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मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में नोटा ने ‘बिगाड़ा’ भाजपा का खेल

13 Dec 2018
भाजपा का बूथ मैनेजमेंट रहा ‘फ़ेल’, नोटा के कारण ‘बिगड़े’ भाजपा के समीकरण
 
DEC 13 (WTN) –
मध्य प्रदेश में 15 सालों के बाद भाजपा को विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है। कांटे की लड़ाई में भाजपा को 109 सीटों पर तो कांग्रेस को 114 सीटों पर जीत हासिल हुई है। भाजपा और कांग्रेस के बीच सिर्फ़ 5 सीटों के अंतर का मतलब है कि प्रदेश की जनता ने भाजपा को पूरी तरह से नहीं नकारा है। भाजपा की हार के पीछे की कई वजहें हो सकती हैं, लेकिन यदि आंकड़ों पर नज़र डाले तो भाजपा को कई सीटें मामली अंतर से गंवानी पड़ी हैं।
 
भाजपा का यदि बूथ मैनेजमेंट सही होता तो शायद इन सीटों पर भाजपा जीत हासिल कर सकती थी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कई सीटें ऐसी हैं जहां पर नोटा को हार-जीत के अंतर से ज्यादा मत मिले। मध्य प्रदेश में नोटा ने 22 सीटों पर चुनाव प्रभावित किया है और इसकी चपेट में भाजपा के चार मंत्री भी आए हैं।
 
नतीजों पर नज़र डालें तो कांग्रेस और भाजपा के बीच केवल 5 सीटों का अंतर है, लेकिन अगर आंकड़ों पर नज़र डालें तो पता चलता है कि नोटा ने कई सीटों पर नतीजे तय करने में अहम भूमिका निभाई है। मध्य प्रदेश में कम से कम 12 सीटें ऐसी हैं जहां नोटा ने भाजपा प्रत्याशियों का खेल बिगाड़ दिया।
 
दमोह
दमोह सीट से कांग्रेस के राहुल सिंह लोधी ने 78,199 वोटों के साथ इस सीट से जीत दर्ज की, वहीं दूसरे नम्बर पर भाजपा नेता और प्रदेश में वित्त मंत्री रहे जयंत मलैया को 78,299 वोट मिले। दोनों उम्मीदवारों की हार-जीत में केवल 798 वोटों का अंतर रहा और यहां पर नोटा को 1,299 वोट मिले।
 
गुन्नौर
गुन्नौर विधानसभा सीट से कांग्रेस के शिवदयाल बागारी ने चुनाव में 57,658 वोटों के साथ जीत हासिल की। इस सीट पर 55,674 वोटों के साथ भाजपा के राजेश वर्मा दूसरे नम्बर पर रहे। गुन्नौर में 3,734 लोगों ने यहां नोटा का बटन दबाया, जबकि इस सीट पर हार-जीत का अंतर सिर्फ़ 1,984 वोट रहा।
 
राजपुर

राजपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस के बाला बच्चन को 85,513 वोट मिले वहीं भाजपा के अंतर सिंह देवीसिंह पटेल को 84,581 वोट मिले। बाला बच्चन ने भाजपा के अंतरसिंह देवीसिंह पटेल को सिर्फ़ 932 वोटों के अंतर से हरायास जबकि इस सीट पर 2,485 लोगों ने नोटा का बटन दबाया।
 
राजनगर
राजनगर विधानसभा सीट से पर भी नोटा को वोट जीत-हार से ज़्यादा मिले। राजनगर सीट से कांग्रेस के विक्रम सिंह ने जीत हासिल की। उन्हें 40,362 वोट मिले, जबकि दूसरे नम्बर पर रहे भाजपा के अरविन्द पटेरिया को 39,630 वोट मिले। इस सीट पर जीत का अंतर सिर्फ़ 732 वोटों का रहा, जबकि इस सीट पर 2,485 लोगों ने नोटा को चुना।
 
