HOME WORLD INDIA BHOPAL BUSINESS ENTERTAINMENT SCIENCE & TECHNOLOGY SPORTS HEALTH
WTN SPECIAL GOSSIP CORNER RECIPES DRINKS FUN FACTS WTN HINDI
EDUCATION LIFESTYLE TRAVEL ART & LITERATURE BIG MEMSAAB OPINION & INTERVIEW BrahMos
ABOUT US PRIVACY POLICY SITEMAP CONTACT US
BREAKING NEWS

...तो क्या 2008 में ही ‘इस’ महिला ने कर दी थी कोरोना वायरस की भविष्यवाणी!

09 Mar 2020
जानिए कोरोना वायरस के कारण लोगों को क्यों याद आ रहा है सिल्विया ब्राउन का लिखा उपन्यास ‘End of Days’?

MARCH 09 (WTN) –  संसार में हर किसी का अन्त निश्चित है। जीहां, इन दिनों महान वैज्ञानिक न्यूटन की लिखी गई कुछ बातों के आधार पर दावा किया जा रहा है कि जल्द ही कुछ सालों बाद दुनिया का अन्त हो जाएगा। वहीं इन दिनों जिस तरह से कोरोना वायरस के कारण पूरी दुनिया में डर का माहौल है, उसके आधार पर न्यूटन की लिखी गई बातों पर कई लोग यकीन करने लगे हैं। वैसे जहां तक कोरोना वायरस के बारे में भविष्यवाणी की बात है, तो कई लोग दावा कर रहे हैं कि उन्होंने इस तरह की संक्रामक बीमारी के बारे में पहले ही भविष्यवाणी कर दी थी। लेकिन कोरोना वायरस की भविष्यवाणी के सम्बन्ध में इन दिनों एक अमेरिकी लेखिका सिल्विया ब्राउन की एक किताब ज़्यादा ही चर्चा में है।

जीहां, आज से 12 साल पहले अमेरिकी लेखिका सिल्विया ब्राउन ने End of Days नाम से एक किताब लिखी थी। दावा किया जा रहा है कि अपनी इस किताब में सिल्विया ब्राउन ने जिस महामारी का जिक्र किया था, वो नोवल कोरोना वायरस ही है। किताब के आधार पर कुछ लोगों का दावा है कि सिल्विया ब्राउन ने अपनी किताब में वायरस से सम्बन्धित जिस बीमारी का जिक्र किया था वो बीमारी बिल्कुल कोरोना वायरस के लक्षणों से सटीक बैठ रही है। दरअसल, अमेरिकी लेखिका सिल्विया ब्राउन ने साल 2008 में एक उपन्यास लिखा था जिसका नाम है End of Days। अपने इस उपन्यास में सिल्विया ब्राउन ने लिखा है कि साल 2020 में पूरी दुनिया में एक भयानक महामारी फैलेगी, और इस बीमारी की चपेट में कई देश आएंगे। अब इन दिनों इसी उपन्यास के कुछ पन्ने वायरस हो रहे हैं, जिसमें साल 2020 में दुनिया में कोरोना वायरस जैसी महामारी फैलने का जिक्र किया गया है।
 
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सिल्विया ब्राउन एक समय में था जब अमेरिकी में काफ़ी प्रसिद्ध थीं। एक समय उन्होंने दावा किया था कि उनके पास ऐसी शक्तियां हैं, जिसकी सहायता से वे भविष्य में देख सकती हैं और आत्माओं से बातचीत कर सकती हैं। हालांकि, विज्ञान इस तरह की बातों पर विश्वास नहीं करता है कि कोई भविष्य के बारे में सटीक भविष्यवाणी कर सकता है और आत्माओं से बातचीत कर सकता है। सटीक भविष्यवाणी का दावा करने वाली सिल्विया ब्राउन को एक बार किरकिरी का सामना भी करना पड़ा था जब सिल्विया ब्राउन ने कुछ खोए हुए बच्चों के माता-पिता को उनके गुम हुए बच्चों के बारे में ग़लत जानकारी दी थी।

