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राहुल गांधी ने बनाई मध्य प्रदेश जीतने की ‘रणनीति’

04 Sep 2018
17 सितम्बर को भोपाल में राहुल गांधी को रोड शो, कार्यकर्ताओं से करेंगे सम्वाद
 

SEP 04 (WTN) – गुजरात विधानसभा चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करने और कर्नाटक में भाजपा को सत्ता से दूर रखने के बाद, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अब मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के लिए पूरी तैयारी कर रहे हैं। राहुल गांधी जानते हैं कि लोकसभा चुनाव से पहले मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव काफ़ी महत्वपूर्ण हैं। यदि इस चुनाव में कांग्रेस ने जीत हासिल कर ली तो लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के पास आत्मविश्वास की कमी नहीं होगी। ऐसे में राहुल गांधी ने अब मध्य प्रदेश की राजनीति पर ध्यान देना शुरू कर दिया है।
 
15 सालों से मध्य प्रदेश की सत्ता से दूर कांग्रेस अब राहुल गांधी के सहारे भाजपा को हराने का रणनीति बना रही है। इसी क्रम में 17 सितम्बर को राहुल गांधी भोपाल में रोड शो करने जा रहे हैं। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक राहुल गांधी का रोड शो लालघाटी से शुरु होकर भेल के दशहरा मैदान तक होगा। दशहरा मैदान में राहुल गांधी कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन को सम्बोधित करेंगे और कार्यकर्ताओं से रूबरू होंगे।
 
राहुल गांधी इस दौरान कांग्रेस नेताओं के साथ भी बैठक करेंगे। कहा जा सकता है कि राहुल गांधी मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव को लोकसभा चुनाव से पहले सेमीफाइनल की तरह देख रहे हैं, और इसके लिए उन्होंने पूरा फोकस करना भी शुरू कर दिया है। अपने करीबी दीपक बावरिया को राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश कांग्रेस का प्रभारी बनाया है, जिसके बाद माना जा रहा है कि राहुल गांधी मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में व्यक्तिगत तौर पर काफ़ी सक्रिय रहेंगे।
 
विधानसभा चुनाव में जीत के लिए इस बार काफी सोच समझकर टिकट देने की रणनीति कांग्रेस ने बनाई है। कहा जा रहा है कि राहुल गांधी ने कांग्रेस से टिकट देने के लिए कई नियम बनाए हैं। इन नियमों पर खरा उतरने के बाद ही किसी दावेदार को टिकट दिया जाएगा। इस बार विधानसभा चुनाव में टिकट के लिए कांग्रेस ने टिकट के दावेदारों की ट्विटर और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रियता की भी शर्त रखी है। कहा जा रहा है यह सब राहुल गांधी के दिशा निर्देशों के बाद हो रहा है।
 
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस को लगातार तीन विधानसभा चुनावों में हार का सामना करना पड़ा था। दस साल के कांग्रेस शासन के बाद 2003 में भाजपा ने कांग्रेस को बुरी तरह से शिकस्त दी थी। 2003 के बाद 2008 और 2013 के विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा था।

कहा जा रहा है कि कांग्रेस इस बार जीतने के लिए कोई भी कसर छोड़ना नहीं चाहती है इसलिए राहुल गांधी ने खुद कमान सम्भालने की तैयारी कर ली है। अब देखना होगा कि राहुल गांधी की सक्रियता से कांग्रेस मध्य प्रदेश में जीत हासिल कर पाती है कि नहीं।