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मध्य प्रदेश में भाजपा में ‘नाम’ नहीं ‘काम’ दिलाएगा टिकट!

26 Sep 2018
राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल ने किया साफ़, पार्टी की है सभी पर नजऱ, मैरिट के आधार पर ही मिलेगा टिकट

SEP 26 (WTN) – मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए कुछ ही दिनों का समय बचा है। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों में टिकट के दावेदार जुगाड़ में लगे हुए हैं। बात करें भाजपा की तो लगातार 15 सालों से सत्ता में काबिज़ भाजपा इस बार काफ़ी सोच समझकर टिकट बांटने के मूड में है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक संघ और भाजपा के सर्वे में पार्टी के कई वर्तमान विधायक ऐसे हैं जो जीतने के हालत में नहीं है। कहा जा रहा है कि इन विधायकों का टिकट कटना लगभग तय है। ऐसे में भाजपा विधायक बड़े नेताओं के सम्बन्धों के ज़रिये टिकट की जुगाड़ लगा रहे हैं और इसके लिए भोपाल के चक्कर लगा रहे हैं।
 
लेकिन इस सबके बीच, भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल ने विधायकों को साफ़ कह दिया है कि जो योग्य होगा, मैरिट के आधार पर उसे ही टिकट मिलेगा। टिकट मांगने के लिए बार-बार भोपाल के चक्कर काटने की ज़रूरत नहीं है। रामलाल ने साफ़ किया कि आपने यदि काम किया है और आप जनता के बीच लोकप्रिय हैं तो आपको टिकट मिलेगा, लेकिन टिकट के लिए किसी से डिमाण्ड करवाने की ज़रूरत नहीं है। रामलाल ने साफ़ किया कि पार्टी प्रत्याशी चयन के लिए सर्वे करा रही है और वर्तमान विधायकों पर पार्टी की पूरी नज़र है। सिर्फ़ जीतने वाले को ही टिकट मिलेगा।
 
इतना ही नहीं, रामलाल ने साफ़ किया कि जिसका टिकट कटेगा वो निराश ना हो और पार्टी के लिए काम करता रहे। टिकट नहीं मिलने से उसका राजनीतिक करियर ख़त्म नहीं होगा। हो सकता है कि आने वाले लोकसभा चुनावों में उसे मौका मिले या संगठन में कोई बड़ी ज़िम्मेदारी सौंप दी जाए।
 
अब देखना होगा कि रामलाल की सीख के बाद भाजपा विधायक टिकट के लिए भोपाल के चक्कर काटना बंद करते हैं कि नहीं। देखा गया है कि चुनाव से पहले टिकट पाने के लिए विधायक भोपाल में बड़े नेताओं के पास सिफ़ारिश के लिए जाते हैं। लेकिन अब जबकि राष्ट्रीय संगठन महामंत्री ने साफ़ कर दिया है कि नाम नहीं काम से टिकट मिलेगा, तो देखना होगा कि टिकट की आस लगाए विधायकों के भोपाल चक्कर लगना बंद होते हैं कि नहीं।