भारत में कोरोना वायरस की दस्तक से सहमे लोग; IRDA ने दिये बीमा कम्पनियों को इलाज का ख़र्च उठाने के निर्देश
MARCH 05 (WTN) – चीन के वुहान शहर से फैला कोरोना वायरस संक्रमण चीन में सैकड़ों लोगों की जान लेने के बाद अब भारत में दस्तक दे चुका है। जानकारी के लिए बता दें कि भारत में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज़ों की संख्या 29 हो चुकी है। चीन में महामारी बन चुके कोरोना वायरस का संक्रमण चीन समेत दुनिया के अन्य देशों में लोगों की जान ले रहा है। चीन के अलावा चीन के पड़ोसी देश दक्षिण कोरिया, यूरोप के देश इटली और पश्चिम एशिया के देश ईरान में कोरोना वायरस कहर बन चुका है। जहां तक भारत की बात है, तो भारत में कोरोना वायरस से संक्रमित किसी भी मरीज की अभी तक मौत नहीं हुई है।
वैसे कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज़ों का इलाज देश के विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। अब चूंकि कोरोना वायरस संक्रमण भारत में प्रवेश कर चुका है। ऐसे में स्वाभाविक है कि लोगों के बीच डर का माहौल है। लोगों को डर सता रहा है कि यदि उन्हें कोरोना वायरस का संक्रमण होता है, तो क्या बीमा कम्पनियां द्वारा उनके इलाज का ख़र्च उठाया जाएगा? इन्ही सवालों के बीच अब IRDA (Insurance Regulatory and Development Authority) यानी इंश्योरेंस रेग्युलेटरी एण्ड डेवलेपमेंट अथॉरिटी ने बीमा कम्पनियों के लिए कोरोना वायरस बीमारी के इलाज से सम्बन्धित एक सर्कुलर जारी कर दिया है। जानकारी के लिए बता दें कि IRDA ने सभी बीमा कम्पनियों से ऐसी पॉलिसी बनाने को कहा है, जिनमें कोरोना वायरस के इलाज का ख़र्च भी कवर हो सके।
यदि IRDA के निर्देश के बाद भारत में कोरोना वायरस के इलाज का ख़र्च बीमा कम्पनियां कवर करती हैं, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत ऐसा पहला देश होगा, जहां पर कोरोना वायरस संक्रमण के बाद होने वाले इलाज़ का बीमा कवर होगा। बता दें कि IRDA की ओर से सुर्कलर जारी करते हुए कहा गया है कि हेल्थ इंश्योरेंस की ज़रूरत को पूरा करने के मक़सद से बीमा कम्पनियों को सुझाव दिया गया है कि बीमा कम्पनियां ऐसी पॉलिसी तैयार करें, जिसमें कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के इलाज का भी बीमा कवर हो। इतना ही नहीं, IRDA ने बीमा कम्पनियों से कहा है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि COVID-19 से सम्बन्धित मामलों का तुरन्त ही निपटारा हो सके।
इधर, IRDA की ओर से कोरोना वायरस संक्रमण की बीमारी के इलाज के लिए बीमा कम्पनियों के लिए बीमा कवर शुरू करने का सर्कुलर जारी होने के बाद लोगों का सवाल है कि बीमा कवर हासिल करने के लिए क्या कुछ शर्तें हो सकती हैं? तो इसके बारे में कुछ बीमा कम्पनियां का कहना है कि कोरोना वायरस संक्रमण के मरीज के दावे का निपटारा तभी भी हो सकता है, जब मरीज 24 घण्टे तक अस्पताल में भर्ती रहे। लेकिन वहीं आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यदि भारत सरकार या विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा कोरोना वायरस को भारत में महामारी घोषित कर दिया जाता है, तो इसमें बीमा की राशि नहीं मिलेगी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत सरकार या विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा यदि किसी बीमारी को महामारी घोषित कर दिया जाता है, तो ऐसी बीमारी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी के अंतर्गत नहीं आती है।
तो कई बीमा कम्पनियां कोरोना वायरस को बीमा कवर के दायरे में लाने को तैयार हैं। स्वाभाविक है कि जब कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा, तो मरीज को बीमा कम्पनी की हॉस्पिटलाइज़ेशन नीति के तहत बीमा की राशि मिलेगी। इधर, बीमा कम्पनियों का कहना है कि उनकी पूरी कोशिश रहेगी कि कोरोना वायरस से सम्बन्धित बीमा कवर के दावे का जल्द से जल्द निपटारा किया जा सके। हालांकि, बीमा कम्पनियों ने इस बात को स्पष्ट नहीं किया है कि अगर कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज़ को अस्पताल से अलग एक अलग चिकित्सा केन्द्र में रखा जाता है, तो उसे बीमा कवर की राशि मिलेगी या नहीं?