काम की बात: पैन कार्ड से सम्बन्धित नियमों में हो रहा है बदलाव
NOV 30 (WTN) – पैन कार्ड तो आपके पास होगा ही और उसका कहां-कहां उपयोग होता है यह भी आप अच्छी तरह से जानते ही होंगे। लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पैन कार्ड से जुड़े महत्वपूर्ण नियम 5 दिसम्बर से पूरे देश में लागू होने जा रहे हैं। इन नियमों के अलावा भी पैन कार्ड से कई सारे नियम जुड़े हुए हैं, अगर आप किसी भी तरह का नकद या दूसरे तरह का पैसों का लेन-देन करते हैं, तो आपको इन सभी नियमों की पूरी जानकारी होना चाहिए। क्या है ये नये नियम हम आपको बताते हैं।
लेकिन उससे पहले आपको बता दें कि पैन कार्ड में दिसम्बर से एक बहुत बड़ा बदलाव होने जा रहा है। 5 दिसम्बर से एक नया नियम लागू होगा, जिसके चलते पैन कार्ड बनवाने वाले लोगों को काफ़ी सहुलियत मिल सकेगी। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने पैन कार्ड बनवाने के लिए पिता का नाम देने की अनिवार्यता को खत्म करने का फ़ैसला किया है। जिन मामलों में मां एकल अभिभावक है, या आवेदक केवल मां का नाम देना चाहता है, उन्हें आवेदन फॉर्म में विकल्प दिया जाएगा।
इतना ही नहीं, अगर आपके पास पैन कार्ड नहीं है, या फिर इसमें किसी तरह का बदलाव किया है और नया पैन कार्ड आने में देर लग रही है, तो फिर ई-पैन के जरिए ऐसा कर सकेंगे। इसके लिए किसी तरह के अन्य डॉक्यूमेंट की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।
आइये अब आपको बताते हैं पैन कार्ड से जुड़े कुछ नियम। यदि कोई एक साल में 2.5 लाख रुपए से ज्यादा का ट्रांजैक्शन करता है, तो उसके लिए पैन कार्ड बनवाना जरूरी है। वहीं यदि किसी बिजनेस संस्थान का सालाना कारोबार 5 लाख रुपए से अधिक है, तो उसे भी पैन नम्बर लेना होगा। इतना ही नहीं, इसके अलावा अब उस स्थिति में भी पैन लेना होगा, जबकि कुल बिक्री-कारोबार-सकल प्राप्तियां एक वित्तीय वर्ष में पांच लाख रुपए से अधिक नहीं हों।
वहीं यदि आप कार या बाइक खरीद रहे हैं, तो भी अब आपको पैन कार्ड नम्बर देना होगा। इसके अलावा 10 लाख रुपये से ऊपर की अचल सम्पत्ति बेचने पर भी अब पैन नम्बर देना होगा। इतना ही नहीं, यदि अगर आप 2 लाख रुपए से ऊपर कोई सामान या सेवा खरीदते हैं, तो भी पैन कार्ड देना जरूरी है। इसके अलावा बैंक अकाउंट खोलने पर भी पैन नम्बर बताना होता है। अगर आप अपने बैंक अकाउंट में 50 हज़ार रुपए से ज़्यादा की नकदी जमा करते हैं, तो बैंक आपसे ये नम्बर मांगता है।
वहीं 50 हज़ार रुपए से ज़्यादा लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम भरते समय भी पैन ज़रूरी होता है। इसके अलावा विदेशी करेंसी, म्यूचुअल फंड बॉन्ड, डिबेंचर या 1 लाख रुपए से ज़्यादा के अनलिस्टेड शेयरों की खरीद के लिए भी पैन कार्ड जरूरी है।
नए नियम के अनुसार अब पैन कार्ड के बदले सिर्फ पैन नम्बर ही काफ़ी होगा। फाइनेंस एक्ट 2018 में ये बदलाव कर दिया गया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पहले लेमिनेटेड कार्ड जारी करने का नियम था, पर अब नई सीरीज में 10 नम्बर को ही पैन की मान्यता दे दी गई है। जैसा कि आप जानते ही होंगे कि आयकर विभाग भारत में सभी टैक्स भरने वालों को 10 डिजिट का पैन नम्बर जारी करता है। ये हर एक के लिए यूनिक होता। व्यक्तियों के अलावा ये कम्पनियों के लिए भी जारी होता है। जब भी आप टैक्स रिटर्न भरते हैं, इस नम्बर को लिखना ज़रूरी होता है।