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डिजिटल सुविधाओं की ओर मध्य प्रदेश का एक कदम

18 Aug 2018
तीन दिनों में मिलेंगे डिजिटल जाति प्रमाण पत्र

AUG 18 (WTN) – मध्य प्रदेश अब जाति प्रमाण पत्रों में डिजिटल होने जा रहा है। प्रदेश में अब एससी, एसटी, ओबीसी समेत विमुक्त, घुमक्कड़ और अर्द्ध घुमक्कड़ जनजाति के लोगों के डिजिटल जाति प्रमाण पत्र बनाने का फैसला लिया गया है। जानकारी के मुताबिक राज्य शासन ने आवेदन आने से प्रमाण पत्र जारी होने तक तीन दिन की समयसीमा तय की है।

इतना ही नहीं, उन लोगों के जाति प्रमाण पत्र बगैर किसी छानबीन के बनाए जाएंगे, जिनके परिवार के किसी सदस्य का पहले भी प्रमाण पत्र बनाया जा चुका है। इस बारे में सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी ज़िलों के कलेक्टरों को निर्देश जारी कर दिए हैं।

सरकार की मंशा है कि आरक्षित वर्ग के सभी लोगों के जाति प्रमाण पत्र अब डिजिटल हों। इसके लिए जिनके पहले से मैन्युअल प्रमाण पत्र हैं उन्हें अब डिजिटल में बदला जाएगा। जानकारी के मुताबिक सरकार ने इसे लोक सेवा गारंटी कानून में रखा है। जिसके बाद मैन्युअल से डिजिटल प्रमाण पत्र तैयार करने की समय सीमा तीन दिन तय कर दी गई है।

इतना ही नहीं, नए प्रमाण पत्र बनाने की समय सीमा तो तीस दिन से घटाकर पंद्रह दिन कर दिया गया है। सरकार ने सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिया है कि नए प्रमाण पत्र बनाने में देरी ना की जाए।

वहीं सरकार ने ऐसे मामलों में आवेदक के परिवार के सदस्यों के आधार पर बगैर जांच-पड़ताल प्रमाण पत्र जारी करने को कहा है जिनके परिवार के लोगों के पहले जाति प्रमाण पत्र बन चुके हैं। ऐसे मामलों में आवेदक को परिवार के सदस्य के जाति प्रमाण पत्र की स्वयं के द्वारा सत्यापित प्रतिलिपि आवेदन के साथ लगाना होगी।