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31 दिसम्बर के पहले निपटा लें कुछ 'ज़रूरी' वित्तीय काम

22 Dec 2018
नया साल शुरू होने से पहले पूरा कर लें बैंक सम्बन्धित ज़रूरी काम, नहीं तो हो सकती है ‘परेशानी’

DEC 22 (WTN) - एक जनवरी से नया साल 2019 लगने वाला है और 31 दिसम्बर को पुराना साल 2018 खत्म होने वाला है। लेकिन 31 दिसम्बर को पुराना साल खत्म होते ही इनकम टैक्स और बैंक सम्बन्धित कुछ ज़रूरी कामों को पूरा करने की समय सीमा भी ख़त्म हो रही है। ऐसे में आपके कई काम हैं जो कि रुक सकते हैं, या फ़िर बंद हो सकते हैं। क्या हैं ये ज़रूरी काम, आइये आपको बताते हैं।
 
इनकम टैक्स रिटर्न फ़ाइल नहीं करने पर लगेगा दोगुना जुर्माना

सबसे पहले बात करते हैं इनकम टैक्स रिटर्न की, तो यदि आपने अभी तक इनकम टैक्स रिटर्न फ़ाइल नहीं कराया है, तो आप जुर्माने के साथ 31 दिसम्बर से पहले इसे फ़ाइल कर दें। क्योंकि यदि आपने 31 दिसम्बर तक यह काम नहीं किया, तो आपको दोगुना जुर्माना भरना होगा।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अभी तक 31 दिसम्बर या उससे पहले तक, देरी से आईटीआर भरने के लिए 5,000 रुपये का जुर्माना लगता है, मगर 1 जनवरी 2019 से 31 मार्च 2019 के दौरान यह जुर्माना 10,000 रुपये हो जाएगा। वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जिन करदाताओं की आय 5 लाख रुपये से कम हैं, उन पर अधिकतम 1,000 रुपये का ही जुर्माना लग सकता है
 
करें डेबिट क्रेडिट कार्ड की चिंता

आपका डेबिट कार्ड 31 दिसम्बर के बाद ब्लॉक ना हो जाए इस पर भी आपको ध्यान देना होगा, दरअसल 27 अगस्त 2015 को जारी रिज़र्व बैंक के आदेश के अनुसार, सभी बैंकों को अपने मैग्स्ट्रिप (मैग्नेटिक स्ट्रिव यानी काली पट्टी) वाले डेबिट और क्रेडिट कार्ड को ईएमवी (यूरोप, मास्टरकार्ड और वीजा) आधारित चिप कार्ड में बदलना होगा।

डेबिट कोर्ड को ईएमवी में बदलने की अंतिम तारीख 31 दिसम्बर 2018 है। इसके बाद सभी मैग्स्ट्रिप कार्ड्स को ब्लॉक कर दिया जाएगा। इसलिए हमारी आपको सलाह है कि यदि आपने ईएमवी आधारित चिप कार्ड के लिए अभी तक आवेदन नहीं किया है, तो 31 दिसम्बर 2018 से पहले ऐसा ज़रूर कर दें। बैंक्स की तरफ़ से जारी होने वाले इन कार्ड्स के लिए किसी भी तरह की कोई फ़ीस नहीं है।
 
क्या आपके पास है सीटीएस चेक बुक?

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बैंकों के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि वे अपने ग्राहकों के लिए CTS 2010 चेक बुक अनिवार्य रूप से जारी करें। हालांकि, यदि किसी ग्राहक को गैर-सीटीएस चेक जारी की गई है और वह उसे बैंक में फंड ट्रांसफर के लिए पेश करता है, तो इसमें देर लग सकती है। अभी तक इस तरह के चेकों की क्लीयरिंग महीने में एक ही बार यानी कि महीने के दूसरे बुधवार को हो रही थी। लेकिन आपको बता दें कि 31 दिसम्बर 2018 के बाद से गैर सीटीएस चेक
स्वीकार ही नहीं किए जाएंगे।

तो हमारी आपको सलाह है कि ना तो गैर सीटीएस चेक दें और न ही ऐसे चेक लें। यदि आपके पास सीटीएस 2010 चेक बुक नहीं है, तो अपने बैंक से तुरंत ही सम्पर्क करें और इसकी मांग करें। आपका चेक सीटीसी है कि नहीं यह पता करने के लिए चेक की बाएं तरफ देखें कि 'CTS 2010' अंकित है या नहीं।
 
रिवार्ड प्वाइंट्स का रखें ध्यान

जब भी आप ऑनलाइन ख़रीरदारी डेबिट या क्रेडिट कार्ड से करते हैं तो आपको रिवार्ड प्वाइंट्स मिलते हैं और आप इन इन रिवार्ड प्वाइंट्स का अलग-अलग तरीके से प्रयोग कर सकते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कई रिवार्ड प्वाइंट्स ऐसे होते हैं जो एक निश्चित संख्या पर पहुंचने के बाद रुपयों में तब्दील होकर आपके खाते में आ जाते हैं, और कई ऐसे होते हैं जिनको आप खुद रिडीम कर सकते हैं।
 
जागरुकता नहीं होने के कारण ज़्यादातर लोगों को इस बात का पता नहीं होता है कि कई बैंक ऐसे हैं जो कि हर 31 दिसम्बर के बाद अपने रिवार्ड प्वाइंट्स को खत्म कर देते हैं और नए साल में फिर आपके प्वाइंट्स ज़ीरो से ही शुरू होते हैं। इसलिए हमारी आपको सलाह है कि अगर आप 31 दिसम्बर से पहले अपने कमाए प्वाइंट्स को रिडीम नहीं कराते हैं, तो आपके ये पैसे खराब हो जाएंगे।