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जानिए राजदूत और उच्चायुक्त में अंतर...

03 Jul 2018
राष्ट्रमण्डल देशों में है अलग व्यवस्था

JULY 03 (WTN) - आपने अधिकतर सुना होगा कि किसी देश में भारत का राजदूत है और किसी देश में भारत का उच्चायुक्त है। लेकिन क्या कभी आपने इस तरफ ध्यान दिया कि राजदूत और उच्चायुक्त में क्या अंतर होता है। यदि आप नहीं जानते हैं तो हम आपको बताते हैं कि आखिर राजदूत और उच्चायुक्त में क्या अंतर होता है।

विदेश में भारत सरकार अलग-अलग देशों में भारत के प्रतिनिधि नियुक्त करती है। इन प्रतिनिधियों के द्वारा ही भारत के विदेशी मामलों का क्रियान्वयन होता है। विश्व के लगभग हर देश में भारत सरकार, भारतीय विदेश मंत्रालय के माध्यम से अपने प्रतिनिधि की नियुक्ति की है। ये प्रतिनिधि भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी होते हैं। इन्हीं अधिकारियों को किन्हीं देशों में राजदूत तो किन्हीं देशों में उच्चायुक्त कहा जाता है।

उच्चायुक्त
राष्ट्रमण्डल के सदस्य देशों के प्रतिनिधि एक दूसरे के यहां पर उच्चायुक्त के नाम से जाने जाते हैं। जैसे पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया में भारत सरकार के प्रतिनिधि को उच्चायुक्त कहा जाता है। राष्ट्रमण्डल के सदस्य देश वे देश हैं जो कभी ना कभी ब्रिटेन के अधीन रहे हैं। राष्ट्रमण्डल देशों में भारत के प्रतिनिधि उच्चायुक्त कहलाते हैं। राष्ट्रमण्डल देशों में भारतीय विदेश सेवा के कार्यालय को उच्चायोग कहा जाता है।

राजदूत
राष्ट्रमण्डल देशों के अलावा जो भी देश हैं, वहां पर भारत सरकार के प्रतिनिधि को राजदूत कहा जाता है। जैसे अमेरिका और जापान में भारत सरकार के प्रतिनिधि को राजदूत कहा जाता है। इन देशों में स्थित भारतीय विदेश मंत्रालय के कार्यालय को दूतावास कहा जाता है। राजदूत भी भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी होते हैं।