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जानिए दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक मेले कुम्भ की तैयारियों को

12 Jan 2019
तीन शाही स्नान के साथ 14 जनवरी, 2019 से 4 मार्च, 2019 तक चलेगा अर्धकुम्भ

JAN 12 (WTN) – सोमवार यानि 14 जनवरी, 2019 से प्रयागराज में अर्धकुम्भ प्रारम्भ हो जाएगा जो कि 4 मार्च, 2019 तक चलेगा। जैसा कि आप जानते हैं कि दुनिया के इस सबसे बड़े धार्मिक मेले कुम्भ की परम्परा पौराणिक मान्यताओं के अनुसार रही है। कहा जा रहा है कि इस बार अर्धकुम्भ में क़रीब 12 करोड़ से ज़्यादा श्रद्धालु आ सकते हैं। ऐसे में यूपी की योगी सरकार ने अर्धकुम्भ की पूरी तैयारियां कर ली हैं और कहा जा रहा है कि इस बार का अर्धकुम्भ हाईटेक होगा।
 
आइये आपको बताते हैं कि अर्धकुम्भ में किस तरह की व्यवस्थाएं यूपी की योगी सरकार द्वारा की गई हैं। अर्धकुम्भ में जहां आम भक्तों के लिए समान्य व्यवस्था के साथ टेंट हाउस बने हैं, तो वहीं वीआईपी और वीवीआईपी श्रद्धालुओं के लिए फाइव स्टार सुईट के साथ लग्जरी टेंट भी बनाए गए हैं।
 
अर्द्धकुम्भ की तैयारी में क़रीब 4,200 करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं। सीमित संसाधनों के चलते यूपी सरकार ने अर्धकुम्भ की तैयारियों के लिए केन्द्र सरकार से एक तिहाई से ज़्यादा राशि मांगी है, जो 2013 के कुम्भ मेले की राशि से तीन गुना ज़्यादा है।
 
अर्धकुम्भ के लिए पूरे देश से करोड़ों की तादात में भक्त प्रयागराज आएंगे इसके लिए रेलवे द्वारा 800 स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। वहीं प्रवासी भारतीयों के लिए दिल्ली से 5 स्पेशल ट्रेनें भी चलाई जाएंगी। वहीं रेलवे ने ट्रेन टिकिट पर लगने वाला मेला सरचार्ज खत्म कर दिया गया है। यह नया नियम 11 दिसम्बर से लागू हो चुका है।
 
विश्व के सबसे बड़े धार्मिक मेले कुम्भ के लिए रेलवे 41 प्रोजेक्ट पर क़रीब 700 करोड़ रुपए खर्च कर रही है। बड़ी तादात में आने वाले यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेलवे आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस आईबीएम इंटेलिजेंट वीडियो एनालिटिक्स के जरिए स्टेशन और भीड़ वाली जगहों पर नजर रखेगी ताकि किसी भी तरह के हादसों से निपटा जा सके।
 
ट्रेन के अलावा प्रयागराज आने के लिए दिल्ली, लखनऊ, पटना, इन्दौर, नागपुर, पुणे, रायपुर, भुवनेश्वर, बंगलुरू, भोपाल, देहरादून, मुम्बई, गोरखपुर, कोलकाता और लखनऊ से फ्लाइट सुविधा भी मिलेगी।

वहीं इनलैंड वाटरवेज अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया कुम्भ क्षेत्र में नावों और बोटों की व्यवस्था कर रही है। किलाघाट, सरस्वती घाट, नैनी ब्रिज और सुजावन घाट पर फ्लोटिंग टर्मिनल बनाए गये हैं। साथ ही सुजावन घाट से 20 किलोमीटर दूर किला घाट तक नाव और बोट की सुविधा होगी। इतना ही नहीं, वाराणसी से प्रयागराज के लिए एअरबोट चलेगी, जो एक बार में 80 किलोमीटर की रफ्तार से 16 लोगों को ले जा सकेगी।
 
करोड़ों लोगों के एक साथ एक जगह पर जमा होने की स्थिति में बीमारी और प्रदूषण फैलने से रोकने के लिए इंटेलीजेंस के अधिकारी बाकायदा मेडिकल टीम की मदद करेंगे। साथ ही अस्पतालों में भी पूरी व्यवस्थाएं की गई हैं। वहीं मेला क्षेत्र में स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए क़रीब 1 लाख 22 हजार टॉयलेट बनवाए गए हैं।
 
वहीं यूपी पुलिस भी अर्धकुम्भ में आम जनता की रक्षा और सहायता के लिए पूरी मुस्तैदी से तैनात रहेगी। यदि कुम्भ क्षेत्र में आपका अपना या आपकी कोई वस्तु खो जाती है या आप पार्किंग भूल जाते हैं, तो यूपी पुलिस की बनाई एप्लीकेशन और वेबसाइट आपके काफ़ी काम आ सकती है। इसमें आपको तमाम सुविधाओं के साथ-साथ एफ़आईआर दर्ज करने तक की सुविधा मिलेगी।
 
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कुम्भ क्षेत्र में लग्जरी टेंट सिटी इन्द्रप्रस्थम बसाया गया है। इसमें सबसे महंगे टेंट का किराया क़रीब 35 हज़ार रुपए होगा। इन्द्रप्रस्थम में कुल 600 टेंट बनेंगे, जिनमें से 200 लग्जरी (किराया 16 हजार रुपए) और 250 डीलक्स (किराया 12 हजार रुपए) टेंट होंगे।
इसी तरह कुम्भ कैनवास टेंट सिटी में 2500 रुपए में एक रात और 1000 रुपए प्रति बेड के हिसाब से भी टेंट की सुविधा दी जाएगी। टेंट बनाने वाली 5 कम्पनियां यूपी सरकार के साथ टेंट सिटी बसाने को लेकर काम कर रही हैं।
 
कुम्भ क्षेत्र के 1300 हेक्टेयर क्षेत्र में कुल 94 पार्किंग हैं, जिनमें 5 लाख गाड़ियां पार्क करने की सुविधा होगी। यात्रियों की सुविधा के लिए मेला क्षेत्र में शटल बस और ई-रिक्शा भी चलेंगे। पेंट माय सिटी के तहत पूरे प्रयागराज शहर और मेला क्षेत्र में 15 लाख वर्ग फीट क्षेत्र में शानदार आकर्षक आर्ट वर्क किया गया है। कुम्भ क्षेत्र में पांच बड़े सांस्कृतिक पंडाल बनाए जाएंगे। इनमें गंगा पंडाल सबसे बड़ा होगा। इसमें लोक नृत्य और बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा।