HOME WORLD INDIA BHOPAL BUSINESS ENTERTAINMENT SCIENCE & TECHNOLOGY SPORTS HEALTH
WTN SPECIAL GOSSIP CORNER RECIPES DRINKS FUN FACTS WTN HINDI
EDUCATION LIFESTYLE TRAVEL ART & LITERATURE BIG MEMSAAB OPINION & INTERVIEW BrahMos
ABOUT US PRIVACY POLICY SITEMAP CONTACT US
BREAKING NEWS

विश्लेषण: क्या मोदी राज में 100 रुपये प्रति लीटर होगा पेट्रोल?

07 Sep 2018
गिरते रुपये और महंगे कच्चे तेल से पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतों में लगी आग, मोदी सरकार भी नहीं दे रही राहत
 
SEP 07 (WTN) – क्या प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शासन में पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर के ऐतिहासिक दाम पर देश में बिकेगा। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि पिछले कई दिनों से पेट्रोल-डीज़ल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। बात करें आज की, तो आज मुम्बई में पेट्रोल की कीमत में 48 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि हुई, जिसके बाद मुम्बई में एक लीटर पेट्रोल 87.99 रुपये में बिक रहा है जो कि अब तक की सबसे ज़्यादा कीमत है। वहीं मुम्बई में डीज़ल 55 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया है, जिसके बाद मुम्बई में डीज़ल 76.51 रुपये प्रति लीटर के दाम पर बिक रहा है।
 
वहीं बात करें दिल्ली की, तो दिल्ली में आज पेट्रोल की कीमत 79.99 रुपये प्रति लीटर हो गई है, तो एक लीटर डीज़ल 72.07 रुपये प्रति लीटर में मिल रहा है। आए दिन पेट्रोल और डीज़ल के दाम बढ़ने से आम जनता परेशान हो रही है, लेकिन केन्द्र सरकार ने साफ़ कर दिया है कि फिलहाल उनकी तरफ से कोई भी राहत नहीं मिलने वाली है। दो दिन पहले ही वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पेट्रोल-डीज़ल की कीमतों में राहत देने के लिए उत्पाद शुल्क में कटौती से इनकार कर दिया था।
 
सरकार का तर्क है कि डॉलर के मुकाबले लगातार कमज़ोर होता रुपया और अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण पेट्रोल-डीज़ल की कीमतें बढ़ रही हैं। यदि सरकार ने कोई भी राहत नहीं दी, साथ ही रुपया कमज़ोर रहता रहा और अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती रहीं, तो वो दिन दूर नहीं जब देश में पहली बार पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर के दाम पर बिकेगा, और ऐसा होगा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शासन में।
 
यह केन्द्र सरकार की हठधर्मिता ही है कि वो उत्पाद शुल्क में कमी नहीं कर रही है, वरना यदि पेट्रोल और डीज़ल से उत्पाद शुल्क कम कर दिया जाए, तो दोनों के सस्ता होने पर जनता का काफ़ी राहत मिलेगी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि केंद्र सरकार पेट्रोल पर प्रति लीटर करीब 19.48 रुपये और डीज़ल पर प्रति लीटर करीब 15.33 रुपये का उत्पाद शुल्क वसूलती है। इसके अलावा दोनों पर राज्यों द्वारा वैट या बिक्री कर अलग से लगाया जाता है जो कि विभिन्न राज्यों में अलग-अलग है। यानि कि एक लीटर पेट्रोल पर कम से कम 30 रुपये के करीब टैक्स राज्य और केन्द्र सरकारों आम जनता से वसूल रही हैं।
 
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आने वाले दिनों में चीन और अमेरिका के बीच वैश्विक व्यापार युद्ध बढ़ने की आशंका है जिसके कारण रुपया डॉलर के मुकाबले और भी कमजोर होगा। साथ ही कहा जा रहा है कि कच्चे तेल की कीमतों में भी कोई ख़ास कमी नहीं होने वाली है। ऐसे में यदि केन्द्र और राज्य सरकारों ने पेट्रोल-डीज़ल पर टैक्स कम नहीं किया, तो वो दिन दूर नहीं जब देश में पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर की दर पर बिकने लगेगा।
 
यदि हर दिन 20 से 30 पैसे प्रति लीटर पेट्रोल के दाम बढ़ते रहे, तो 55 से 60 दिनों के बाद भारत में पहली बार पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर हो जाएगा, और यदि ऐसा होता है तो यह मोदी सरकार के शासन पर सबसे बड़ा धब्बा होगा। कहा जा रहा है कि मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में होने वाले विधानसभा चुनाव के समय पेट्रोल-डीज़ल के बढ़ते दामों में रोक लग सकती है। जैसा कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान हुआ था और करीब 16 दिनों तक तेल के दाम नहीं बढ़े थे। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या सिर्फ़ चुनावों के समय ही प्रधानमंत्री मोदी को आम जनता का दर्द दिखता है।