020

चीन से निपटने मोदी सरकार ने की 'तैयारी'

JUNE 29 (WTN) - भारत का पड़ोसी देश चीन हमेशा से ही अपने सीमावर्ती देशों के साथ सीमा विवाद पैदा करता रहता है। विस्तारवादी मानसिकता वाली चीन की वामपंथी सरकार इन दिनों पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारत के साथ सीमा विवाद कर रही है। जैसा कि आप जानते ही हैं कि 15 जून की रात भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प में भारतीय सैनिकों ने चीन के सैनिकों को उनकी उद्दंडता का बढ़िया सबक सिखाया था।

भारतीय सेना के पूर्व जनरल (सेवानिवृत्त) वी. के. सिंह के अनुसार, इस हिंसक झड़प में चीन के कम से कम 40 सैनिक मारे गए हैं। लेकिन चीन की वामपंथी सरकार इस तरह की बातों को सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं करती है। हालांकि, इस हिंसक झड़प में भारत के 20 जवान वीर गति को प्राप्त हुए थे।

वहीं, 15 जून के बाद से ही भारत और चीन के बीच युद्ध के हालात बने हुए हैं। हालांकि, दोनों देश सीमा विवाद को बातचीत के ज़रिए सुलझाने की बात कह रहे हैं। लेकिन 1962 में धोखा खाने के बाद चीन की वामपंथी सरकार पर भारत कतई भी भरोसा नहीं कर सकता है। ऐसे में मोदी सरकार चीन के साथ सीमा विवाद पर बातचीत तो कर रही है, लेकिन वहीं चीन की किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई का मुंह तोड़ जवाब देने के लिए मोदी सरकार ने सेना को पूरी तरह से तैयार रहने के लिए कहा है और उसे आपातकालीन अधिकार भी दे दिए हैं।

जैसा कि आप जानते ही हैं कि कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी के मामले में चीन की वामपंथी सरकार की ग़लती, लापरवाही और ग़ैर ज़िम्मेदाराना रवैये के कारण अधिकांश देश चीन से वैसे ही नाराज़ हैं। ऐसे में भारत और चीन के बीच युद्ध की आशंका के कारण दुनिया के कई देश भारत की सैन्य ताकत को और भी ज़्यादा मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं जिससे चीन को सबक सिखाया जा सके।

फ्रांस, अमेरिका, इज़राइल और रूस जैसे देश भारत की सैन्य ताक़त बढ़ाने के लिए जल्द से जल्द ज़रुरी सैन्य साजो सामान की डिलीवरी करने को तैयार हो गए हैं। बात करें फ्रांस की, तो फ्रांस ने अगले महीने तक लड़ाकू विमान राफेल की डिलीवरी देने का वादा किया है। जानकारी के अनुसार, लम्बी दूरी तक हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों से लैस अत्याधुनिक राफेल विमान की पहले खेप 27 जुलाई तक भारत पहुंच सकती है। वहीं, राफेल की पहली खेप के साथ ही 8 अतिरिक्त राफेल भी भेजने की तैयारी फ्रांस कर रहा है।

वहीं दूसरी तरफ़, अमेरिका भी जल्द ही भारत को तोप में इस्तेमाल होने वाला गोला बारूद मुहैया कराने वाला है। मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार, अमेरिका ने भारत से युद्ध के हालात में ज़रूरी हथियार और गोला बारूद की सूची मांगी हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चीन से विवाद के दौरान अमेरिका पहले से ही भारत को महत्वपूर्ण ख़ुफ़िया जानकारी और सैटेलाइट इमेज भेजने का काम कर रहा है।

बात करे इज़राइल की, तो चीन के साथ भारत के बढ़ते सीमा विवाद के समय में इज़राइल जल्द से जल्द भारत को एयर डिफेंस सिस्टम देने के लिए तैयार हो गया है। करगिल युद्ध में भारत की मदद करने वाले इज़राइल द्वारा उपलब्ध कराया जाने वाला एयर डिफेंस सिस्टम जल्द ही सीमा की रक्षा के लिए तैनात कर दिया जाएगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चीन ने रूस से खरीदा S-400 एयर डिफेंस सिस्टम अपनी सीमा पर तैनात करके रखा है। जिसके बाद भारत ने भी उसका जवाब देने के लिए इज़राइल से एयर डिफेंस जल्द से जल्द देने की बात कही है।

वहीं, भारत के पुराने सहयोगी रहे रूस ने भी भारत को एक बिलियन डॉलर के आधुनिक हथियार और गोला बारूद जल्द से जल्द देने का वादा किया है। बता दें कि भारत की ओर से हाल ही में कई हथियारों और मिसाइलों की सूची रूस को सौंपी गई है जिनकी पहली खेप जल्द ही भारत पहुंचने की उम्मीद है। कहा जा सकता है कि चीन से जारी सीमा विवाद के बीच मोदी सरकार ने सैन्य साजो सामान और हथियारों की पूरी तैयारी कर ली है जिससे चीन के किसी भी हमले का मुंह तोड़ जवाब दिया जा सके।