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‘इलेक्शन मोड’ में शिवराज सरकार, किसानों पर बिजली चोरी के केस लिये वापस

09 Aug 2018
क़रीब 55 हज़ार किसानों के बिजली चोरी के केस वापस

AUG 09 (WTN) – मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले सभी पार्टियां किसानों को लुभाने की कोशिश में हैं। कांग्रेस ने वादा किया है कि यदि वो सत्ता में आई तो किसानों के कर्ज माफ़ करेगी तो भाजपा भी किसानों को रिझाने की पूरी कोशिश कर रही है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों का बिजली से जुड़ा एक बड़ा फैसला लिया है।

मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक मध्य प्रदेश सरकार राज्य में किसानों पर बिजली चोरी के दर्ज केस वापस लेगी। इसके लिए बाकायदा एक आदेश भी जारी कर दिया गया है। कहा जा रहा है कि करीब 55 हज़ार किसानों पर बिजली चोरी के दर्ज केस वापस लिए जाएंगे।

किसानों पर चोरी के केस हटाने के बाद अब राज्य सरकार खुद बिजली कम्पनियों को राशि का भुगतान करेगी। इसके लिए ऊर्जा विभाग ने सीएम सचिवालय को प्रस्ताव भेजा था। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बिजली चोरी के मामले में अभी भी करीब एक करोड़ रुपयों की वसूली होना बाकी है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इससे पहले राज्य की भाजपा सरकार ने सम्बल योजना के तहत करीब 16 लाख बिजली उपभोक्ताओं के 5179 करोड़ रुपये के बिजली बिल माफ करने की घोषणा की थी। इस योजना के तहत पंजीयन कराने वाले मज़दूरों को 200 रुपये महीने की दर पर बिजली बिल मिलेंगे।

भाजपा का कहना है कि उसकी सरकार ने किसानों, मजदूरों और गरीबों के लिए काफी कुछ किया है। लेकिन फिर भी कांग्रेस बिजली माफ़ी के मामले में शिवराज सरकार को कठघरे में खड़ा कर रही है। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ का कहना है कि शिवराज सरकार को एक साल नहीं बल्कि 14 सालों का गरीबों का बिजली बिल माफ करना चाहिए।

गरीबों के लिए बिजली बिल में माफी को तर्कसंगत कहा जा सकता है। लेकिन बिजली चोरी के केस वापस लेकर सरकार ने अच्छा संदेश नहीं दिया है। बिजली चोरी के मामलों में सरकार को सख्ती दिखाना चाहिए ना कि बिजली चोरी को माफ करना चाहिए। सरकार के इस फैसले से बिजली चोरी करने वालों का डर ख़त्म हो जाएगा, जो कि अच्छा संकेत नहीं है।