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चीन की ‘विस्तारवादी नीति’ के कारण पाकिस्तान के ‘अस्तित्व’ पर खतरा

04 Sep 2018
पाकिस्तान की आर्थिक हालत ‘खस्ता’
 
SEP 04 (WTN) – चीन अपनी विस्तारवादी नीति के कारण पूरी दुनिया में कुख्यात है। एशिया के साथ-साथ चीन पूरी दुनिया में अपना दबदबा कायम रखना चाहता है। भारत को घेरने के लिए चीन ने पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश, म्यांमार, श्रीलंका और मालदीप जैसे देशों के साथ मिलकर एक रणनीति बनाई है। लेकिन बात करें पाकिस्तान की तो चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे के कारण पाकिस्तान का अस्तित्व खतरे में है।
 
आतंकवाद को फैलाना वाला पाकिस्तान अब चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे के जाल में बुरी तरह से फंसता जा रहा है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चीन, पाकिस्तान में एक नीति के तहत भारी निवेश कर रहा है लेकिन इस नीति को पाकिस्तान समझ नहीं पा रहा है। चीन की इसी नीति के कारण पाकिस्तान के सामने मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। अध्ययन के बाद इस पूरे मसले पर अमेरिकी सांसदों का कहना है कि पाकिस्तान बुरी तरह से चीन के कर्ज के जाल में फंस गया है।
 
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पाकिस्तान की सरकार ने कर्ज के जाल से निकलने के लिए आईएमएफ यानि कि अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष से राहत पैकेज की मांग की है। अमेरिकी सांसदों का निष्कर्ष है कि पाकिस्तान में करंट अकाउंट डेफिसिट यानि कि चालू खाते का घाटा जिस तेज़ी से बढ़ रहा है, उसके बाद आने वाले समय में पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था पूरी तरह से चरमरा जाएगी।
 
मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, इस सम्बन्ध में अमेरिकी सीनेटर्स का मत है कि चीन के कर्ज को उतारने के लिए पाकिस्तान, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष से मदद मांग रहा है। अमेरिका का कहना है कि चीन, दुनिया के लगभग 68 देशों में वन बेल्ट, वन रोड का विस्तार कर रहा है। चीन की इस नीति के कारण 23 देश उसकी कर्ज नीति में बुरी तरह फंस चुके हैं। 
 
एक रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान, जिबूती, मालदीव, मंगोलिया, लाओस, मॉन्टेनीग्रो, तजाकिस्तान और किर्गिस्तान जैसे देश पारदर्शिता के अभाव और गोपनीय शर्तों के कारण चीन का कर्ज चुकाने में कामयाब नहीं होंगे और ये चीन के डेब्ट ट्रैप का शिकार हो जाएंगे। ऐसे में इन देशों ने चीन के खिलाफ आवाज उठाना शुरू कर दिया है।
 
जानकारी के मुताबिक तीन देशों ने चीन का कर्ज नहीं चुकाया तो चीन ने उनकी महत्वपूर्ण जगहें ले लीं। कुछ इसी तर्ज पर चीन अब पाकिस्तान के सामरिक महत्व वाले ग्वादर पोर्ट पर चीनी नागरिकों की कॉलोनी बनाने जा रहा है। चीन के कर्ज से डरे पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री इमरान खान ने अब प्रोजेक्ट में पारदर्शिता की मांग की है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पाकिस्तान को चीन ने 1.33 लाख करोड़ रुपये का कर्ज दिया है। ये उसके कुल कर्ज का 5वां हिस्सा है। पाकिस्तान की आर्थिक हालत अब यह हो गई है कि वो अब कर्ज तो चुकाने के लिए कर्ज ले रहा है।