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मध्य प्रदेश में फ़िर बन रही है भाजपा की सरकार – सर्वे

01 Aug 2018
बसपा के साथ गठबंधन के बाद भी मध्य प्रदेश में कांग्रेस जीत से दूर - सर्वे

AUG 01 (WTN) – मध्य प्रदेश में लगातार 15 सालों से हार रही कांग्रेस को एक बार फिर से विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ सकता है। यदि कांग्रेस की क़रीबी न्यूज़ वेबसाइट नेशनल हेराल्ड के एक सर्वे रिपोर्ट पर विश्वास करें तो मध्य प्रदेश में एक बार फ़िर से भाजपा जीतने जा रही है।

मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव से काफ़ी पहले यह सर्वे स्पीक मीडिया नेटवर्क ने किया है। सर्वे रिपोर्ट को नेशनल हेराल्ड ने अपनी वेबसाइट पर छापा है। सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, विधानसभा चुनाव में भाजपा को पूर्ण बहुमत मिलता दिख रहा है। सर्वे के अनुसार यदि मध्य प्रदेश में कांग्रेस अकेली चुनाव लड़ती है तो उसे सिर्फ़ 73 सीटों पर ही जीत हासिल हो सकेगी और भाजपा 147 सीटें जीतकर सरकार बना लेगी।

स्पीक मीडिया नेटवर्क के सर्वे के अनुसार यदि कांग्रेस बसपा के साथ गठबंधन करती है, तो कांग्रेस और बसपा गठबंधन को 103 सीटों पर जीत हासिल हो सकती है। लेकिन फ़िर भी दोनों दलों का गठबंधन के लिए ज़रूरी 116 सीटों से दूर ही रहेगा। वहीं कांग्रेस और बसपा के गठबंधन के कारण भाजपा की सीटों में कमी आएगी, लेकिन फ़िर भी भाजपा 126 सीटें जीतकर सरकार बना लेगी।

यानि नेशनल हैराल्ड में छपी स्पीक मीडिया नेटवर्क की सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस अकेले चुनाव लड़े या फिर बसपा के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़े, दोनों ही परिस्थितियों में कांग्रेस की सरकार नहीं बनने जा रही है। सर्वे में साफ़ लिखा है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लोकप्रियता अभी भी मध्य प्रदेश के लोगों में बरकरार है।

स्पीक मीडिया नेटवर्क की रिपोर्ट के मुताबिक, भाजपा को हराने के लिए कांग्रेस को काफ़ी मेहनत करनी होगी। कांग्रेस के क़रीबी अख़बार नेशनल हेराल्ड की वेबसाइट पर भाजपा की जीत के सर्वे से भाजपा नेतृत्व को काफ़ी सुकून मिलेगा।

कहा जा रहा है कि भाजपा को हराने के लिए कांग्रेस बसपा के साथ गठबंधन करने के साथ-साथ कुछ अन्य छोटी पार्टियों का भी साथ ले सकती है। कांग्रेस का पूरा प्रयास है कि भाजपा विरोधी वोटों का ध्रुवीकरण किसी भी क़ीमत पर नहीं हो। क्योंकि यदि ऐसा होता है तो इसका फ़ायदा भाजपा को ही होगा। अब देखना होगा कि इस सर्वे रिपोर्ट के बाद कांग्रेस अपनी रणनीति में क्या कुछ बदलाव करती है।