HOME WORLD INDIA BHOPAL BUSINESS ENTERTAINMENT SCIENCE & TECHNOLOGY SPORTS HEALTH
WTN SPECIAL GOSSIP CORNER RECIPES DRINKS FUN FACTS WTN HINDI
EDUCATION LIFESTYLE TRAVEL ART & LITERATURE BIG MEMSAAB OPINION & INTERVIEW BrahMos
ABOUT US PRIVACY POLICY SITEMAP CONTACT US
BREAKING NEWS

EMI की चिन्ता छोड़ लॉकडाउन के दौरान घर में रहें सुरक्षित; RBI ने जनहित में लिए ज़रूरी फ़ैसले

28 Mar 2020

मोदी सरकार के बाद अब RBI ने आम जनता की भलाई के लिए उठाए ज़रूरी क़दम

MARCH 28 (WTN) - जैसा कि आप जानते ही हैं कि कोरोना वायरस संक्रमण के कारण भारत में 21 दिनों तक लॉकडाउन की स्थिति है। लॉकडाउन के दौरान सभी लोग अपने घरों में बंद हैं। वहीं, लॉकडाउन के दौरान आर्थिक गतिविधियों पर रोक लग गई है। स्वाभाविक है कि ऐसे में देश के लोगों की आमदनी पर असर पड़ा है। अब जबकि 21 दिन तक सभी तरह की गतिविधियां बंद हैं, ऐसे में लोगों को अपनी EMI और क्रेडिट कार्ड बिल के पेमेंट की चिन्ता सता रही है। यदि आप भी कुछ इस तरह की चिन्ता में हैं, तो ख़ुद की चिन्ता दूर करने के लिए इस लेख को गौर से पढ़िए।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि लॉकडाउन के कारण ठप हुई व्यवस्था के कारण परेशान आम आदमी को राहत देने के लिए केन्द्र और राज्य सरकारों के बाद अब भारत के केंद्रीय बैंक भारतीय रिज़र्व बैंक यानी RBI ने कई महत्वपूर्ण आर्थिक क़दम उठाये हैं। इसी के तहत RBI ने बैंकों से 3 महीने तक लोन की EMI नहीं लेने की छूट ग्राहकों को देने को कहा है। यानी कि अब भारतीय रिज़र्व बैंक के दिशानिर्देशों के बाद उपभोक्ताओं को तीन महीने के लिए टर्म लोन के भुगतान पर छूट मिल गई है। यानी कि अब तीन महीने तक आपको अपनी ईएमआई चुकाना ज़रूरी नहीं है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि टर्म लोन का क्या मतलब होता है? दरअसल,  छोटी कंपनियों को अपना कारोबार बढ़ाने के लिए कई बार क़र्ज़ की ज़रूरत पड़ती है। ऐसे में टर्म लोन ऐसी ही ज़रूरतों को पूरा करता है। टर्म लोन को अपनी ज़रूरत के अनुसार कोई भी छोटी या लम्बी अवधि के लिए ले सकता है। लेकिन, जानकारी के लिए बता दें कि इसमें कई तरह की शर्तें भी होती हैं।

इतना ही नहीं, अब RBI की ओर से जारी स्पष्टीकरण में साफ़ कहा गया है कि वित्तीय संस्थान क्रेडिट कार्ड बिल री-पेमेंट पर भी 3 महीने की छूट दे सकते हैं। यानी कि यदि आपके पास क्रेडिट कार्ड है तो आपको तीन महीने तक उसका बिल चुकाने की ज़रूरत नहीं है।

 

वहीं, रिज़र्व बैंक की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सभी कॉमर्शियल बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, छोटे फाइनेंशियल बैंक और स्थानीय क्षेत्र के बैंक), सहकारी बैंक, वित्‍तीय संस्‍थान और एनबीएफसी (हाउसिंग फाइनेंस कम्पनी और माइक्रो-फाइनेंस संस्थान) को 1 मार्च, 2020 तक बकाया सभी क़र्ज़ों के सम्बन्ध में किस्‍तों के भुगतान पर तीन महीने की मोहलत देने की अनुमति दी जा रही है। RBI ने स्पष्ट किया कि कोविड-19 से बिगड़ी स्थितियों का सामना करने में समर्थ बनाने के लिए ही यह राहत दी जा रही है। लेकिन RBI ने साफ़ किया कि इससे लोन एग्रीमेंट के नियमों और शर्तों में बदलाव नहीं होगा।

RBI द्वारा EMI में छूट दिए जाने के निर्देश दिये जाने के बाद लोगों के मन में सवाल है कि आख़िर मोराटोरियम क्या होता है? तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मोराटोरियम उस समयावधि को कहते हैं जिस दौरान उपभोक्ता द्वारा लिए गए क़र्ज़ पर ईएमआई का भुगतान नहीं करना पड़ता है। बता दें कि इस अवधि को ईएमआई हॉलीडे के रूप में भी जाना जाता है। दरअसल, कभी-कभी कुछ समय के लिए EMI देने की छूट की पेशकश इसलिए की जाती है जिससे अस्थायी वित्तीय कठिनाइयों का सामना करने वाले व्यक्तियों को कुछ समय के लिए राहत मिल सके। 

 

कहा जा सकता है कि मोदी सरकार के बाद अब रिज़र्व बैंक ने आम आदमी के हित में बड़े फ़ैसले लिए हैं। तो आप EMI की फ़िलहाल तीन महीने के लिए चिन्ता भूल जाएं और अभी 21 दिनों तक लॉकडाउन के दौरान अपने घरों में ही रहें। कोरोना वायरस संक्रमण की चैन ख़त्म करने में हर एक व्यक्ति का योगदान काफ़ी महत्वपूर्ण है। यदि हम भारतीयों ने धैर्य और संयम दिखाया, तो जल्द ही कोरोना वायरस संक्रमण पर विजय हासिल होकर रहेगी।