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​मोदी सरकार का 100 दिनों का लक्ष्य!

31 May 2019
अपने दूसरे कार्यकाल के पहले 100 दिनों के लिए मोदी सरकार की प्लानिंग
 
MAY 31 (WTN) – लोकसभा चुनाव में जोरदार जीत के साथ लगातार दूसरी बार सत्ता में आई भाजपा नेतृत्व वाली एनडीए सरकार अपने दूसरे कार्यकाल के पहले 100 दिनों में कई बड़े सुधार कर सकती है। प्रचण्ड बहुमत से लोकसभा चुनाव में जीत हासिल करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी अपनी महत्वाकांक्षी योजनाओं और नीतियों को लागू करने के लिए पहले 100 दिनों की प्लानिंग पर काम कर रहे हैं।

कहा जा रहा है कि मोदी सरकार पहले 100 दिन में कई बड़े सुधारों का ऐलान कर सकती है। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक़, मोदी सरकार निजीकरण, श्रम कानून, नौकरी, उच्च शिक्षा और इंडस्ट्रियल लैंड बैंक बनाने जैसे सुधार पहले 100 दिन में कर सकती है। पहले 100 दिन मोदी सरकार के मंत्रियों के लिए भी काफ़ी महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इन 100 दिनों के प्रदर्शन के आधार पर ही प्रधानमंत्री मोदी अपने मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा करेंगे।
 
मोदी सरकार की 100 दिनों की पूरी कार्य योजना की जिम्मेदारी नीति आयोग पर हो सकती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नीति आयोग प्रधानमंत्री मोदी के देखरेख में ही काम करता है। सबसे पहले श्रम कानून पर कोई बड़ा फ़ैसला मोदी सरकार जुलाई में संसद सत्र के दौरान ले सकती है, सरकार इस पर एक नया बिल भी ला सकती है। कहा जा रहा है कि सरकार 44 केन्द्रीय कानूनों को मिलाकर 4 कोड बना सकती है, जिसमें वेतन, इंडस्ट्रियल रिलेशन, सोशल सिक्योरिटी और वेल्फेयर जैसे मुद्दे शामिल होंगे।

वहीं मोदी सरकार इंडस्ट्रियल लैंड बैंक बनाने की भी घोषणा कर सकती है। इस लैंड बैंक में से विदेशी निवेशकों को भी ज़मीन दी जा सकती है। यदि ऐसा होता है तो यह अपने आप में काफ़ी क्रांतिकारी कदम होगा। वहीं पहले 100 दिनों में मोदी सरकार नई नेशनल एजुकेशन पॉलिसी की भी घोषणा कर सकती है। इस पॉलिसी में दस नए उच्च शिक्षण संस्थान खोले जाने की घोषणा हो सकती है और उच्च शिक्षण संस्थानों में खाली पड़े पांच लाख पदों को भरने का ऐलान हो सकता है।

वहीं निजीकरण के टारगेट के चलते सरकार 42 सरकारी कम्पनियों को पूरी तरह प्राइवेट करने या फ़िर बंद करने पर फोकस 100 दिनों में कर सकती है। वहीं सरकार एअर इंडिया के लिए एफडीआई की सीमा भी बढ़ा सकती है। कहा जा रहा है कि 100 दिनों की प्लानिंग में बैंकिंग सेक्टर में भी काफ़ी बड़े सुधार किये जा सकते हैं।

वहीं सरकार कृषि सेक्टर पर भी फोकस कर सकती है, जिसमें भूमिहीन किसानों को भी प्रधानमंत्री किसान योजना का लाभ दिया जा सकता है। वहीं पहले कार्यकाल में रोजगार पर घिरी मोदी सरकार सरकारी नौकरियों में खाली पड़े करीब 75 हज़ार पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर सकती है। केन्द्र सरकार ने सभी मंत्रालयों और विभागों में खाली पड़े पदों और मौजूदा जरूरतों को देखते हुए रिपोर्ट बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।