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जानिए दुनिया के बड़े रेल मार्गों के बारे में विस्तार से

19 Nov 2018
कई देशों से होकर गुजरता है दुनिया का सबसे लम्बा रेलमार्ग

NOV 19 (WTN) – चलिए आज आपको बताते हैं दुनिया के लम्बे रेलमार्गों के बारे में विस्तार से। यदि हम आपसे कहें कि चीन और ब्रिटेन के बीच रेलमार्ग है तो आप आश्चर्य करेंगे। चीन कहां एशिया के पूर्व में स्थित देश और ब्रिटेन कहां यूरोप के पश्चिम में स्थित देश, क्या इन दोनों देशों के बीच रेलमार्ग हो सकता है।
 
हो सकता है नहीं महाशय बल्कि है। चीन और ब्रिटेन के बीच 12 हज़ार किलोमीटर लम्बा रेलमार्ग है। यह रेलमार्ग चीन से होकर कज़ाकिस्तान, रूस, बेलारूस, पोलैण्ड, जर्मनी, बेल्जियम और फ्रांस से होते हुए ब्रिटेन पहुंचता है। यह रेलमार्ग चीन के पूर्व शहर यीवू से ब्रिटेन की राजधानी लंदन के बीच है। जनवरी 2017 में इन दोनों देशों के बीच पहली मालगाड़ी चली थी।

रूस की राजधानी मॉस्को से उत्तर कोरिया की राजधानी पेंगयोंग तक का 10,260 किलोमीटर लम्बा रेल मार्ग दुनिया का दूसरा सबसे लम्बा रेल मार्ग है। इसी रेल मार्ग में ही मशहूर ट्रांस साइबेरियन रूट भी जुड़ा हुआ है, जो एक समय दुनिया का सबसे लम्बा रेल मार्ग था। 10,260 किलोमीटर लम्बे इस रेल रूट को पूरा करने मे 8 दिन का समय लग जाता है।
 
रूस की राजधानी मॉस्को और उसके पूर्वी शहर व्लादिवोस्टक तक ट्रांस-साइबेरियन रूट किसी समय दुनिया का सबसे लम्बा रेल मार्ग था। इस रेलमार्ग की लम्बाई क़रीब 9,300 किलोमीटर है। रूस के इस विश्व प्रसिद्ध रेल मार्ग को पार करने के लिए कई टाइम ज़ोन को पार करना पड़ता है और इसे पूरा करने में 6 दिन का समय लगता है।
 
रूस की राजधानी मॉस्को और चीन की राजधानी बीजिंग के बीच भी एक लम्बा रेलमार्ग है। इन दोनों देशों की राजधानियों के बीच दो रूट हैं, वाया हरबिन जाते हुए रेलमार्ग की लम्बाई 8,984 किलोमीटर और वाया उलान बटोर जाते हुए दूरी 7,826 किलोमीटर है। इन दोनों रूट्स पर ट्रेन को पहले स्टेशन से आखिरी स्टेशन तक जाने में 5 से 6 दिन का समय लग जाता है।
 
चीन ने अपने प्रमुख शहर ग्वांगझू से तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र की राजधानी ल्हासा तक भी रेलमार्ग बनाया है। इस रेलमार्ग की कुल लम्बाई क़रीब 5 हजार किलोमीटर है। कहा जाता है कि ल्हासा तक ट्रेन पहुंचाना के पीछे चीन का मकसद तिब्बत पर अपनी पकड़ को और मज़बूत करना है।
 
चीन का शांघाई-यियिंग रेलमार्ग भी दुनिया के सबसे लम्बे रेल रूट में शामिल है। इन दोनों स्टेशनों के बीच क़रीब 4,700 किलोमीटर की दूरी है। इस दूरी को पार करने में ट्रेन को क़रीब ढाई दिन का समय लग जाता है। चीन का ही ग्वांगझू-उरुम्की रेलमार्ग भी क़रीब 4,700 किलोमीटर लम्बा है।
 
उत्तरी अमेरिका का टोरंटो से वैंकुवर रेल मार्ग 4,500 किलोमीटर लम्बा है। टोरंटो से वैंकुवर तक पहुंचने में क़रीब साढ़े तीन दिन लग जाते हैं। वहीं अमेरिका का शिकागो-लॉस एंजलिस रेल मार्ग यूएसए का सबसे लम्बा रेलमार्ग है। इस रेलमार्ग की दूरी क़रीब 4,400 किलोमीटर है।
 
चीन की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले शांघाई से ल्हासा के बीच के रेलमार्ग की कुल लम्बाई क़रीब 4,400 किलोमीटर है। ट्रेन को एक छोर से दूसरी तरफ़ पहुंचने में क़रीब दो दिन का समय लगता है।