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जानिए दुनिये के सबसे बड़े सी ब्रिज के बारे में विस्तार से

23 Oct 2018
दुनिया के सामने चीन की इंजीनियरिंग का नायाब उदाहरण है हांगकांग-झुहाई-मकाऊ सी ब्रिज
 
OCT 23 (WTN) – चीन और हांगकांग के बीच बना दुनिया का सबसे लम्बा सी ब्रिज कल यानि बुधवार से आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। 55 किलोमीटर लम्बे इस पुल को बनाने में क़रीब 20 अरब डॉलर का खर्च आया है। कहा जा रहा है कि इस पुल के जरिए चीन, हांगकांग और मकाऊ पर अपने नियंत्रण का राजनीतिक संदेश देना चाहता है।
 
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हांगकांग और मकाऊ दोनों पहले यूरोपीय देशों के उपनिवेश थे। 90 से दशक में इनका नियंत्रण चीन को मिला और ये दोनों 'वन कंट्री, टू सिस्टम' सिद्धांत पर चलते हैं, जो उन्हें 50 साल के लिए चीन से स्वतंत्र अपना सरकारी तंत्र चलाने की इजाजत देता है।
 
आइये आपको दुनिया के इस सबसे बड़े सी ब्रिज के बारे में विस्तार से जानकारी देते हैं।
 
यह ब्रिज 55 किलोमीटर लम्बा है और इस पुल का नाम, हांगकांग-झुहाई-मकाऊ पुल है।

चीन का यह नया सी ब्रिज साउथ चाइना सी पर पर्ल रिवर डेल्टा के पूर्वी और पश्चिमी छोर को जोड़ेगा।
 
इस पुल का 6.7 किलोमीटर हिस्सा पानी के अंदर से जाता है।

यह पुल 360 किलोमीटर प्रति घण्टे की रफ़्तार वाले तूफान को भी झेल सकता है।

ये नदी या समुद्र, कहीं पर भी बना दुनिया का छठा सबसे लम्बा पुल होगा।

इस पुल के बनाने का काम दिसम्बर 2009 में शुरू हुआ था और 2017 के मध्य में यह बनकर पूरा हो गया था।

इस ब्रिज के हर सेक्शन में 163 मीटर ऊंचे खम्बे लगे हैं जो कि किसी जहाज के आने पर पुल के कुछ हिस्से को ऊपर उठा देते हैं जिससे जहाज निकल सके।

इस पुल को बनाने में 4 लाख टन स्टील का इस्तेमाल हुआ है।

दुनिया के सबसे लम्बे सी-क्रॉसिंग ब्रिज को बनाने में कुल 20 अरब डॉलर की लागत लगी है।

यह ब्रिज चीन के प्रमुख शहर झुहाई में बना है जो कि हांगकांग और मकाऊ को आपस में जोड़ता है।

चीन का ये सबसे बड़ा ब्रिज साउथ चीन के 56,500 स्क्वॉयर किलोमीटर को कवर करता है।

इस ब्रिज के बीच 11 शहर आएंगे जिनमें हांगकांग और मकाऊ भी शामिल हैं।

इन 11 शहरों में तकरीबन 68 मिलियन लोग रहते हैं।

इस ब्रिज के बनने से लोगों की 3 घण्टे की यात्रा सिर्फ़ 30 मिनट में पूरी हो जाएगी।

दुनिया के इस सबसे लम्बे पुल पर पैदल सवार नहीं चल सकेंगे।

चीन से जाने वाली कार को हांगकांग में प्रवेश करने से पहले रोड में अपनी साइड बदलनी होगी क्योंकि हांग कांग में भारत की तरह ट्रैफिक बायीं तरफ चलता है।