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जानिए कि आखिर क्यों पाकिस्तान की वायु सीमा ‘घुसपैठ’ का जवाब देने भारतीय वायुसेना ने मिग 21 को ही चुना?

02 Mar 2019
मिग 21 की ‘रेडी टू फ्लाई’ विशेषता के कारण भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ किया था उसका ‘इस्तेमाल’!

MAR 02 (WTN) – भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान की पाकिस्तान से भारत वापसी के बाद से लगातार यह सवाल उठ रहा है कि आखिर क्यों भारतीय वायुसेना ने 60 साल पुराने मिग 21 का उपयोग पाकिस्तान विमानों को भारतीय वायुसीमा से खदड़ने में किया। जैसा कि आप जानते हैं कि 14 फरवरी को हुए पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारतीय वायुसेना ने 26 फरवरी की सुबह पाकिस्तान के बालाकोट में स्थित जैश ए मोहम्मद के प्रशिक्षण शिविर पर बम गिराए थे।
 
इसके अगले दिन पाकिस्तान ने दुस्साहस दिखाते हुए 24 पाकिस्‍तानी लड़ाकु विमानों के साथ भारतीय वायु सीमा में प्रवेश की कोशिश की थी लेकिन उन्हें 8 भारतीय लड़ाकू विमानों ने खदेड़ा दिया। इन 8 विमानों में वह मिग 21 बाइसन लड़ाकु विमान भी शामिल था जिसे विंग कमांडर अभिनन्दन वर्धमान उड़ा रहे थे। विंग कमांडर अभिनन्दन ने पाकिस्‍तानी लड़ाकु विमान एफ-16 को मार गिराने के लिए उस पर हवा से हवा में मार करने वाली R-73 मिसाइल दागी। वैसे पाकिस्तान ने भारतीय वायु सीमा के अतिक्रमण में एफ-16 लड़ाकु विमान के शामिल होने से इनकार किया है, लेकिन भारत ने पाकिस्तान की पोल खोलते हुए इसके साक्ष्य प्रस्तुत किये हैं।
 
लेकिन बार बार सवाल उठ रहा है कि आखिर क्यों 60 साल पुराने मिग 21 का उपयोग पाकिस्तानी लड़ाकु विमानों को खदड़ने में किया गया। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मिग 21 की तुलना में एफ-16 विमान काफ़ी उन्नत लड़ाकु विमान है। लेकिन भारतीय पायलट अभिनन्दन ने मिग 21 से ही पाकिस्तान के लड़ाकु विमान एफ-16 को मार गिराया। इस बारे में रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय वायु सेना का मिग 21 विमान भले ही पुराना हो गया हो, लेकिन इसका उन्नत संस्करण बाइसन जरूर पुराना नहीं है।
 
जानकारों के मुताबिक एफ-16 और मिग-21 दोनों ही विमान अलग-अलग पीढ़ियों के हैं। पाकिस्तान ने भारतीय वायु सीमा का अतिक्रमण करने के लिए अमेरिका में निर्मित लड़ाकू विमान एफ-16सी/डी के एडवांस एडिशन को उड़ाया था;  जबकि एफ-16 को खदड़ने के लिए भारत ने जिस मिग-21 बाइसन का प्रयोग किया था वो मिग 21 का एक एडवांस वर्जन था।
 
यह सही है कि एफ-16 एक एडवांस लड़ाकु विमान है जो गति और हथियार से लक्ष्य साधने के मामले में मिग 21 से काफ़ी उन्नत है, लेकिन मिग-21 की भी अपनी खासियत है। दरअसल भारतीय वायुसेना मिग 21 का प्रयोग करना इसलिए पसंद करती है क्योंकि यह गश्त के लिए तुरन्त ही तैयार हो जाता है और आपात स्थिति में इसे इस्तेमाल करना लाभदायक है।
 
चुंकि पाकिस्तान की तरफ़ से अचानक हमला हुआ था इसलिए क्विक रिस्पांस के लिए मिग 21 से बेहतर कोई भी विकल्प भारतीय वायुसेना के पास नहीं था क्योंकि दूसरे अन्य सभी लड़ाकू विमानों की तुलना में मिग 21 टेकऑफ के लिए सबसे कम समय लेता है और इसे सिर्फ़ दो मिनट में ही टेकऑफ किया जा सकता है। वहीं मिग-21 बााइसन किसी अन्य आधुनिक लड़ाकू विमान की तरह हथियारों की एक रेंज अपने साथ ले जा सकता है।