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कभी नहीं होगी आर्थिक तंगी, यदि हर दिन करेंगे आप इस स्तोत्र का पाठ!

31 Jul 2018
कनकधारा स्तोत्र के पाठ से दूर होती हैं आर्थिक परेशानियां, कुल में नहीं रहता धन का अभाव

JULY 31 (WTN) – इस मृत्युलोक में हर किसी को कभी ना कभी आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है। कई प्रयत्न करने के बाद भी धन सम्पत्ति की प्राप्ति नहीं हो पाती है। ऐसे में कई बार मनुष्य हताश हो जाता है। लेकिन धन प्राप्ति और धन संचय के लिए स्वयं आदि गुरू शंकराचार्य ने कनकधारा यंत्र और स्तोत्र की रचना की है। कनकधारा स्तोत्र को स्वर्णधारा स्तोत्र भी कहा जाता है।

मान्यता है कि कनकधारा यंत्र और कनकधारा स्तोत्र चमत्कारिक रूप से लाभ देता है। धर्मग्रंथों में वर्णित है कि इस यंत्र को विशेष माला, जाप, पूजन या विधि-विधान की ज़रूरत नहीं पड़ती है। जो भी भक्ति भाव से इसे दिन में सिर्फ़ एक बार पढ़ता है, उसकी समस्त आर्थिक परेशानियां दूर हो जाती हैं। कनकधारा यंत्र और स्तोत्र को चैतन्य कहा गया है, यानि इसको सिर्फ़ पूजाघर में रखने से ही धन सम्बन्धि परेशानियां दूर हो जाती हैं।

कहा जाता है कि धन सम्पत्ति के लिए मां लक्ष्मी की प्रसन्न करने के लिए जितने भी यंत्र हैं, उनमें कनकधारा यंत्र और स्तोत्र सबसे ज्यादा प्रभावशाली और अतिशीघ्र फलदायी है। मान्यता है कि आदि गुरू शंकराचार्य ने 18 श्लोक के कनकधारा स्तोत्र के माध्यम से एक निर्धन वृद्ध स्त्री के घर धन वर्षा कराई थी। जिसके बाद स्वयं माता लक्ष्मी ने प्रकट होकर कहा था कि जो भी इस कनकधारा स्तोत्र का पाठ भक्ति भाव से करेगा, उसके कुल में कभी भी धन का अभाव नहीं रहेगा।