नेपानगर
बुरहानपुर ज़िले की नेपानगर विधासनभा सीट पर कांग्रेस की उम्मीदवार सुमित्रा देवी कासडेकर विजयी रहीं और उन्हें 85,320 वोट मिले। जबकि दूसरे नम्बर पर रहीं भाजपा की मंजू राजेंद्र दादू को 84,056 वोट मिले। इस सीट पर कांग्रेस ने भाजपा को 1,264 वोटों से शिकस्त दी वहीं 2,551 लोगों ने नोटा का बटन दबाया।
 
सुवासरा
सुवासरा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार डांग हरदीप सिंह को 93,169 वोट मिले। उन्होंने इस सीट पर भाजपा के राधेश्याम नंदलाल पाटीदार को 92,189 मत मिले। इस तरह से हरदीप सिंह डांग ने राधेश्याम नंदलाल पाटीदार को 350 मतों से हराया। सुवासरा सीट पर 2,976 लोगों ने नोटा का बटन दबाया।
 
मांधाता
मांधाता विधानसभा सीट से कांग्रेस के नारायण पटेल को 71,228 वोट मिले, वहीं भाजपा के नरेंद्र सिंह तोमर को 69,992 वोट मिले। इस सीट पर कांग्रेस ने भाजपा को 1,236 वोटों के अंतर से हराया। यहां पर 1,575 लोगों ने नोटा का बटन दबाया।
 
जोबट 
जोबट विधानसभा सीट से कांग्रेस की कलावती भूरिया 46,067 वोटों के साथ चुनाव जीतीं। उन्होंने भाजपा के माधोसिंह डाबर को हराया जिन्हें 44,022 वोट मिले। इस सीट पर हार-जीत का अंतर 2,056 वोटों का रहा, जबकि इस सीट पर 5139 लोगों ने नोटा का बटन दबाया।
 
ब्यावरा
राजगढ़ ज़िले की ब्यावरा विधानसभा सीट पर कांग्रेस के गोवर्धन सिंह दांगी ने भाजपा के नारायण सिंह पंवार को हराया। कांग्रेस के गोवर्धन सिंह दांगी को 75,569 वोट मिले जबकि भाजपा के नारायण सिंह पंवार को 74,743 वोट मिले। इस इस सीट पर हार जीत का अंतर सिर्फ 826 वोटों का रहा, लेकिन इस सीट पर 1,481 लोगों ने नोटा का बटन दबाया।
 
ग्वालियर-दक्षिण
ग्वालियर-दक्षिण सीट पर कांग्रेस के प्रवीण पाठक ने भाजपा के नारायण सिंह कुशवाहा को पराजित कि या। कांग्रेस के प्रवीण पाठक को 56,369 वोट मिले, जबकि भाजपा के नारायण सिंह कुशवाहा को 56,238 मत मिले। इस तरह इस सीट पर कांग्रेस ने भाजपा को 121 वोटों से हराया। वहीं इस सीट पर 1,550 लोगों ने नोटा को चुना।
 
जबलपुर-उत्तर
जबलपुर-उत्तर सीट से कांग्रेस के विनय सक्सेना को 50,045 वोट मिले, जबकि भाजपा के शरद जैन को 49,467 वोट मिले। इस तरह इस सीट पर कांग्रेस ने भाजपा को 578 वोटों से शिकस्त दी। इस सीट पर 1209 लोगों ने नोटा का बटन दबाया।

बुरहानपुर
बुरहानपुर सीट से कांग्रेस के सुरेन्द्र सिंह को 98,561 मत मिले, जबकि भाजपा की अर्चना चिटनीस को 93,441 वोट मिले। इस सीट पर कांग्रेस ने भाजपा को 5,120 वोटों से शिकस्त दी, जबकि इस सीट पर 5,726 लोगों ने नोटा का बटन दबाया।