HOME WORLD INDIA BHOPAL BUSINESS ENTERTAINMENT SCIENCE & TECHNOLOGY SPORTS HEALTH
WTN SPECIAL GOSSIP CORNER RECIPES DRINKS FUN FACTS WTN HINDI
EDUCATION LIFESTYLE TRAVEL ART & LITERATURE BIG MEMSAAB OPINION & INTERVIEW BrahMos
ABOUT US PRIVACY POLICY SITEMAP CONTACT US
BREAKING NEWS

एसबीआई के 18,135 एटीएम नये नोट देने में असमर्थ, जनता हो रही परेशान

24 Aug 2018
आरबीआई के फैसले पर उठे सवाल, एटीएम के अनुसार क्यों नहीं छापे जा रहे नये नोट
 

AUG 24 (WTN) – लगता है भारत में बैंकिंग व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है। नोटबंदी के बाद से तो बैंकिंग सेक्टर के फैसलों से आम जनता हर रोज़ दिक्कतों का सामना कर रही है। हर दिन कोई ना कोई नया नियम आने से बैंक के ग्राहक परेशान हो रहे हैं। नोटबंदी के बाद आरबीआई ने 200, 500 और 2,000 के नये नोटों को छापा था, लेकिन छपाई में उन नोटों की साइज़ ऐसी रखी कि एटीएम को नोटों के अनुरूप ढालना पड़ा।
 
हद तो अब हो गई है जबकि नोटबंदी के 21 महीने बीत जाते के बाद भी सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के 18,135 एटीएम को अभी भी नये नोटों के अनुरूप नहीं ढाला जा सका है। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक हालांकि, इस अवधि में बैंक ने 22.50 करोड़ रुपए के खर्च से 41,386 एटीएम को नये नोटों के अनुरूप तैयार कर लिया है।
 
जानकारी के मुताबिक, मध्यप्रदेश के नीमच निवासी चंद्रशेखर गौड़ ने जब स्टेट बैंक में आरटीआई लगाई तो इस बात का खुलासा हुआ। एसबीआई के अनुसार “अब तक बैंक के 59,521 एटीएम में से 41,386 एटीएम को रीकैलिब्रेट कर लिया गया है और इस काम पर 22.50 करोड़ रुपए की राशि खर्च की गयी है।“
 
वहीं एसबीआई ने साफ किया है कि फिलहाल उसके 18,135 एटीएम ग्राहकों को नये नोट देने लायक नहीं बन सके हैं। इधर, रिज़र्व बैंक ने हाल ही में 100 रुपए और 50 रुपए के नये नोट भी जारी किये हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इन नोटों के हिसाब से भी बैंकों को फिर से एटीएम मशीनों को ढालना होगा।
 
बड़ा सवाल यह है कि नोटों की छपाई आखिर एटीएम मशीन के अनुरूप क्यों नहीं कि जा रही है। यदि हर बार नोटों की साइज़ अलग रही तो क्या हर बार एटीएम मशीन को नोटों के अनुरूप ढालने के लिए समय और रुपया खर्च किया जाएगा। नोटबंदी के बाद रिज़र्व बैंक और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की कार्यप्रणाली से जनता को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। देश में अभी भी एसबीआई के 18,135 एटीएम नये नोट देने के लायक नहीं ढल सके हैं। ऐसे में जनता को हो रही परेशानी के लिए कौन ज़िम्मेदार है?