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आप भी जानिए अभी तक क्या हैं मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियां?

07 Aug 2018
एक एसएमएस से मिलेगी मतदान केन्द्र की जानकारी

AUG 07 (WTN) – मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए कुछ ही महीने बचे हैं, ऐसे में निर्वाचन आयोग की तरफ से तैयारियां ज़ोरों पर हैं। मतदाता सूची में नाम जोड़ने और काटने से लेकर मतदान केन्द्र तक पहुंचने में मदद करने तक हर काम में निर्वाचन आयोग मुस्तैद है। आइये आपको बताते हैं कि अभी तक क्या-क्या तैयारियां निर्चावन आयोग मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कर चुका है।

सबसे पहले बात करें ग़ैर ज़मानती वारंटियों की, तो निर्वाचन आयोग ने साफ कर दिया है कि यदि मध्यप्रदेश के 80 हज़ार के करीब ग़ैर ज़मानती वारंटी तामील नहीं हुए तो इनके नाम मतदाता सूची से काटे जा सकते हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने इससे सम्बन्धित निर्देश सभी रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को दे दिए हैं। 

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नियमों के अनुसार छह महीने के अन्दर वारंट तामील हो जाना चाहिए। लेकिन यदि ऐसा नहीं होता है तो इसका मतलब है कि सम्बन्धित व्यक्ति वहां नहीं रहता है, इसलिए निर्वाचन नियमों के अनुसार ऐसे लोगों को नाम मतदाता सूची से हटाने की कार्रवाई शुरू होगी।

इधर, मतदाताओं को मतदान केन्द्र तक पहुंचने में किसी भी तरह की कोई परेशानी ना हो, इसलिए निर्वाचन आयोग ने बीएसएनएल से करार किया है। यदि किसी मतदाता को मतदान के दौरान अपना मतदान केन्द्र नहीं मिल रहा है तो इसके लिए 51969 नम्बर पर “एमपी स्पेस मतदाता परिचय पत्र नंबर" लिखकर एसएमएस करने से मतदान केन्द्र की पूरी जानकारी मिल जाएगी।

इतना ही नहीं, पहली बार सर्विस वोटर्स के लिए मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण किया जाएगा। इसके लिए सभी विभागों से ज़रूरी सूची मांगी गई है। 

वहीं अब मतदान केन्द्र में मतदाताओं की संख्या में भी बदलाव किया गया है। शहरी क्षेत्रों में प्रति मतदान केन्द्र 1400 और ग्रामीण क्षेत्रों में 1200 मतदाता के हिसाब से मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इसके कारण मतदान केन्द्रों की संख्या 53 हज़ार से बढ़कर 65,340 हो गई है।

निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची का पुनरीक्षण भी किया है। इसमें करीब 24 लाख नाम हटाए गए हैं और 11 लाख से ज़्यादा नए नाम जोड़े गए हैं। इसी कारण मतदाता सूची में नाम का क्रम भी बदल गया है।