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आंकड़ों से जानिए कि अन्य देशों की तुलना में क्या है भारत की COVID-19 महामारी पर वर्तमान स्थिति?

22 Apr 2020

सफल हो रही है मोदी सरकार की मेहनत; कोरोना वायरस संक्रमण के केस बढ़ने की दर में आई कमी

APRIL 22 ( WTN) - चीन की वामपंथी सरकार की ग़लती, लापरवाही और हठधर्मिता का खामियाजा आज पूरी दुनिया कोरोना वायरस संक्रमण महामारी के रूप में भुगत रही है। चीन के वुहान शहर से उपजी और फैली कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी आज मानव सभ्यता के अस्तित्व के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। इस लेख को लिखे जाने तक, कोरोना वायरस संक्रमण के कारण पूरी दुनिया में अभी तक 1,77,688 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, कोरोना वायरस संक्रमण से 25 लाख से ज़्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं।

जैसा कि आप जानते ही हैं कि कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी की वैक्सीन की खोज में चिकित्सक और वैज्ञानिक दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। ऐसे में पूरी दुनिया के डॉक्टर्स अपने-अपने स्तर पर कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी का इलाज कर रहे हैं।  लेकिन भारत जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अभी तक कोरोना वायरस संक्रमण के ख़िलाफ़ युद्ध लड़ रहा है, उससे भारत में प्रतिदिन नये मामले सामने आने की दर में कमी देखी जा रही है। भारत ही नहीं, बल्कि जिन भी देशों ने कोरोना वायरस संक्रमण के ख़िलाफ़ रणनीति के तहत काम किया है, उन देशों में भी कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी के नए मामले सामने आने की दर में कमी दर्ज़ की गई है।

लेकिन भारत समेत इन सभी देशों की चिंता है कि कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में मृत्यु दर में पूरी मेहनत करने के बाद भी कमी नहीं आ रही है। जहां तक भारत की बात है, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत में कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी से संबंधित हर 10 बंद केसों में क़रीब 8 में रिकवरी देखी जा रही है और दो मामलों में मौत हो रही है। यानी आंकड़ों के आधार पर कहा जा सकता है कि भारत में COVID-19 महामारी में रिकवरी रेट 83.6% है, जो कि दुनिया के औसत रिकवरी रेट 79.1% से ज़्यादा है। बता दें कि दुनिया के जिन देशों में वैश्विक महामारी COVID-19 का प्रकोप सबसे ज़्यादा देखा गया है, उनकी तुलना में भारत की स्थिति तुलनात्मक रूप से बेहतर है।

वहीं, विकसित देशों अमेरिका, इटली, स्पेन, जर्मनी और फ्रांस में भी कोरोना वायरस संक्रमण की दर में कमी देखी जा रही है। लेकिन इन देशों की तुलना में भारत में संक्रमण की दर कम होने के आंकड़े बेहतर दिख रहे हैं। लेकिन इन देशों के साथ ही भारत के लिए भी चिंता की बात यह है कि कोरोना वायरस के केसों में मृत्यु दर पर नियंत्रण नहीं लग पा रहा है, और मृत्यु दर बढ़ती ही जा रही है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि COVID-19 के मामलों में भारत में मृत्यु दर 3% से ज़्यादा दर्ज़ की गई है, और भारत और जर्मनी में मृत्यु दर लगभग बराबर है। बता दें कि कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी के कारण भारत में प्रति दस लाख की जनसंख्या पर मृत्यु दर 0.39 है। वहीं, COVID-19 महामारी की स्पेन में मृत्यु दर 10 प्रतिशत, अमेरिका में 5 प्रतिशत, यूके में 13 प्रतिशत, इटली में भी 13 प्रतिशत और फ्रांस में 12.8 प्रतिशत के आसपास है। हालांकि, बाकी देशों की तुलना में भारत में कोरोना वायरस संक्रमण महामारी की मृत्यु दर कम है, लेकिन फिर भी यह उस गति से कम नहीं हुई है, जिस गति से रोज़ आने वाले नये मामलों की दर कम हुई है।

जैसा कि हमने आपको बताया कि भारत में कोरोना वायरस संक्रमण महामारी से बचने की रिकवरी रेट 83.6%। वहीं, भारत से बेहतर रिकवरी रेट सिर्फ़ जर्मनी में 95% की है। इधर, अमेरिका, जहां पर अभी तक कोरोना वायरस संक्रमण के कारण सबसे ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, वहां पर रिकवरी रेट सिर्फ़ 63.5 प्रतिशत ही है। वहीं स्पेन में 79.1%, इटली में 66.5% और फ्रांस में 65.3% ही रिकवरी रेट है।

भारत में मोदी सरकार की कुशल रणनीति के कारण ही कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी से गंभीर रूप से प्रभावित अन्य देशों की तुलना में भारत में वायरस के फैलने की दर कम है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत में प्रति दस लाख की जनसंख्या पर क़रीब 9 लोग ही कोरोना वायरस संक्रमण से संक्रमित हो रहे हैं। लॉकडाउन का सही तरीके से भारत में पालन होने से भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के केसों के दोगुने होने में क़रीब 8 दिन का वक़्त लग रहा है जबकि अमेरिका में तो कोरोना वायरस संक्रमण के केस दो दिन में ही दोगुने हो रहे हैं। वहीं, इटली, यूके और फ्रांस में चार दिन में केस दोगुने हो रहे हैं।

आशा है कि कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी की वैक्सीन की खोज जल्द से जल्द पूरी हो और कोरोना वायरस संक्रमण महामारी से निजात मिले। लेकिन तब तक हम सभी को लॉकडाउन का सख़्ती से पालन करना चाहिए और घरों में ही ख़ुद को सुरक्षित रखना चाहिए। भारत काफ़ी समझदारी से कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी के खिलाफ़ एक युद्ध लड़ रहा है, ऐसे में हम सबकी यह जिम्मेदारी है कि हम नियमों का पालन करें और इस युद्ध में अपना योगदान दें।