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जानिए लोकसभा और राज्यसभा में अंतर...

02 Jul 2018
लोकसभा और राज्यसभा दोनों की हैं अलग-अलग शक्तियां

JULY 02 (WTN) - भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था की चर्चा पूरी दुनिया में होती है। भारतीय संसद में दो सदन हैं, जिन्हें लोकसभा और राज्यसभा कहा जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर लोकसभा और राज्यसभा में क्या अंतर है? यदि आप नहीं जानते हैं तो हम आपको बताते हैं कि आख़िर लोकसभा और राज्यसभा में क्या अंतर होता है।

लोकसभा
विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के निचले सदन को लोकसभा कहा जाता है। लोकसभा का कार्यकाल 5 वर्ष है तथा इससे पूर्व भी राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की सलाह पर इसे भंग कर सकता है| संसदीय प्रणाली के नियमानुसार धन विधेयक मात्र लोकसभा में ही प्रस्तुत किया जा सकता है। लोकसभा के सदस्यों का चुनाव सार्वजनिक एवं गुप्त मतदान द्वारा होता है। लोकसभा राज्य सूची के किसी भी विषय को राष्ट्रीय महत्व का घोषित नहीं कर सकती है| उपराष्ट्रपति को उसके पद से हटाने के प्रक्रिया लोकसभा से शुरू नहीं हो सकती है, इसके लिए लोकसभा, राज्यसभा द्वारा पारित प्रस्ताव का अनुमोदन करती है। लोकसभा की अधिकतम सदस्य संख्या 552 हो सकती है। वर्तमान में लोकसभा में 543 सदस्यों का चुनाव जनता द्वारा किया जाता है। जबकि एंग्लो इण्डियन समुदाय के दो लोगों को मनोनीत करने का अधिकार राष्ट्रपति को है।

राज्यसभा
भारतीय संसदीय प्रणाली में राज्यसभा को उच्च सदन कहा जाता है। राज्यसभा स्थाई सदन है एवं प्रत्येक 2 वर्ष पर इसके एक-तिहाई सदस्य रिटायर्ड होते हैं एवं उतने ही नवनिर्वाचित होते हैं| धन विधेयक को राज्यसभा में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता है। राज्यसभा के सदस्यों का चुनाव संबंधित राज्यों की विधानसभाएं में आनुपातिक प्रतिनिधित्व के आधार पर होता है। राज्यसभा को राज्य सूची के किसी विषय को राज्य सभा में उपस्थित एवं मतदान देने वाले सदस्यों के कम से कम दो तिहाई सदस्यों द्वारा समर्थित संकल्प द्वारा राष्ट्रीय महत्व का घोषित करने का अधिकार है| उपराष्ट्रपति को उसके पद से हटाने संबंधी प्रस्ताव राज्यसभा में ही प्रारंभ किया जाता है। लोकसभा के भंग होने की स्थिति में आपातकाल की उद्घोषणा का अनुमोदन राज्यसभा ही करती है| राज्यसभा में अधिकतम 250 सदस्य हो सकते हैं। इनमें से 12 सदस्यों को राष्ट्रपति को मनोनीत करने का अधिकार है। जबकि 238 सदस्य का चुनाव संबंधित विधानसभा के विधायकों द्वारा किया जाता है। वर्तमान में राज्यसभा में कुल सदस्यों की संख्या 245 है। इनमें से 233 सदस्यों का चुनाव जनता द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से किया जाता है, जबकि 12 सदस्यों को राष्ट्रपति मनोनीत करते हैं।