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‘बयानों’ से होती ‘राजनीति’

06 Aug 2018
'मदारी' और 'डमरू' में उलझी मध्य प्रदेश की राजनीति

AUG 06 (WTN) – मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले बयानों का दौर जारी है। कभी सत्ता पक्ष भाजपा की तरफ से तो कभी विपक्ष कांग्रेस की तरफ से बयानबाजी हो रही है। आपको याद होगा कि कुछ दिनों पहले मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक बार फिर दोहराया था कि मध्य प्रदेश की सड़कें अमेरिका से भी अच्छी हैं। शिवराज सिंह चौहान के इस बयान के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व केन्द्रीय मंत्री कमलनाथ ने जमकर निशाना साथा है। वहीं ‘मदारी’ और ‘डमरू’ में मध्य प्रदेश की राजनीति उलझ गई है।

शिवराज सिंह चौहान और कमलनाथ के बीच मदारी और डमरू को लेकर बयानबाजी अपने शबाब पर है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कुछ दिनों पहले कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को ‘मदारी’ बताया था। कमलनाथ के इस बयान के बाद शिवराज सिंह चौहान ने पलटवार करते हुए एक जनसभा में कहा था कि वो ऐसे मदारी हैं, जिनके डमरू बजाते ही बिजली के बिल शून्य हो जाते हैं।

शिवराज सिंह के बयान के बाद अब मौका था कमलनाथ था। तो कमलनाथ ने भी अपने ही अंदाज में शिवराज सिंह चौहान पर तंज कसा। शिवराज सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कमलनाथ ने कहा, “शिवराज डमरू बजाते रहते हैं, इसका क्या जवाब दूं।”

वहीं शिवराज सिंह चौहान पर तंज कसते हुए कमलनाथ ने कहा, “मुख्यमंत्री अमेरिका से मध्य प्रदेश की तुलना करते हैं। लेकिन वे यह नहीं बताते हैं कि मध्य प्रदेश में अफ्रीका से ज्यादा आत्महत्याएं आखिर क्यों हो रही हैं?” अमेरिका से मध्य प्रदेश की सड़कों पर तुलना पर कमलनाथ ने कहा,”एक तरफ मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश की सड़कों की तुलना अमेरिका से करते हैं, तो दूसरी तरफ छतरपुर में स्वास्थ्य विभाग की टीम को टीकाकरण के लिए दस किलोमीटर पैदल चलना पड़ा क्योंकि वहां पर सड़क नहीं थी।”

वहीं केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के नौकरियों से सम्बन्धित बयान पर कमलनाथ ने कहा,”वे नितिन गडकरी की बातें से पूरी तरह से सहमत हैं कि देश में नौकरियां नहीं हैं।“ कमलनाथ ने आगे कहा, “मैं खुद वाणिज्य मंत्री रह चुका हूं और जीडीपी को काफी अच्छी तरह से जानता हूं। केन्द्र की भाजपा सरकार ने देश की जीडीपी को तहत नहस कर दिया है।“

अब देखना होगा कि कमलनाथ और शिवराज सिंह चौहान के बीच की बयानबाजी कहां तक जाती है। चुनाव के लिए कुछ ही महीने बचे हैं ऐसे में मध्य प्रदेश की जनता को इन दोनों ही नेताओं के बीच काफी कुछ बयानबाजी देखने को मिलेगी। लेकिन अच्छा हो कि नेता बयानबाजी करने की बजाय उन मुद्दों पर बातें करें जिनसे जनता का सरोकार है।