वर्चुअल करेंसी के नाम पर फ्रॉड, गुजरात में 22,000 करोड़ का घोटाला
AUG 20 (WTN) – यदि आप वर्चुअल करेंसी बिटकॉइन में निवेश कर रहे हैं तो जरा सावधान। क्योंकि कहीं ऐसा ना हो कि कोई दलाल या बिचौलिया आपको लाखों का नुकसान करा दे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वर्चुअल करेंसी बिटकॉइन के नाम पर एक बड़ा घोटाला गुजरात में सामने आया है। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, हर दिन एक प्रतिशत ब्याज और सौ दिन में पैसा डबल करने के लालच में कई निवेशकों का पैसा डूब गया।
मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, गुजरात में बिटकनेक्ट नाम के प्लेटफॉर्म ने निवेशकों के 22 हजार करोड़ लूट कर अपना कारोबार बंद कर दिया। कहा जा रहा है कि इसमें से अधिकतर लोगों का कालाधन था। इस कम्पनी का हेडक्वाटर सूरत में था और यह कम्पनी यूके में रजिस्टर्ड थी। घोटाला सामने आने के बाद इसके प्रोमोटर दिव्येश दर्जी को गुजरात सीआईडी क्राइम ने दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया है।
जानकारी के मुताबिक नवम्बर 2016 में नोटबंदी के बाद लोग अपना कालाधन निवेश करने के लिए किसी प्लेटफॉर्म की तलाश में थे और इसका पूरा फायदा बिटकनेक्ट ने उठाया। बिटकनेक्ट में ट्रांजैक्शन बेनामी होता था और इसके लिए किसी सबूत की जरूरत नहीं पड़ती थी। इसको दुनिया के किसी भी हिस्से से ऑपरेट किया जा सकता था।
सूरत धीरे-धीरे बिटकनेक्ट का ट्रेडिंग हब बन गया था। यहां के शेयर ब्रोकरों ने इसमें काफी दिलचस्पी दिखाई और रातों रात यह निवेशकों की नजरों में आ गया। साल 2017 में बिटकॉइन की वैल्यू करीब 20 गुना बढ़ गई थी। उस समय बिटकॉइन की कीमत 900 डॉलर से बढ़कर 20 हजार डॉलर हो गई थी। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, कम्पनी ने अपने निवेशकों को अपनी करेंसी का टोकन बीसीसी जारी किया था। इसका पूरा फायदा बिटकनेक्ट ने उठाया और निवेशकों से 22,000 करोड़ जुटा लिए।
इसी साल टेक्सास और उत्तरी कैरोलिना सिक्योरिटी बोर्ड ने बिटकनेक्ट की डीलिंग पर रोक लगा दी। जिसके बाद बिटकनेक्ट ने अपने 1.8 करोड़ बिटकनेक्ट करेंसी टोकन को खत्म कर दिया। इसके चलते बीसीसी की कीमत 362 डॉलर से घटकर रातों-रात 2 डॉलर हो गई। जानकारी के मुताबिक अब तो इसकी कीमत आधे डॉलर से भी कम हो गई है। बिटकनेक्ट निवेशकों का अधिकतर पैसा डूब गया है। कई निवेशकों ने तो इसकी शिकायत भी नहीं की क्योंकि ये कालाधन था।