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विश्लेषण: मध्य प्रदेश में काफ़ी सोच समझकर टिकट वितरण करेंगे अमित शाह

11 Oct 2018
परम्परागत वोट बैंक के नाराज़ होने से भाजपा में दुविधा, ऐन वक़्त पर हो सकती है टिकट को घोषणा

OCT 11 (WTN) – मध्य प्रदेश में चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद सभी तरफ़ चर्चा है कि किसे टिकट मिलेगा और किसका टिकट कटेगा। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक़, कांग्रेस कल 12 अक्टूबर को अपनी पहली सूची जारी कर सकती है, जिसमें क़रीब 150 सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा की जा सकती है। लगातार 15 सालों से मध्य प्रदेश की सत्ता पर काबिज़ भाजपा कब अपनी पहली सूची जारी करेगी इस पर चर्चाएं जारी हैं। कहा जा रहा है कि 15 सालों की सत्ता विरोधी लहर और एससी-एसटी एक्ट के बाद सवर्ण और पिछड़ों की नाराज़गी के कारण भाजपा काफ़ी सोच समझकर टिकट वितरण करेगी।
 
मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार, भाजपा में टिकट वितरण पर संगठन स्तर पर फाइनल चर्चा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के सम्भागीय दौरों के बाद ही होगी। जानकारी के मुताबिक़ अभी तक भाजपा ने चार सर्वे करवाए हैं और इन सर्वे रिपोर्ट पर काम होने के बाद ही हर सीट के लिए प्रत्याशियों की छंटनी का काम होगा।
 
कुछ न्यूज़ चैनल्स के सर्वे में भाजपा की हार दिखाए जाने के बाद भाजपा नेता मंथन में है कि नाराज़ हो गये परम्परागत वोटबैंक को आखिर कैसे मनाया जाए। कहा जा रहा है कि मज़बूत प्रत्याशी चुनने के लिए जनआशीर्वाद यात्रा और विधानसभा सम्मेलन में जिन दावेदारों के नाम आए हैं उन्हें भी पैनल में शामिल किया जाएगा। इतना ही नहीं, सत्ताविरोधी लहर से डरी भाजपा कमज़ोर प्रदर्शन करने वाले विधायकों की अलग से सूची तैयार कर रही है क्योंकि यदि उनका टिकट कटता है तो पहले उनसे बात की जा सके और किसी भी तरह के भीतरघात को रोका जा सके।
 
कहा जाता है कि भाजपा में टिकट वितरण की तैयारी काफ़ी महीनों पहले से शुरू हो जाती है। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक़, भाजपा ने विधानसभा चुनाव की तैयारी कई महीनों पहले ही शुरू कर दी थी। कहा जाता है कि अगस्त, 2017 में अमित शाह के भोपाल दौरे के समय ही पार्टी ने राज्य में एक सर्वे करवा लिया था और इस सर्वे में पार्टी ने मौजूदा विधायकों के प्रदर्शन पर ख़ास नज़र रखी गई थी।
 
इसके बाद समय-समय पर पार्टी ने कई सर्वे कराए हैं जिससे कि मतदाताओं के मन की बात पता लग सके। कई सर्वे होने और अमित शाह के सम्भागीय दौरे ख़त्म होने के बाद माना जा रहा है कि टिकट वितरण के काम में भाजपा युद्धस्तर पर जुट जाएगी। भाजपा काफ़ी विचार करने के बाद ही इस बार टिकट देने की मूड में है। कहा जा रहा है कि पार्टी और विभिन्न एजेंसियों की सर्वे की रिपोर्ट, सीटों पर आए दावेदारों के नाम, प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह की ज़िले के संगठन नेताओं के साथ की गई बातचीत में आए दावेदार और सीएम शिवराजसिंह चौहान की जनआशीर्वाद यात्रा के दौरान आए नामों का एक पैनल तैयार कर पार्टी इन पर विचार करेगी।
 
इस सबके के बाद पार्टी के बड़े नेताओं के बीच चर्चा की जाएगी और उसके बाद ही पैनल अपना काम करेगा। इसके बाद पैनल दावेदारों के नाम प्रदेश चुनाव अभियान समिति के सामने रखेगा। जिसके बाद हर सीट पर पूरा विचारविमर्श करने के बाद ही टिकट तय किया जाएगा। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक भाजपा टिकट वितरण में कोई भी जल्दबाजी नहीं दिखाएगी और टिकट फ़ाइनल करने में काफ़ी समय लेगी। ऐसा इसलिए क्योंकि एससी-एसटी एक्ट मे संशोधन के बाद नाराज़ चल रहे परम्परागत वोट बैंक को मनाना भाजपा की पहली प्राथमिकता रहेगी, क्योंकि यदि भाजपा ऐसा करने में सफ़ल नहीं रही तो लगातार चौथी बार जीतना भाजपा के लिए चुनौती साबित होगा।