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जानिए कुण्डली में शनि, राहु और केतु कैसे डालते हैं प्रभाव

12 Dec 2018
निम्न स्थान पर स्थित ग्रहों को करें प्रसन्न, जीवन में आएगी खुशहाली
 
DEC 12 (WTN) – आइये जानते हैं कि कुण्डली में शनि, राहु और केतु के उच्च स्थान पर होने से जातक को क्या-क्या लाभ मिलता है और इन तीनों ग्रहों को निम्न का होने पर क्या नुकसान जातक को उठाना पड़ सकता है। साथ ही जानते हैं कि शनि, राहु और केतु को किस तरह से प्रसन्न किया जा सकता है।
 
शनि
कुण्डली में शनि का मज़बूत होना तानाशाही का प्रतीक है यानि कि शनि मज़बूत होने पर सम्बन्धित व्यक्ति की बात सभी बड़े ध्यान से सुनते हैं। शनि के उच्च होने पर व्यक्ति स्वस्थ्य रहता है और लोग उसका कहा मानते हैं और उसका काम करते हैं। ऐसे लोगों को जीवनसाथी का भरपूर सहयोग मिलता है और परिवार पर किसी प्रकार की मुसीबत नहीं आती। शनि की मेहरबानी होने से सम्बन्धित व्यक्ति के पास एक से ज़्यादा मकान होते हैं और उसे कम मेहनत में भी अधिक लाभ मिल जाता है।
 
लेकिन यदि शनि कमज़ोर है, तो इस स्थिति में जातक को अपने चाचा की सेवा कर उन्हें सम्मान देना चाहिए साथ ही चमड़े की वस्तुओं, तवा, चिमटे आदि का दान करना चाहिए। किसी से भी बुरा बर्ताव नहीं करना चाहिए और ईमानदारी के साथ जीवन व्यतीत करना चाहिए। कुण्डली में शनि कमज़ोर होने पर, किसी पात्र में तेल लेकर उसमें अपनी परछाई देखें और उसे दान करें। कुण्डली में निम्न का शनि होने पर कोयला दान करना भी अच्छा माना गया है।
 
राहु
यदि कुण्डली में राहु की स्थि‍ति उच्च है, तो जातक हाज़िर जवाब देने वाला और अच्छा सलाहकार होता है। राहु की कृपा से उसे भरपूर मान-सम्मान और उच्च पद प्राप्त होता है और वह हर मुसीबत से आसानी से निकल भी जाता है। राहु की कृपा होने पर सम्बन्धित व्यक्ति के जीवन में कोई बड़ी अड़चन नहीं आती है और उसे हर तरह के सुख प्राप्त होते हैं।

लेकिन यदि आपकी कुण्डली में राहु निम्न स्थिति में है, तो किसी भी प्रकार का कबाड़ घर में न रखें। छत को साफ रखें और सीढ़ि‍यों पर भी सफाई रखें। हमेशा अपने ससुराल वालों का सम्मान करें। राहु के कुप्रभाव से बचने के लिए अपने वजन के बराबर कच्चा कोयला बहते हुए जल में प्रवाहित करने से राहु की स्थिति कुण्डली में मजबूत होती है। राहु को प्रसन्न करने के लिए जंग गले लोहे, तेजाब और नीली चीजों से सावधान रहें।
 
केतु
यदि कुण्डली में केतु उच्च स्थान का है, तो उसके कारण जातक को यश और कीर्ति मिलती है और ऐसे व्यक्ति को बेटे और बहनोई से सुख मिलता है और पत्नी भी जीवन भर साथ निभाने वाली होती है। केतु मज़बूत होने पर जातक अपने जीवन में काफ़ी तरक्की करता है। यदि जातक राजनीति में है, तो उसे हमेशा लाभ हासिल होता है। केतु के लाभकारी होने से सम्बन्धित व्यक्ति को संतान सुख मिलता है और उसकी संतान भी उन्नति करती है। 

लेकिन यदि कुण्डली में केतु निम्न स्थान पर है, तो वो अशुभ प्रभाव देता है। केतु को प्रसन्न करने के लिए मन्दिर में काला या सफेद कम्बल दान करना चाहिए। कोशिश करें कि गले में सोना नहीं पहनें और कुत्ता पालें या फ़िर उसकी सेवा करें। केसर का टीका लगाने से भी केतु प्रसन्न होते हैं।