वैसे सिल्विया ब्राउन अब इस दुनिया में नहीं हैं। साल 2013 में सिल्विया की मौत हो गई। सिल्विया की मौत के बाद उनकी चर्चा बंद हो गई, और उनकी लिखी किताब End of Days बुक शेल्फ तक सिमिट कर रह गई। लेकिन अब जबकि पूरी दुनिया कोरोना वायरस संक्रमण के कारण डर के साये में हैं, ऐसे में सिल्विया ब्राउन की किताब में लिखी वो बातें सबको याद आ रही हैं, जिसमें सिल्विया ने लिखा है कि साल 2020 में पूरी दुनिया में एक भयानक महामारी फैलेगी और इससे हज़ारों लोगों की जान जाएगी। सिल्विया ने अपनी किताब में लिखा है, “साल 2020 में न्यूमोनिया की तरह की ही एक बीमारी पूरी दुनिया में फैलेगी। इस बीमारी के कारण लोगों के फेफड़ों और सांस की नली पर बुरा असर पड़ेगा, और इस बीमारी में कोई दवा काम नहीं करेगी।” हालांकि, कोरोना वायरस के तरह की बामारी के बारे में अपनी किताब में भविष्यवाणी करने के साथ ही सिल्विया ब्राउन ने लिखा है, "कई लोगों की जान लेने के बाद यह बीमारी अचानक ग़ायब हो जाएगी। यानी जिस तेज़ी से यह बीमारी फैली है, उतनी ही तेज़ी से यह बीमारी ग़ायब हो जाएगी।"

लेकिन वहीं सिल्विया ने अपनी किताब में यह भी भविष्यवाणी की है कि दस साल बाद यह बीमारी अचानक फिर से लौटेगी। यानी सिल्विया ब्राउन की किताब में लिखी बातों को भविष्यवाणी माना जाए, तो कोरोना वायरस बीमारी अचानक ग़ायब हो जाएगी, और आज से 10 साल बाद यानी साल 2030 में एक बार फ़िर के कोरोना वायरस संक्रमण लोगों पर अटैक करेगा। लेकिन दस साल बाद वापस लौटने के बाद यह बीमारी हमेशा के लिए ग़ायब हो जाएगी।

दरअसल, सिल्विया ब्राउन ने अपनी किताब में जिस बीमारी का जिक्र किया है, उसके लक्षण कोरोना वायरस से मिलते जुलते हैं। इसलिए कई लोग सिल्विया ब्राउन की बातों पर यक़ीन कर रहे हैं। लेकिन कई लोगों का मानना है कई लेखक अपनी किताबों में कई तरह की काल्पनिक बातें लिखते हैं, और सिल्विया ब्राउन भी इसी तरह की काल्पनिक बातों को लिखने में माहिर थीं। सिल्विया ब्राउन ने भी कोरोना वायरस की तरह की एक बीमारी की कल्पना की और उनकी कल्पना आज सही साबित हो रही है। दरअसल, साल 2000 में सार्स नाम की बीमारी ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया था। सार्स बीमारी के लक्षण और कोरोना वायरस के लक्षण बहुत कुछ समान हैं। और हो सकता है कि सार्स बीमारी को देखकर ही सिल्विया ने अपनी किताब में कोरोना वायरस जैसी किसी बीमारी की कल्पना की हो जो कि साल 2020 में फैलेगी और सिल्विया की कल्पना कोरोना वायरस के रूप में सच साबित हुई।

वैसे कल्पना ही सही, लेकिन सिल्विया ब्राउन की कल्पना आख़िरकार सच साबित हुई है। लेकिन लोगों को एक बात समझ नहीं आ रही है कि सिल्विया ब्राउन ने इस बीमारी के ग़ायब होने की जिस तरह की बात अपनी किताब में लिखी है या कहा जाए कि भविष्यवाणी की है वो कुछ अजीब है। संक्रमण की यह बीमारी अचानक कैसे किसी मौसमी बीमारी की तरह ग़ायब हो सकती है, इस पर सभी लोगों को संशय है। ख़ैर सिल्विया ब्राउन की किताब में लिखी बातें सच साबित हो रही हैं। लेकिन अब देखना होगा कि क्या सिल्विया ब्राउन की किताब में लिखी वो बात भी सच साबित होगी कि यह बीमारी अचानक से ग़ायब हो जाएगी?