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...तो 9 दिन बाद न्यूयॉर्क का हेल्थ सिस्टम हो जाएगा ध्वस्त

28 Mar 2020

कोरोना वायरस संक्रमण के सामने फेल होता जा रहा है न्यूयॉर्क का हेल्थ सिस्टम


MARCH 28 (WTN) -  इस समय मानव सभ्यता अपने अस्तित्व की बहुत बड़ी लड़ाई लड़ रही है। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के कारण 195 से भी ज़्यादा देशों के लोग संक्रमित हो चुके हैं। इस लेख को लिखे जाने तक पूरी दुनिया में कोरोना वायरस से अभी तक 28,231 लोगों की मौत हो चुकी है। चीन के वुहान शहर से शुरू हुई कोरोना वायरस संक्रमण की बीमारी आज मानव सभ्यता के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। यूरोप के विकसित देशों में शामिल इटली में अभी तक सबसे ज़्यादा 9,134 लोगों की मौत कोरोना वायरस से हो चुकी है।

 

लेकिन दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति अमेरिका में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज़ों की संख्या बढ़कर दुनिया में सबसे ज़्यादा 1,04,256 हो चुकी है। और यदि इसी तरह से अमेरिका में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज़ों की तादात बढ़ती रही, तो आने वाले 8 से 9 दिनों में अमेरिका के सबसे बड़े शहर न्यूयॉर्क में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा जाएगी। जी हां, अमेरिका के सबसे बड़े शहर न्यूयॉर्क में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण स्थितियां बेकाबू होती जा रही हैं। यदि यही हालात रहे तो जल्द ही न्यूयॉर्क का हेल्थ सिस्टम फेल हो जाएगा।

 

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि न्यूयॉर्क में हेल्थ इमरजेंसी के लिए आने वाले फोन कॉल्स में इन दिनों 40 प्रतिशत की वृद्धि हो चुकी है। कोरोना वायरस संक्रमण के कारण हर दिन क़रीब 6,500 फोन कॉल्स हेल्थ इमरजेंसी के लिए आ रहे हैं। हेल्थ इमरजेंसी के लिए इतने कॉल्स आ रहे हैं कि कॉल उठाने वालों की कमी हो गई है। न्यूयॉर्क में हालात यह हो गई है कि लोगों से साफ़ कह दिया गया है कि जब तक बहुत ज़रूरी ना हो तब तक हेल्थ इमरजेंसी के नंबर 911 पर कॉल ना करे।

 

दरअसल, कोरोना वायरस संक्रमण के कारण न्यूयॉर्क में हालात काफ़ी ख़राब हो चुके हैं। यहां पर हर 17 मिनट में कोरोना वायरस से संक्रमित एक मरीज़ की मौत हो रही है। अकेले न्यूयॉर्क शहर में कोरोना वायरस संक्रमण से 450 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं यहां पर संक्रमण के कुल 26,697 मामले दर्ज किए गए हैं। कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते मामलों के कारण न्यूयॉर्क के अस्पतालों का बुरा हाल होता जा रहा है। कोरोना वायरस संक्रमण के ख़िलाफ़ न्यूयॉर्क के हॉस्पिटल अपनी पूरी क्षमता का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन तमात कोशिशों के बाद भी अस्पताल कोरोना वायरस के कारण संक्रमण और मौतों को रोक नहीं पा रहे हैं।

 

न्यूयॉर्क के अस्पतालों का हाल यह हो गया है कि अस्पताल अब वार ज़ोन में बदल गए हैं। बीमार लोग अस्पताल में लाइन लगाकर खड़े हैं. एंबुलेंस के लिए लाइन लगी हुई हैं। लोग मास्क लगाकर कतार में खड़े हैं। हालात तो यह हो गए हैं कि कई मरीज़ ऐसे हैं जिन्हें ऑक्सीजन पाइप नाक में लगाकर लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, न्यूयॉर्क के अस्पतालों में डॉक्टर्स और नर्सेज के लिए सुरक्षा उपकरणों की कमी पड़ गई है। यहां तक कि स्टाफ के पास पर्याप्त मात्रा में मास्क और गाउन तक नहीं हैं। ख़ुद न्यूयॉर्क के मेयर बिल डे ब्लासियो का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं पर अत्यधिक दबाव है। और यदि अगले हफ्ते तक अस्पतालों को ज़रूरी सामानों की सप्लाई नहीं हुई, तो अगले 9 दिनों में न्यूयॉर्क का हेल्थ केयर सिस्टम तबाह हो जाएगा।

 

दरअसल, कोरोना वायरस संक्रमण का न्यूयॉर्क में तेज़ी से असर होता जा रहा है। यदि जल्द ही फेडरल और मिलिट्री सपोर्ट स्थानीय प्रशासन को नहीं मिला और कम से कम 15 हज़ार वेंटिलेटर्स तुरंत ही न्यूयॉर्क शहर के अस्पतालों को नहीं मिले, तो न्यूयॉर्क शहर में बड़े पैमाने पर मौतें होंगी। साफ़ है कि कोरोना वायरस संक्रमण के कारण न्यूयॉर्क शहर 9/11 से भी बड़ी त्रासदी झेलने की कगार पर खड़ा है। यदि समय रहते लॉकडाउन जैसे कोई बड़े फ़ैसले अमेरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने नहीं लिए तो न्यूयॉर्क शहर में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण मौतों का आंकड़ा बढ़ता जाएगा और शहर में अफरा तफरी मच जाएगी।